राज्यसभा सचिवालय
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राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया के अरुशा में आयोजित 153वीं आईपीयू विधानसभा के तीसरे दिन, 7 अक्टूबर 2026 को अपनी भागीदारी जारी रखी

प्रविष्टि तिथि: 08 OCT 2026 1:01PM by PIB Delhi

राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने 153वीं आईपीयू सभा की बैठकों में भाग लिया और "समावेशिता, विश्वास और सभी के लिए अवसरों के माध्यम से सुशासन को बढ़ावा देना और समुदायों को सशक्त बनाना" विषय पर आम चर्चा में शामिल हुए। उपसभापति ने सांसदों से सुशासन को आगे बढ़ाने के लिए पारदर्शिता को सुदृढ करने, जवाबदेही बनाए रखने और जनता के विश्वास को कायम रखने का आग्रह किया।

लोकसभा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने 'विभिन्न पीढ़ियों में मानसिक स्वास्थ्य: डिजिटल अतिभार, आर्थिक दबाव और अनिश्चितता से निपटना' विषय पर आयोजित कार्यशाला में भाग लिया।

लोकसभा सांसद श्रीमती अपराजिता सारंगी ने संयुक्त राष्ट्र मामलों की स्थायी समिति में ' एक सुधारित संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के प्रतिबिंब के रूप में तंजानिया में संयुक्त राष्ट्र देश टीम, ' विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भाग लिया।

लोकसभा सांसद श्रीमती बिजुली कलिता मेधी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर गठित कार्य समूह में भाग लिया। उन्होंने सतत विकास संबंधी स्थायी समिति में 'पर्वतीय और समुद्री इकोसिस्‍टम की रक्षा और 2030 तक 30 प्रतिशत संरक्षण लक्ष्य प्राप्त करने के लिए संसदीय नेतृत्व' शीर्षक वाले आगामी प्रस्ताव पर हुई बहस में भी भाग लिया।

लोकसभा सांसद श्रीमती कमलजीत सहरावत ने 'शांति के लिए प्रतिबद्धताओं से परे: अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के प्रवर्तन में संसदों की भूमिका' विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भाग लिया। उन्होंने 'बाल अधिकारों की सेवा करने वाली नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा ' विषय पर कार्यशाला और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के सम्मान को बढ़ावा देने से जुडी समिति की बैठक में भी भाग लिया।

लोकसभा सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने 'हमारी थाली में क्या है? बदलते जलवायु में स्वस्थ भोजन का वितरण' विषय पर आयोजित कार्यशाला में भाग लिया।

राज्यसभा सांसद डॉ. सस्मित पात्रा ने अगले संक‍ल्‍प, जिसकी थीम 'संघर्ष के समय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा : अंतर्राष्ट्रीय नौवहन और वैश्विक आर्थिक स्थिरता की रक्षा में संसदों की भूमिका' थी- पर आयोजित शांति और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर स्थायी समिति की विशेषज्ञ सुनवाई में भाग लिया।

राज्यसभा के उपसभापति के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने रूस की संघीय सभा की संघ परिषद के उपसभापति कॉन्स्टेंटिन कोसाचेव के साथ द्विपक्षीय बैठक और पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा की।

राज्यसभा के उपसभापति ने आईपीयू की निवर्तमान अध्यक्ष सुश्री तुलिया एकसन से मुलाकात की और आईपीयू के कामकाज को समावेशी और जीवंत बनाने के उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में संसदीय लोकतंत्र को गहरा और व्यापक बनाने के उनके समन्वित प्रयासों की प्रशंसा की।

राज्यसभा के महासचिव ने अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की महासचिव चुनी गईं सुश्री आंदा फिलिप से मुलाकात की। आईपीयू के 137 साल के इतिहास में यह पद संभालने वाली वह पहली महिला हैं। यह मुलाकात तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित आईपीयू की 152वीं सभा में हुई। उन्होंने लोकतंत्र और शांति को बढ़ावा देने के आईपीयू के आदर्शों के प्रति भारत की संसद के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। अपनी बातचीत समाप्त करते हुए उन्होंने आंदा फिलिप के सफल और यादगार कार्यकाल की कामना की।

राज्यसभा के उपसभापति के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा के कार्यसूची में आपातकालीन मद को शामिल करने के लिए हुए मतदान में भाग लिया। मतदान के बाद, अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) के अध्यक्ष ने घोषणा की कि नेपाल द्वारा प्रस्तावित और भारत सहित अन्य देशों द्वारा समर्थित मद, "जलवायु संबंधी आपदाओं से निपटने और हिमालयी क्षेत्र तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में गतिशीलता सुदृढ करने के लिए तत्काल संसदीय कार्रवाई", को अरुशा में आयोजित अंतर-संसदीय संघ की 153वीं विधानसभा के आपातकालीन मद के रूप में अपनाया गया है।

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