कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन के कार्य बिंदुओं पर नौ समितियों की प्रगति की समीक्षा की
प्रविष्टि तिथि:
07 OCT 2026 5:59PM by PIB Delhi
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन से उभरे प्रमुख कार्य बिंदुओं पर विचार करने के लिए गठित नौ समितियों की प्रगति की आज समीक्षा की। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने की।
ये समितियां उच्च शिक्षा, कौशल, नवाचार और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देते हुए, विकसित भारत के लिए मानव पूंजी को मजबूत करने के उद्देश्य से 28 कार्य बिंदुओं पर काम कर रही हैं। यह समीक्षा समितियों द्वारा की गई प्रगति का आकलन करने और समय पर कार्रवाई योग्य सिफारिशें तैयार करने में सहायता के लिए की गई थी।

डॉ. एम. एल. जाट ने बैठक को संबोधित करते हुए विकसित भारत की दिशा में मानव पूंजी और उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए साक्ष्य-आधारित, मापन योग्य और कार्यान्वयन अनुकूल अनुशंसाओं की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुशंसाओं को प्रासंगिक आंकड़ों, दस्तावेजी साक्ष्यों और सर्वोत्तम प्रथाओं से समर्थित होना चाहिए, जिससे प्रभावी कार्यान्वयन और मापन योग्य परिणाम प्राप्त हो सकें।
आईसीएआर के उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. यशपाल सिंह मलिक ने अपने आरंभिक संबोधन में निर्धारित समयसीमा के भीतर चिन्हित कार्य बिंदुओं को का समाधान करने के लिए समितियों के समन्वित प्रयासों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की चर्चाओं को ठोस और कार्यान्वयन अनुकूल परिणामों में बदलने के लिए एक संरचित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक के दौरान, नौ समितियों के सदस्य सचिवों ने अपने-अपने कार्य बिंदुओं पर हुई प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रस्तुतियों में प्रमुख उपलब्धियों, चिन्हित क्षेत्रों में हुई प्रगति, मौजूदा कमियों और प्रस्तावित अनुशंसाओं को शामिल किया गया। चर्चाओं में प्रासंगिक आंकड़ों, साक्ष्यों और सर्वोत्तम प्रथाओं के माध्यम से अनुशंसाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
इस समीक्षा से समितियों की प्रगति का आकलन करने, आगे ध्यान देने योग्य क्षेत्रों की पहचान करने और उच्च शिक्षा, कौशल, नवाचार तथा क्षमता विकास को मजबूत करने की दिशा में चल रहे प्रयासों में समन्वय स्थापित करने का अवसर मिला।
बैठक का समापन समितियों द्वारा साक्ष्य-आधारित, मापन योग्य और कार्यान्वयन योग्य अनुशंसाओं को समय पर प्रस्तुत करने पर बलदेने के साथ हुआ, ताकि उन पर आगे विचार और कार्रवाई की जा सके।
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पीके/केसी/आरटी/एमकेएस
(रिलीज़ आईडी: 2320320)
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