इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
इंडियाएआई मिशन ने भारत के एआई प्रतिभा पारितंत्र को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आंध्र प्रदेश में एआईकोश विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया
इंडियाएआई मिशन ने एनआईटी आंध्र प्रदेश में एआईकोश विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम के माध्यम से शैक्षणिक भागीदारी को और सुदृढ़ किया
प्रविष्टि तिथि:
06 OCT 2026 8:37PM by PIB Delhi
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत इंडियाएआई मिशन ने 5 अक्तूबर 2026 को ताडेपल्लीगुडेम स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आंध्र प्रदेश में एआईकोश विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम (यूईपी) का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य एआई के बारे में जागरूकता को सुदृढ़ करना, एआई संसाधनों तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाना और छात्रों को भारत के तेजी से बढ़ते कृत्रिम बुद्धिमत्ता पारितंत्र में भाग लेने के लिए आवश्यक ज्ञान और उपकरणों से लैस करना था।
मार्च 2024 में भारत सरकार द्वारा अनुमोदित, इंडियाएआई मिशन नवाचार को बढ़ावा देकर, जिम्मेदार एआई विकास को सक्षम बनाकर, स्वदेशी एआई क्षमताओं को सुदृढ़ करके और यह सुनिश्चित करके कि एआई के लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचें, भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनाने के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है।
मिशन के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में, एआईकोश भारत के एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है, जो उच्च गुणवत्ता वाले डेटासेट, एआई मॉडल, टूलकिट, बेंचमार्क और अन्य महत्वपूर्ण संसाधनों तक पहुंच प्रदान करता है, जो अनुसंधान और एआई एप्लीकेशंस के विकास में सहायता करते हैं। एआईकोश विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम के माध्यम से, इंडियाएआई मिशन का उद्देश्य छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों को इन राष्ट्रीय एआई संसाधनों से परिचित कराना तथा व्यावहारिक ज्ञानार्जन और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम के तहत, एनआईटी आंध्र प्रदेश के 160 से अधिक छात्रों ने विशेषज्ञ सत्रों, लाइव प्रदर्शनों और व्यावहारिक गतिविधियों में भाग लिया, जो उन्हें एआईकोश और व्यापक इंडियाएआई पारितंत्र से परिचित कराने के लिए तैयार किए गए थे। प्रतिभागियों ने एआईकोश एमसीपी (मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल) और एआईकोश एसडीके (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट) को भी एक्स्प्लोर किया, जो उपयोगकर्ताओं को प्राकृतिक भाषा के माध्यम से डेटासेट और एआई मॉडल खोजने में सक्षम बनाते हैं। इससे राष्ट्रीय एआई संसाधनों तक पहुंच सरल होती है और डेवलपर्स तथा गैर-डेवलपर्स दोनों के लिए बाधाएं कम होती हैं।
इस पहल के बारे में बोलते हुए, इंडियाएआई मिशन के निदेशक, मोहम्मद वाई. सफीरुल्ला के आईएएस ने कहा: “माननीय प्रधानमंत्री के एआई को लोकतांत्रिक बनाने के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, इंडियाएआई मिशन इस प्रतिबद्धता को देश भर के परिसरों तक पहुंचाना जारी रखे हुए है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आंध्र प्रदेश में, हम उन्हीं तीन स्तंभों—लोग, पृथ्वी और प्रगति—को नई पीढ़ी के उन छात्रों के माध्यम से साकार होते देख रहे हैं, जो भारत के एआई पारितंत्र से जुड़ने के लिए तैयार हैं और जिन्होंने हमारे कार्य को आधार प्रदान किया है। एआईकोश विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम इस दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने का माध्यम है: छात्रों के लिए वास्तविक डेटासेट, वास्तविक मॉडल और देश की एआई यात्रा में योगदान देने के वास्तविक अवसर।”
इस गठजोड़ का स्वागत करते हुए, एनआईटी आंध्र प्रदेश के निदेशक, डॉ. के.वी. कृष्ण राव ने कहा: “एआईकोश प्लेटफॉर्म के माध्यम से, हम देश के लिए एक सशक्त ज्ञान हस्तांतरण प्रणाली का निर्माण कर रहे हैं, जो भारतजेन जैसे आधारभूत प्रयासों पर आगे बढ़ रही है। वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने के लिए, देश के सकारात्मक विकास को गति देने हेतु एआई की क्षमता का उपयोग करने में एआईकोश जैसे प्लेटफॉर्म आवश्यक हैं।”
एआईकोश विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम के अगले चरण के तहत, छात्रों को एआईकोश ओपन-सोर्स समुदाय और एआईकोश पर संस्थान की संस्थागत प्रोफाइल के माध्यम से डेटासेट में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्हें मौजूदा डेटासेट को समृद्ध करने और जनहित से जुड़े उपयोग के मामलों को ध्यान में रखते हुए एआई एप्लीकेशंस के प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। छात्रों के उत्कृष्ट नेतृत्व वाले योगदानों को भविष्य में सम्मान के लिए विचारार्थ लिया जा सकता है, जिससे एआई साक्षरता और डेटासेट की खोज से नवाचार तथा वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान तक पहुंचने का मार्ग तैयार होगा।
एआईकोश विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसे उच्च शिक्षण संस्थानों में एआई के उपयोग को और सुदृढ़ करने के लिए तैयार किया गया है। इसके तहत छात्रों, शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों को भारत की राष्ट्रीय एआई अवसंरचना से परिचित कराया जाता है। वर्तमान में, एआईकोश पर 16,000 से अधिक डेटासेट, 350 से अधिक एआई मॉडल और 200 से अधिक उपयोग के मामले उपलब्ध हैं, जो शोधकर्ताओं, स्टार्टअप, डेवलपर्स और छात्रों को विश्वसनीय राष्ट्रीय संसाधनों का उपयोग करके एआई समाधान तैयार करने में सक्षम बनाते हैं।
एनआईटी आंध्र प्रदेश में आयोजित यह कार्यक्रम एआई के लिए तैयार प्रतिभाओं का एक सशक्त समूह तैयार करने और देश के लिए समावेशी, जिम्मेदार तथा नवाचार-प्रेरित एआई पारितंत्र के निर्माण के इंडियाएआई मिशन के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है। एआईकोश विश्वविद्यालय सहभागिता कार्यक्रम के माध्यम से, मिशन देश भर के शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहभागिता जारी रखेगा और ऐसे परिसर-स्तरीय एआई समुदायों को बढ़ावा देगा, जो डेटासेट, मॉडल, एप्लीकेशंस और अनुसंधान में योगदान देने के साथ-साथ जिम्मेदार एआई को अपनाने को भी बढ़ावा दें।
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पीके/केसी/आरटी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2319898)
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