सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

कचरा उठाने से लेकर बेहतर वित्तीय सुरक्षा तक  सुश्री कोमारागिरी अंकामा का सफ़र

प्रविष्टि तिथि: 25 SEP 2026 6:59PM by PIB Delhi

आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में सुश्री कोमारागिरी अंकामा ने 25 वर्षों तक कचरा उठाने का काम किया और इससे होने वाली मामूली आय से अपने परिवार का भरण-पोषण किया।

स्वच्छता उद्यमी योजना (एसयूवाई) के अंतर्गत मिली मदद से उन्हें अपनी आजीविका बेहतर बनाने और ज़्यादा वित्तीय सुरक्षा प्राप्त करने में मदद मिली।

अनुसूचित जनजाति समुदाय से आने वाली 45 वर्षीय सुश्री कोमारागिरी अंकामा ने बचपन में अपने माता-पिता के साथ कचरा उठाने का काम करना शुरू कर दिया था क्योंकि उनका परिवार उनकी पढ़ाई का खर्च नहीं उठा सकता था। सीमित आय, मुश्किल हालात एवं सामाजिक भेदभाव के कारण उनके परिवार के लिए घर की ज़रूरतें पूरी करना या आपातकालीन स्थितियों के लिए बचत करना बहुत ही मुश्किल था।

सुश्री अंकामा सप्ताह में छह दिन काम करके और कचरा उठाकर रोज़ाना लगभग 150–200 रुपये कमाती थीं। उन्हें उम्मीद थी कि वह अपने परिवार के रहन-सहन को बेहतर बना पाएंगी और आमदनी का एक ज़्यादा भरोसेमंद स्रोत प्राप्त कर सकेंगी।

19 जून 2023 को, सुश्री अंकामा को एसयूवाई के तहत पांच सदस्यों वाली ग्रुप परियोजना के भाग के रूप में नवजीवन संस्थान के माध्यम से मदद मिली। इस परियोजना की कुल लागत 49,96,925 रुपये थी, जिसमें 31,22,695 रुपये ऋण और 18,74,230 रुपये की अग्रिम पूंजी सब्सिडी के रूप में थी। इस मदद से उन्हें अपनी आजीविका को बेहतर बनाने में मदद मिली।

इस योजना से मिली मदद पर खुशी व्यक्त करते हुए सुश्री अंकामा ने कहा, "लगभग 10,000 रुपये की अतिरिक्त मासिक आय से मुझे अपने परिवार की आर्थिक सुरक्षा मज़बूत करने में मदद मिली है।"

केस रिकॉर्ड के अनुसार, मदद मिलने के बाद उनकी आमदनी में प्रति माह लगभग 10,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। मदद मिलने से पहले और बाद की आमदनी के आंकड़ों से पता चलता है कि उनकी मासिक आय लगभग 8,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई है। अब वह घर का खर्च आसानी से उठा सकती हैं और भविष्य की ज़रूरतों के लिए बचत कर सकती हैं।

सुश्री अंकामा और उनके परिवार के लिए, आमदनी में बढ़ोतरी होने से ज़्यादा स्थिरता एवं आत्मविश्वास आया है। उनकी कहानी से पता चलता है कि कचरा उठाने वालों को आर्थिक मदद मिलने से उनकी आजीविका मज़बूत हो सकती है और रोज़मर्रा की ज़िंदगी बेहतर हो सकती है।

******

पीके/केसी/आरटी/एके


(रिलीज़ आईडी: 2315112) आगंतुक पटल : 74
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Telugu