आयुष
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने जन-जागरूकता रैली, संगोष्ठी एवं पुस्तक विमोचन के साथ मनाया 11वां आयुर्वेद दिवस–2026
प्रविष्टि तिथि:
23 SEP 2026 9:22PM by PIB Delhi
आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्वायत्त संगठन, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली द्वारा अपने परिसर में 11वां आयुर्वेद दिवस–2026 विभिन्न शैक्षणिक, जागरूकता एवं जनसंपर्क गतिविधियों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दो प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए गए।
आयुर्वेद दिवस के अवसर पर प्रातःकाल “आयुर्वेद जन-जागरूकता रैली” का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य आयुर्वेद को बढ़ावा देना, इसके सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार करना तथा स्वस्थ जीवनशैली एवं समग्र स्वास्थ्य देखभाल में आयुर्वेद की भूमिका के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना था।
रैली में प्रो. (वैद्य) पी.के. प्रजापति, निदेशक, AIIA ने प्रो. (डॉ.) मंजूषा राजगोपाला, डीन, डी.यू.; प्रो. (डॉ.) महेश व्यास, डीन, पीएच.डी.; प्रो. (डॉ.) रमाकांत यादव, डीन, पी.जी.; डॉ. योगेश बडवे, एम.एस.; तथा संस्थान के संकाय सदस्यों, गैर-संकाय सदस्यों, पीएच.डी. एवं स्नातकोत्तर (पी.जी.) शोधार्थियों और कर्मचारियों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अपराह्न में “वन हेल्थ, वन फ्यूचर: इंटीग्रेटिंग साइंस थ्रू एविडेंस, इनोवेशंस एंड होलिस्टिक केयर” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) रविचंदिरन वी., कुलपति, दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (DPSRU) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए AIIA के प्रयासों की सराहना की तथा संस्थान द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रशंसा की। डॉ. विनय चौधरी, चिकित्सा अधिकारी, आयुष विभाग, भारत सरकार कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में ऑटोइम्यून विकारों विषय पर व्याख्यान दिया।
प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति, निदेशक, AIIA ने आयुर्वेद जागरूकता अभियानों में सामूहिक सहभागिता तथा संस्थान की जनसंपर्क गतिविधियों के अंतर्गत आयुर्वेद के प्रति जनभागीदारी को सुदृढ़ करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अपने संबोधन में आयुर्वेद दिवस के अवसर पर AIIA द्वारा आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ के विजन के अनुरूप, आयुर्वेद आज भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य विरासत से आगे बढ़कर वैश्विक स्वास्थ्य विमर्श का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। इन समारोहों के अंतर्गत संस्थान के विभिन्न विभागों द्वारा आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य देखभाल के विविध पहलुओं पर संगोष्ठियों, विशेषज्ञ व्याख्यानों, वेबिनार, जन-जागरूकता कार्यक्रमों तथा रोगी-केंद्रित गतिविधियों का आयोजन किया गया है।”
उन्होंने यह भी बताया कि AIIA द्वारा आयुर्वेद को समर्पित विशेष टॉक शो “आयुर्वार्ता” का शुभारंभ किया गया। संस्थान द्वारा आयुर्प्रभा 2026, आयुर्वेद त्वचा विज्ञान एवं कॉस्मेटोलॉजी पर छह दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया तथा NTPC स्कूल के विद्यार्थियों के लिए विशेष नेत्र-जांच शिविर भी आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त कई अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
इस अवसर पर दो पुस्तकों का भी विमोचन किया गया—“Tarangini Sara Sangraha” तथा “Integrative Healthcare for Better Outcomes”।





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SR/SV/SG
(रिलीज़ आईडी: 2314196)
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