सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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आर्थिक समावेशन पहल से वंचित समुदायों के बीच उद्यमिता, आजीविका और पुनर्वास को बढ़ावा


अनुसूचित जातियों के उद्यम पूंजी कोष से 145 कंपनियों के लिए 613 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत; पिछड़े वर्गों के उद्यम पूंजी कोष से 31 कंपनियों के लिए लगभग 143 करोड़ रुपये मंजूर

निवेश से लगभग 800 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति निर्मित, 4,500 रोजगार सृजित

भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए 46 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी

प्रविष्टि तिथि: 22 SEP 2026 6:04PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय  अपने आर्थिक समावेशन प्रभाग द्वारा वंचित समुदायों के लिए उद्यमिता, आजीविका सृजन और पुनर्वास सहायता प्रदान कर रहा है।

इस प्रमुख पहल में अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष -वीसीएफ-एससी, पिछड़े वर्गों के लिए उद्यम पूंजी कोष और आजीविका और उद्यम योजना के तहत वंचित व्यक्तियों के समर्थन के तहत भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों की व्यापक पुनर्वास सहायता शामिल हैं।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के आर्थिक समावेशन प्रभाग की उप महानिदेशक सुश्री प्रतिमा गुप्ता ने बताया कि कुल 750 करोड़ रुपये की राशि वाला अनुसूचित जातियों का उद्यम पूंजी कोष 4 प्रतिशत की ब्याज दर पर 10 लाख रुपये से लेकर 15 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2025-26 तक, अनुसूचित जाति के उद्यमियों को व्यवसाय स्थापित करने, उत्पादक संपत्ति बनाने और रोजगार सृजित करने में सक्षम बनाने में इस कोष की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

आर्थिक समावेशन प्रभाग की उप महानिदेशक ने कहा कि मई 2026 तक इस कोष से 145 कंपनियों के लिए 613.02 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है जिसमें 437.74 करोड़ रुपये 123 कंपनियों को वितरित किए जा चुके हैं।

सुश्री प्रतिमा गुप्ता ने कहा कि अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष का उद्देश्य व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य उद्यमों की स्थापना और विस्तार के लिए रियायती वित्तीय सहायता प्रदान कर अनुसूचित जाति के लोगों के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि इस कोष से मंत्रालय ने 30 सितंबर, 2020 को अंबेडकर सोशल इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन मिशन आरंभ की, जो अनुसूचित जाति के युवा शोधकर्ताओं और छात्रों द्वारा विकसित नवोन्मेषी विचारों को 30 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि अंबेडकर सामाजिक नवाचार और ऊष्मायन मिशन के तहत 114 कंपनियों को 29.11 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है , जबकि 91 कंपनियों को 13.27 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। इस मिशन का उद्देश्य अनुसूचित जाति के युवा उद्यमियों के बीच नवाचार का पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर प्रौद्योगिकी-आधारित और सामाजिक रूप से प्रासंगिक उद्यमों को बढ़ावा देना है।

आर्थिक समावेशन प्रभाग की उप महानिदेशक ने पिछड़े वर्गों के लिए उद्यम पूंजी कोष के बारे में बताया कि पिछड़े वर्गों के लोगों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए यह अक्टूबर 2019 में शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपये के साथ संचालित यह कोष 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर 20 लाख रुपये से लेकर 15 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

सुश्री प्रतिमा गुप्ता ने कहा कि इसके तहत 31 कंपनियों के लिए 142.88 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर की गई है , जिसमें से अब तक 19 कंपनियों को 70.23 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं ।

आर्थिक समावेशन प्रभाग की उप महानिदेशक ने कहा कि उद्यम पूंजी कोष से अनुसूचित जाति के 329 उद्यमियों और पिछड़े वर्गों के 35 उद्यमियों को सहायता मिली है और दोनों को मिलाकर इन निवेशों से लगभग 4,500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि इन कोषों की सहायता से उद्यमों ने लगभग 800 करोड़ रुपये की स्थायी उत्पादक परिसंपत्तियां निर्मित की हैं, जिनसे अगले 12 से 15 वर्षों में आर्थिक गतिविधि, बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार सृजन में योगदान की संभावना है।

सुश्री प्रतिमा गुप्ता ने कहा कि आजीविका और उद्यम के लिए हाशिए पर पड़े व्यक्तियों की सहायता संबंधी- स्माइल योजना के तहत भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए मंत्रालय का व्यापक दृष्टिकोण है। इससे भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों की पहचान, एकत्रीकरण, बचाव, आश्रय, परामर्श, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, कौशल विकास, आजीविका सहायता और पुनर्एकीकरण शामिल है।

सुश्री प्रतिमा गुप्ता ने बताया कि 23 अक्टूबर, 2023 को यह पहल आंरभ होने के बाद से वित्त वर्ष 2025-26 तक, केंद्र सरकार द्वारा 46.16 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इसमें से 27.17 करोड़ रुपये की राशि अकेले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जारी की गई है।

उन्होंने कहा कि इन सभी पहल से, आर्थिक समावेशन प्रभाग उद्यमिता सक्षमता, उद्यमशीलता समर्थन, रोजगार सृजन और वंचित समुदायों के सम्मानजनक पुनर्वास और आर्थिक समावेशन को सुगम बनाकर सामाजिक न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ रहा है।

 

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पीके/केसी/आरटी/एकेवी/केएस


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