सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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 ‘अव्यय’ देश भर में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, देखभाल और गरिमापूर्ण जीवन को मजबूत बना रहा है; साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए संस्थागत देखभाल और राज्य-विशिष्ट सहायता भी प्रदान कर रहा है


आईपीएसआरसी और एसएपीएसआरसी कार्यक्रमों के तहत 1089.58 करोड़ रुपये व्यय किए गए

वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान आईपीएसआरसी के तहत 10.76 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को सहायता प्रदान की गई

प्रविष्टि तिथि: 18 SEP 2026 7:23PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने ‘वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (आईपीएसआरसी) और ‘वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्य योजना (एसएपीएसआरसी) के तहत लगभग 1089.58 करोड़ रुपये जारी किए हैं। देश भर में वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान ‘वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (आईपीएसआरसी) के तहत 10.76 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हुए हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान आईपीएसआरसी कार्यक्रम के तहत लगभग 953.53 करोड़ रुपये व्यय किए गए।

श्री पंत ने कहा कि केन्द्र सरकार ‘अटल वयो अभ्युदय योजना (अव्यय) के जरिए वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, देखभाल, सुरक्षा और गरिमा को मजबूत कर रही है। यह व्यापक योजना देश भर में संस्थागत और समुदाय-आधारित सहायता प्रणालियों को मजबूत करके स्वस्थ, सार्थक और गरिमापूर्ण बुढ़ापे को बढ़ावा दे रही है।

श्री पंत ने कहा कि अव्यय में आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सेवा, सहायक उपकरण, हेल्पलाइन सेवाएं, क्षमता विकास, देखभाल करने वालों का प्रशिक्षण और सक्रिय बुढ़ापे से जुड़े उपाय शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इसके मुख्य घटकों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (आईपीएसआरसी), वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्य योजना (एसएपीएसआरसी), राष्ट्रीय वयोश्री योजना (आरवीवाई), वरिष्ठ नागरिकों के लिए एल्डरलाइन-राष्ट्रीय हेल्पलाइन और वृद्धों की देखभाल करने वालों का प्रशिक्षण शामिल हैं।

श्री पंत ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (आईपीएसआरसी) वरिष्ठ नागरिकों को आश्रय, भोजन, चिकित्सीय देखभाल और मनोरंजन जैसी जरूरी सुविधाएं प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि यह सरकारी संस्थानों, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, गैर-सरकारी संगठनों और समुदाय-आधारित संगठनों की क्षमता बढ़ाकर सार्थक एवं  सक्रिय बुढ़ापे को बढ़ावा भी देता है।


 

सचिव महोदय ने बताया कि वित्त वर्ष 2019-20 में शुरू की गई वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्य योजना (एसएपीएसआरसी) के तहत कुल 136.05 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों को उनकी खास रूरतों के आधार पर उपायों लागू करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

श्री पंत ने आगे कहा कि इस घटक के तहत किए जा रहे उपायों में जागरूकता अभियान, संवेदनशीलता कार्यक्रम, मोतियाबिंद की शल्य चिकित्सा और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण एवं हितों से संबंधित अन्य उपाय शामिल हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आईपीएसआरसी और एसएपीएसआरसी के जरिए सरकार संस्थागत देखभाल को मजबूत कर रही है और राज्यों व केन्द्र-शासित प्रदेशों को वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और सशक्तिकरण हेतु स्थानीय स्तर पर उपयुक्त उपाय विकसित करने में सक्षम बना रही है।

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पीके/केसी/आर / डीए


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