सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अगस्त 2026 के मासिक बुलेटिन पर प्रेस नोट
समग्र श्रम बल भागीदारी में और वृद्धि दर्ज की गई
ग्रामीण क्षेत्रों में कामगार - जनंसख्या अनुपात में मजबूती, शहरी क्षेत्रों में स्थिरता
ग्रामीण बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई
प्रविष्टि तिथि:
15 SEP 2026 4:00PM by PIB Delhi
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संक्षिप्त विवरण:
- अगस्त 2026 में समग्र एलएफपीआर (15+ वर्ष) बढ़कर 55.6 प्रतिशत हो गया, जो जुलाई 2026 में 55.4 प्रतिशत था।
- ग्रामीण क्षेत्रों में एलएफपीआर (15 वर्ष और उससे अधिक आयु) अगस्त 2026 में 58.2 प्रतिशत रहा, जो अगस्त 2025 की तुलना में 1.2 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्शाता है।
- अगस्त 2026 में समग्र महिला एलएफपीआर (15 वर्ष और उससे अधिक आयु) 34.8 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो अगस्त 2025 में दर्ज किए गए स्तर से 1.1 प्रतिशत अंक अधिक है।
- 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों का समग्र कामगार – जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) अगस्त 2026 में बढ़कर 52.8 प्रतिशत हो गया, जो मार्च 2026 के बाद दर्ज किया गया उच्चतम स्तर है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों का डब्ल्यूपीआर अगस्त 2026 में वर्ष-दर-वर्ष 1.3 प्रतिशत अंक बढ़कर 55.8 प्रतिशत हो गया।
- 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की समग्र बेरोजगारी दर (यूआर) अगस्त 2026 में 5.0 प्रतिशत पर स्थिर रही।
- ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर अगस्त 2026 में घटकर 4.1 प्रतिशत हो गई, जो जनवरी 2026 के बाद दर्ज किया गया सबसे निम्न स्तर है।
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ए. परिचय
राष्ट्रीय सांख्यकीय कार्यालय (एनएसओ), सांख्यकीय और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा संचालित आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस), जनसंख्या की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी तथा रोजगार एवं बेरोजगारी संबंधित आंकड़ों का प्रमुख स्रोत है। देश के लिए श्रम बल संकेतकों के मासिक और त्रैमासिक अनुमान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनवरी 2025 से पीएलएफएस सर्वेक्षण पद्धति में संशोधन किया गया है।
पीएलएफएस के मासिक परिणाम मासिक बुलेटिन के रूप में जारी किए जाते हैं। इनमें वर्तमान साप्ताहिक स्थिति के दृष्टिकोण के आधार पर अखिल भारतीय स्तर पर श्रम बाजार संकेतकों जैसे श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर), कामगार- जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) और बेरोजगारी दर (यूआर) के अनुमान प्रस्तुत किए जाते हैं।
अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 तक के मासिक बुलेटिन पहले ही जारी किए जा चुके हैं। अगस्त 2026 का यह मासिक बुलेटिन इस श्रृंखला का सत्रहवां बुलेटिन है।
सीडब्ल्यूएस के अनुसार 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए प्रमुख निष्कर्ष:
- श्रम बल सहभागिता दर (एलएफपीआर) में मजबूती:
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की समग्र श्रम बल सहभागिता दर (एलएफपीआर) जुलाई 2026 के 55.4 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त 2026 में 55.6 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी प्रकार का रुझान देखा गया है, जहां अगस्त 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की एलएफपीआर जुलाई 2026 के 58.0 प्रतिशत से बढ़कर 58.2 प्रतिशत हो गई। शहरी क्षेत्रों में एलएफपीआर अगस्त 2026 में 50.4 प्रतिशत पर स्थिर रही, जो पिछले महीने का समान स्तर है।
पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में समग्र एलएफपीआर में 0.6 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई और यह अगस्त 2025 के 55.0 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त 2026 में 55.6 प्रतिशत हो गई। इसी अवधि के दौरान ग्रामीण एलएफपीआर में भी 1.2 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई, जो 57.0 प्रतिशत से बढ़कर 58.2 प्रतिशत हो गई, जबकि शहरी एलएफपीआर में 0.5 प्रतिशत अंक की मामूली गिरावट आई, जो 50.9 प्रतिशत से घटकर 50.4 प्रतिशत हो गया।

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ग्रामीण क्षेत्र में एलएफपीआर पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 1.2 प्रतिशत अंक बढ़कर अगस्त 2026 में 58.2 प्रतिशत हो गई
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- महिला श्रम बल भागीदारी में वृद्धि की गति जारी:
समग्र महिला एलएफपीआर में जुलाई 2026 के 34.4 प्रतिशत से अगस्त 2026 में 34.8 प्रतिशत तक मामूली वृद्धि दर्ज की गई। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की महिला एलएफपीआर का योगदान मुख्य रूप से रहा, जो पिछले महीने के 38.8 प्रतिशत से बढ़कर इस महीने 39.4 प्रतिशत हो गया। इसी अवधि के दौरान शहरी क्षेत्रों में महिला एलएफपीआर जुलाई 2026 के 25.3 प्रतिशत की तुलना में लगभग स्थिर रहा और 25.4 प्रतिशत पर बनी रहा।
वर्ष-दर-वर्ष तुलना करने पर समग्र महिला एलएफपीआर में 1.1 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई, जो अगस्त 2025 में 33.7 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त 2026 में 34.8 प्रतिशत हो गया। इसी अवधि के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में महिला एलएफपीआर में 2.0 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई, जो 37.4 प्रतिशत से बढ़कर 39.4 प्रतिशत हो गया, जबकि शहरी क्षेत्रों में महिला एलएफपीआर में 0.7 प्रतिशत अंकों की गिरावट आई, जो 26.1 प्रतिशत से घटकर 25.4 प्रतिशत हो गया।

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समग्र महिलाओं की एलएफपीआर में लगातार दूसरे महीने वृद्धि हुई और अगस्त 2026 में यह 34.8 प्रतिशत तक पहुंच गई
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- दोनों जेंडरों में ग्रामीण कार्यबल भागीदारी में वृद्धि:
ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यबल की भागीदारी में वृद्धि के कारण समग्र कामगार-जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) जुलाई 2026 में 52.5 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त 2026 में 52.8 प्रतिशत हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में डब्ल्यूपीआर पिछले महीने के 55.4 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त 2026 में 55.8 प्रतिशत हो गया, जबकि शहरी क्षेत्रों में डब्ल्यूपीआर जुलाई 2026 के समान ही 47.0 प्रतिशत पर बना रहा।
कुल मिलाकर डब्ल्यूपीआर में पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 0.6 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अगस्त 2025 में 52.2 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त 2026 में 52.8 प्रतिशत हो गया। इसी अवधि के दौरान ग्रामीण डब्ल्यूपीआर में 1.3 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई, जो 54.5 प्रतिशत से बढ़कर 55.8 प्रतिशत हो गया, जबकि शहरी डब्ल्यूपीआर अगस्त 2025 में 47.5 प्रतिशत से घटकर अगस्त 2026 में 47.0 प्रतिशत हो गया, अर्थात इसमें 0.5 प्रतिशत अंक की गिरावट आई।

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साल-दर-साल तुलना से पता चलता है कि समग्र महिला डब्ल्यूपीआर में वृद्धि हुई है, जो अगस्त 2025 में दर्ज 32.0 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त 2026 में 33.0 प्रतिशत हो गई।
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- ग्रामीण बेरोजगारी दर में गिरावट:
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की समग्र बेरोजगारी दर (यूआर) जुलाई 2026 में 5.1 प्रतिशत से घटकर अगस्त 2026 में 5.0 प्रतिशत हो गई। इसी अवधि के दौरान ग्रामीण यूआर 4.5 प्रतिशत से घटकर 4.1 प्रतिशत हो गई, जबकि शहरी यूआर जुलाई 2026 के 6.7 प्रतिशत की तुलना में अगस्त 2026 में लगभग 6.8 प्रतिशत तक लगभग स्थिर रही।
अगस्त 2025 की तुलना में अगस्त 2026 में समग्र यूआर और शहरी यूआर लगभग स्थिर रही, जबकि ग्रामीण यूआर में 0.2 प्रतिशत अंक की गिरावट आई, जो अगस्त 2025 में 4.3 प्रतिशत से घटकर अगस्त 2026 में 4.1 प्रतिशत हो गई।

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जनवरी 2026 के बाद से ग्रामीण यूआर में अगस्त 2026 में अपना सबसे निचला स्तर 4.1 प्रतिशत दर्ज किया।
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- पुरुषों और महिलाओं दोनों में ग्रामीण बेरोजगारी दर में कमी:
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में समग्र यूआर लगातार तीन महीनों तक घटता रहा, जो मई 2026 में 5.4 प्रतिशत से घटकर अगस्त 2026 में 4.9 प्रतिशत हो गया। ग्रामीण पुरुषों का यूआर जुलाई 2026 में 4.6 प्रतिशत से घटकर अगस्त 2026 में 4.3 प्रतिशत हो गया, जबकि शहरी पुरुषों का यूआर इसी अवधि में मामूली रूप से 5.9 प्रतिशत से बढ़कर 6.1 प्रतिशत हो गया। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं में कुल यूआर लगातार दो महीनों तक घटता रहा और जून 2026 में 5.9 प्रतिशत से घटकर अगस्त 2026 में 5.1 प्रतिशत हो गया। ग्रामीण महिलाओं का यूआर जुलाई 2026 में 4.3 प्रतिशत से घटकर अगस्त 2026 में 3.9 प्रतिशत हो गया, जबकि शहरी महिलाओं का यूआर पिछले महीने की तुलना में लगभग स्थिर रहा।
वर्ष-दर-वर्ष की तुलना से पता चलता है कि अगस्त 2026 में पुरुषों और महिलाओं दोनों की समग्र यूआर में व्यापक रूप से कोई परिवर्तन नहीं हुआ।


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जुलाई 2026 की तुलना में अगस्त 2026 में पुरुषों और महिलाओं दोनों की समग्र यूआर में गिरावट दर्ज की गई।
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अखिल भारतीय स्तर पर मासिक अनुमान कुल 3,70,160 व्यक्तियों के सर्वेक्षण से एकत्रित जानकारी पर आधारित हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वेक्षित व्यक्ति 2,11,353
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शहरी क्षेत्रों में सर्वेक्षित व्यक्ति 1,58,807
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अगस्त 2026 का मासिक बुलेटिन मंत्रालय की वेबसाइट https://www.mospi.gov.in पर उपलब्ध है।
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पीके/केसी/आईएम/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2310580)
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