पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
संसदीय प्रश्न: अल नीनो की स्थितियों के लिए तैयारी
प्रविष्टि तिथि:
05 AUG 2026 1:57PM by PIB Delhi
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून बारिश पर अल नीनो के संभावित असर का आकलन करता है। आम तौर पर, अल नीनो की घटना के दौरान भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून सामान्य से कमजोर रहता है और अल नीनो की तीव्रता ही यह तय करती है कि मानसून पर कितना असर पड़ेगा। 1950 के बाद से 16 बार अल नीनो की स्थिति बनी है, जिनमें से 7 बार भारतीय मानसून की बारिश पर असर पड़ा और बारिश सामान्य से कम रही। हालांकि, मानसून के मौसम के बाद के हिस्से (खासकर सितंबर की बारिश) में अल नीनो और बारिश के बीच एक मजबूत उल्टा संबंध देखा गया है।
आईएमडी नियमित रूप से बारिश और तापमान के लिए मौसमी और मासिक पूर्वानुमान जारी करता है। आईएमडी ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के लिए सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया। 13 अप्रैल 2026 को जारी अपने पहले चरण के दीर्घकालिक पूर्वानुमान में, आईएमडी ने अनुमान लगाया कि मौसमी बारिश 'लॉन्ग पीरियड एवरेज' (एलपीए) का 92% होगी, जिसमें मॉडल की त्रुटि ±5% होगी। इसके बाद, दूसरे चरण के दीर्घकालिक पूर्वानुमान में, आईएमडी ने मौसमी बारिश के पूर्वानुमान को संशोधित करके एलपीए का 90% कर दिया, जिसमें मॉडल की त्रुटि ±4% थी। आईएमडी ने अपने मौसमी पूर्वानुमानों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान अल नीनो की स्थिति बनने की संभावना का भी संकेत दिया, जिससे संबंधित हितधारकों को तैयारी और योजना बनाने के लिए पहले से जानकारी मिल सके।
इसके अलावा, आईएमडी मानसून की बारिश के बारे में रोजाना और अल नीनो की स्थितियों के बारे में हर महीने अपडेट देता है। आईएमडी सभी संबंधित लोगों को जिले और ब्लॉक स्तर पर बारिश की जानकारी भी देता है और पीएमओ, एमएचए, एमओएएफडब्ल्यू की बैठकों में नियमित रूप से शामिल होकर जरूरी जानकारी देता है। एमओएएफडब्ल्यू की 'क्रॉप वेदर वॉच' के तहत, आईएमडी हर हफ्ते पिछली बारिश और अगले दो हफ्तों के लिए बारिश का अनुमान बताता है।
एमओईएस का भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), 2026 के लिए मौसम के हिसाब से और कम से मध्यम अवधि के प्रायोगिक पूर्वानुमान के आधार पर, कृषि और बांध प्रबंधन विभागों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसका मकसद कृषि और जल प्रबंधन पर बारिश और ईएनएसओ के असर की जानकारी देना और उसे समझना है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने 2026 में अल नीनो के असर से निपटने के लिए राज्यों को जिले-वार जोखिम और असर के आकलन का कोई अध्ययन या दिशानिर्देश जारी नहीं किया है।
हालांकि, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाला भारत मौसम विज्ञान विभाग (आएमडी) नियमित रूप से मौसम और जलवायु का पूर्वानुमान, मौसमी आउटलुक और बारिश, लू (हीटवेव) व अन्य चरम मौसम की घटनाओं से जुड़ी शुरुआती चेतावनियां जारी करता है। ये जानकारियां सभी संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों तक पहुंचाई जाती हैं ताकि वे तैयारी कर सकें और सही कदम उठा सकें।
यह जानकारी पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में एक लिखित जवाब में दी।
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पीके / केसी/ एमपी
(रिलीज़ आईडी: 2294781)
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