सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति एवं जन-जागरूकता पहलों को सरकार ने सुदृढ़ किया

जम्मू-कश्मीर में 1.20 करोड़ से अधिक लोगों को किया गया जागरूक; 8,565 नशा मुक्ति मित्र अभियान से जुड़े

प्रविष्टि तिथि: 03 AUG 2026 6:51PM by PIB Delhi

केंद्र सरकार देशभर में सतत जन-जागरूकता अभियानों, नशा मुक्ति, पुनर्वास तथा परामर्श सेवाओं के माध्यम से मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) का कार्यान्वयन कर रही है। इस वर्ष 29 जुलाई तक, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में इस अभियान के माध्यम से 1.20 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई है, जिनमें 69.14 लाख से अधिक युवा और 51.20 लाख महिलाएं शामिल हैं। वहीं, 8,565 नशा मुक्ति मित्र मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी अभियान से जुड़े हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग इस अभियान का कार्यान्वयन नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने हेतु राष्ट्रीय कार्ययोजना (एनएपीडीडीआर) के अंतर्गत कर रहा है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी. एल. वर्मा ने लोकसभा में श्री आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। सदन को बताया गया कि मंत्रालय देशभर में नशीली दवाओं की मांग को कम करने के लिए निवारक शिक्षा, जागरूकता सृजन, उपचार, पुनर्वास और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों हेतु राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और सरकारी अस्पतालों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

लिखित उत्तर में आगे बताया गया कि मंत्रालय जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति और पुनर्वास सुविधाओं के व्यापक नेटवर्क को सहायता प्रदान कर रहा है। इसमें एकीकृत नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र (आईआरसीए), 3 आउटरीच एवं ड्रॉप-इन सेंटर (ओडीआईसी), 2 समुदाय-आधारित सहकर्मी-नेतृत्व हस्तक्षेप (सीपीएलआई) कार्यक्रम, 6 जिला नशा मुक्ति केंद्र (डीडीएसी) और केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्थापित 21 नशा उपचार सुविधाएं (एटीएफ) शामिल हैं।

सदन को यह भी जानकारी दी गई कि मंत्रालय राष्ट्रीय टोल-फ्री नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 का संचालन करता है, जो प्राथमिक परामर्श और संदर्भ सेवाएं प्रदान करती है। इस हेल्पलाइन पर देशभर से 4.6 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुई हैं, जिनमें जम्मू-कश्मीर से 11,000 से अधिक कॉल शामिल हैं। यह नशा मुक्ति सहायता सेवाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता और उनकी आसान उपलब्धता को दर्शाता है।

उत्तर में आगे बताया गया कि 15 अगस्त 2020 को शुरू किया गया नशा मुक्त भारत अभियान अब देश के सभी जिलों तक विस्तारित कर दिया गया है। यह अभियान सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता उत्पन्न करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्कूलों पर केंद्रित है। राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान के माध्यम से 29.05 करोड़ से अधिक लोगों को जागरूक किया गया है, जिनमें 11.05 करोड़ से अधिक युवा और 7.81 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। वहीं, 1.17 लाख से अधिक नशा मुक्ति मित्र इस अभियान से जुड़ चुके हैं।

अभियान के मूल्यांकन से संबंधित प्रश्न के उत्तर में सदन को बताया गया कि नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मासिक समीक्षा बैठकों, चिंतन शिविरों और राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों के माध्यम से की जाती है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समन्वय को मजबूत करने तथा प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर एनएमबीए समितियों की स्थापना और नियमित बैठकें आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इन प्रयासों से निरंतर जागरूकता सृजन, सामुदायिक भागीदारी में वृद्धि, अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने तथा मादक पदार्थों के दुरुपयोग से प्रभावित व्यक्तियों के लिए रोकथाम, उपचार और पुनर्वास सेवाओं की पहुंच में सुधार करने में सहायता मिली है।

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पीके/केसी/एके


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