कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के लिए कौशल विकास
प्रविष्टि तिथि:
03 AUG 2026 4:09PM by PIB Delhi
भारत सरकार के कौशल भारत मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) विभिन्न योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) जैसी प्रमुख योजनाओं के तहत कौशल विकास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) द्वारा शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के जरिए केरल सहित देश भर के समाज के सभी वर्गों को कौशल, पुनर्कौशल और कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान करता है। कौशल भारत मिशन का उद्देश्य भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना और उन्हें पैरामेडिकल तथा संबद्ध हेल्थ-केयर क्षेत्रों सहित उद्योग-प्रासंगिक कौशल से सुसज्जित करना है।
पीएमकेवीवाई: पीएमकेवीवाई के अंतर्गत, मंत्रालय हेल्थ-केयर सेवाओं से संबंधित जॉब रोल्स में प्रशिक्षण के लिए सहायता प्रदान करता है। पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत प्रमुख हेल्थ-केयर जॉब रोल्स में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन-बेसिक, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, जैरिएट्रिक केयरगिवर (संस्थागत और होमकेयर), हेल्थकेयर हाइजीन एंड हाउसकीपिंग एड, असिस्टेंट योग इंस्ट्रक्टर, पंचकर्म असिस्टेंट और जेनेटिक काउंसलर शामिल हैं।
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणाओं के अनुरूप पीएमकेवीवाई के अंतर्गत 'मल्टीस्किल केयरगिवर' के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इसका उद्देश्य 1.5 लाख देखभाल पेशेवरों (कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के तंत्र के माध्यम से 1.3 लाख) को कौशलसम्पन्न बनाना है, जिससे स्वास्थ्य सेवा, जैरिएट्रिक और होमकेयर बेस्ड के लिए एक व्यावसायिक रूप से प्रशिक्षित कार्यबल तैयार होगा। यह पहल विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी।
एनएपीएस: एनएपीएस के अंतर्गत, प्रतिभागी प्रतिष्ठानों की कौशल आवश्यकताओं के आधार पर हेल्थ-केयर, पैरामेडिकल और संबद्ध हेल्थ-केयर क्षेत्रों में शिक्षुता के अवसर उपलब्ध हैं।
जेएसएस: जेएसएस योजना के तहत, विशेष रूप से निरक्षर, नव-साक्षर, स्कूल बीच में छोड़ने वाले आदि युवाओं की रोजगार क्षमता और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के लिए हेल्थ-केयर से संबंधित विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम कार्यान्वित किए जा रहे हैं। जेएसएस योजना के तहत पेश किए जाने वाले हेल्थ-केयर संबंधी पाठ्यक्रमों में बेसिक हेल्थ एंड वेलनेस स्किल्स (सेकेंडरी स्कूल), बेसिक हेल्थ एंड वेलनेस स्किल्स (सीनियर सेकेंडरी स्कूल), आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए पोशक (पोषण शिक्षा और कौशल) का बुनियादी पाठ्यक्रम, हेल्थकेयर में फाउंडेशन कोर्स, फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (जीडीए), अस्पतालों और नर्सिंग होम के लिए हेल्पर, जनरल ड्यूटी अटेंडेंट (जीडीए), जैरिएट्रिक असिस्टेंट और ऑप्टिशियन शामिल हैं।
सीटीएस: सीटीएस के तहत, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से पेश किए जाने वाले हेल्थ-केयर क्षेत्र के ट्रेडों में डेंटल लेबोरेटरी इक्विपमेंट टेक्नीशियन, जैरिएट्रिक केयर, हेल्थ सैनिटरी इंस्पेक्टर, फिजियोथेरेपी टेक्नीशियन, रेडियोलॉजी टेक्नीशियन आदि शामिल हैं।
कवरेज: वर्ष 2023-24 से 30 जून, 2026 तक पैरामेडिकल और संबद्ध हेल्थ-केयर क्षेत्रों में एमएसडीई की प्रमुख कौशल विकास योजनाओं के तहत प्रशिक्षित उम्मीदवारों की कुल संख्या निम्नानुसार है:
|
स्कीम
|
भारत
|
केरल
|
|
पीएमकेवीवाई
|
1,20,588
|
2,361
|
|
एनएपीएस
|
31,491
|
1,063
|
|
जेएसएस
|
7,712
|
260
|
|
सीटीएस*
|
48,862
|
160
|
* सत्र 2023 से 2025
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यक्रम: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, पंजीकृत नर्सों की नैदानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने और विशिष्ट नर्सिंग केयर की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विभिन्न नैदानिक विशेषज्ञताओं में एक-वर्षीय 'पोस्ट बेसिक डिप्लोमा' कार्यक्रमों को भारतीय नर्सिंग परिषद (आईएनसी) द्वारा 'रेजीडेंसी मोड' (कमाते हुए सीखें) में विकसित किया गया है। ये कार्यक्रम नर्सों को पाठ्यक्रम के दौरान कार्य जारी रखने में सक्षम बनाते हुए एक संरचित, दक्षता-आधारित नैदानिक प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
(घ): एमएसडीई ने भारतीय युवाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय रोजगार के अवसरों को सुगम बनाने के लिए प्रायोगिक आधार पर विभिन्न राज्यों में सात कौशल भारत अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (एसआईआईसी) स्थापित और क्रियान्वित किए हैं। इसके अतिरिक्त, एमएसडीई, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के माध्यम से, देश-विशिष्ट कार्यबल गतिशीलता पहलों के माध्यम से हेल्थ-केयर पेशेवरों के लिए विदेश में रोजगार के अवसरों को सुगम बना रहा है। इन पहलों में गंतव्य-देश की आवश्यकताओं के अनुसार उम्मीदवारों का जुटाव, भाषा और क्षेत्र-विशिष्ट तैयारी, मूल्यांकन एवं चयन प्रक्रियाएं, नियोक्ता जुड़ाव और नियोजन सहायता शामिल हैं। इन पहलों के तहत, हेल्थ-केयर पेशेवरों को केयरगिवर्स के लिए जापान तकनीकी प्रशिक्षु प्रशिक्षण कार्यक्रम (टीआईटीपी) और इजराइल गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (जी2जी) केयरगिवर कार्यक्रम जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विदेशी अवसरों के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
****
पीके/केसी/एसकेएस/केके
(रिलीज़ आईडी: 2293913)
आगंतुक पटल : 71