सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
कंप्यूटर-असिस्टेड पर्सनल इंटरव्यू (सीएपीआई) जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों के अंगीकरण के माध्यम से नेशनल सैंपल सर्वे का आधुनिकीकरण; इसमें ई-सिग्मा प्लेटफ़ॉर्म के साथ इन-बिल्ट वैलिडेशन चेक, एआई-इनेबल्ड चैटबॉट और बहु-भाषी इंटरफ़ेस शामिल
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का आधार संशोधन
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने व्यापक डेटा सामंजस्य/मानकीकरण पहल की, इसमें राष्ट्रीय मेटाडेटा संरचना (एनएमडीएस 2.0) का अंगीकरण और सांख्यिकीय गुणवत्ता मूल्यांकन संरचना (एससीवाईएएफ) लागू करना शामिल
प्रविष्टि तिथि:
03 AUG 2026 2:51PM by PIB Delhi
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें से एक प्रमुख लक्ष्य राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षणों का आधुनिकीकरण करना है, जिसके लिए कंप्यूटर असिस्टेड पर्सनल इंटरव्यू (सीएपीआई) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों को अपनाया गया है। इसमें ई-सिग्मा प्लेटफॉर्म को अंतर्निहित सत्यापन जांच, एआई-सक्षम चैटबॉट और बहुभाषी इंटरफेस आदि के साथ एकीकृत किया गया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने उच्च आवृत्ति वाले सामाजिक-आर्थिक संकेतकों की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए अल्प अवधि के सर्वेक्षण भी आरंभ किए हैं।
इसके अतिरिक्त, कुछ सर्वेक्षणों के लिए नमूनाकरण ढांचे को सुदृढ़ करने हेतु प्रशासनिक डेटासेट को एकीकृत किया गया है। इससे सर्वेक्षण की दक्षता में सुधार हुआ है और आधिकारिक आंकड़ों के समय पर संकलन में योगदान मिला है।
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार संशोधन सहित व्यापक आर्थिक सांख्यिकी में भी महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने व्यापक डेटा सामंजस्य/मानकीकरण पहल की है जिसमें अन्य बातों के अलावा राष्ट्रीय मेटाडेटा संरचना (एनएमडीएस 2.0) को अपनाना, सांख्यिकीय गुणवत्ता मूल्यांकन ढांचा (एसक्यूएएफ) शुरू करना और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरण मानकों के साथ संयोजन शामिल है।
सांख्यिकी मंत्रालय वैश्विक सांख्यिकी मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं की भारतीय संदर्भ में उपयुक्तता और भारतीय सांख्यिकी प्रणाली में उनके संभावित अपनाने/अनुकूलन की जांच करता है, साथ ही सांख्यिकी आंकड़ों की सटीकता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता में सुधार के लिए उपाय करता है। इनमें, अन्य बातों के अलावा, देश में आधिकारिक सांख्यिकी के उत्पादन और प्रसार में अच्छी प्रथाओं और पेशेवर नैतिकता को बढ़ावा देने के लिए मई 2016 में संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक सांख्यिकी के मूलभूत सिद्धांतों (यूएनएफपीओएस) को अपनाना शामिल है। अन्य पहलों में 12.02.2026 को जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की नई श्रृंखला में उद्देश्य के अनुसार व्यक्तिगत उपभोग के वर्गीकरण (सीओआईसीओपी)- 2018 ढांचे को अपनाना शामिल है। इसमें 2024 को नया आधार बनाया गया है (पहले का आधार 2012 था), और अंतर्राष्ट्रीय मानक औद्योगिक वर्गीकरण (आईएसआईसी) संशोधन 5 के अनुरूप राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण (एनआईसी) 2025 जारी करना शामिल है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप, सांख्यिकी मंत्रालय ने व्यापक डेटा सामंजस्य/मानकीकरण पहल भी शुरू की हैं, जिनमें अन्य बातों के अलावा, सांख्यिकीय गुणवत्ता मूल्यांकन ढांचा (एसक्यूएएफ) की शुरुआत शामिल है। यह संयुक्त राष्ट्र राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन ढांचा (यूएन एनक्यूएएफ) 2019 पर आधारित है, जो अधिक दक्षता, विश्वसनीयता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है। राष्ट्रीय लेखा प्रणाली की अंतर्निहित अवधारणाएं और कार्यप्रणाली संयुक्त राष्ट्र राष्ट्रीय लेखा प्रणाली, 2008 के अनुरूप हैं। इसके अतिरिक्त, सीपीआई और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के विशेष डेटा प्रसार मानकों (एसडीडीएस) का पालन करते हैं।
सांख्यिकी मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग द्वारा स्थापित संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक संकेतक ढांचे (जीआईएफ) के अनुरूप सतत विकास लक्ष्य– राष्ट्रीय संकेतक ढ़ांचा (एसडीजी-एनआईएफ) भी विकसित किया है। जीआईएफ पर आधारित होने के बावजूद, एनआईएफ भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, नीतिगत संदर्भों और डेटा इकोसिस्टम के अनुरूप संकेतकों को अनुकूलित करता है।
सांख्यिकी मंत्रालय ने केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की अनिवार्य निगरानी के लिए पैमाना (परियोजना मूल्यांकन, अवसंरचना निगरानी और राष्ट्र निर्माण के लिए विश्लेषण) प्रणाली को लागू किया है, जिसने पूर्ववर्ती ओसीएमएस-2006 (ऑनलाइन कम्प्यूटरीकृत निगरानी प्रणाली) का स्थान ले लिया है। अवसंरचना निगरानी के प्रयासों को और सुदृढ़ करने के लिए, सांख्यिकी मंत्रालय ने एक प्रदर्शन निगरानी डैशबोर्ड लॉन्च किया है जो मानकीकृत संकेतकों के एक सेट के माध्यम से प्रमुख अवसंरचना क्षेत्रों के प्रदर्शन को दर्शाता है। प्रमुख अवसंरचना उप-क्षेत्रों के प्रदर्शन का व्यापक अवलोकन प्रदान करने के लिए अवसंरचना निगरानी और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूत करने हेतु यह डैशबोर्ड 16 अप्रैल 2026 को लॉन्च किया गया था।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), योजना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने आज राज्यसभा में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एसकेजे/ओपी
(रिलीज़ आईडी: 2293833)
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