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प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई)


औपचारिक रोजगार का विस्तार, भारत के कार्यबल को सुरक्षा

प्रविष्टि तिथि: 01 AUG 2026 11:12AM by PIB Delhi

भारत का कार्यबल विकसित भारत 2047 की यात्रा का एक प्रमुख प्रेरक है। गुणवत्तापूर्ण रोजगार समावेशी विकास का आधार है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) इस विज़न को साकार करने के लिए पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करती है तथा नियोक्ताओं को नए औपचारिक रोजगार सृजित करने हेतु प्रोत्साहन प्रदान करती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से संबद्ध, प्रौद्योगिकी-संचालित ढांचे के माध्यम से यह योजना कार्यबल के औपचारिकीकरण को बढ़ावा देती है, सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करती है तथा श्रमिकों की वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ बनाती है। रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन और पारदर्शी कार्यान्वयन को एक साथ जोड़ते हुए पीएम-वीबीआरवाई योजना भारत के दीर्घकालिक आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक कुशल, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित कर रही है।

भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश की संभावनाएं

भारत का युवा और गतिशील कार्यबल उसकी सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है। यह आर्थिक विकास को गति देने और विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने का एक अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। प्रत्येक वर्ष लाखों युवा श्रम बाजार में प्रवेश करते हैं। इस जनसांख्यिकीय लाभ को सतत् एवं समावेशी विकास में परिवर्तित करने के लिए सामाजिक सुरक्षा सहित औपचारिक रोजगार का विस्तार करना अत्यंत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) पहली बार रोजगार प्राप्त करने वालों को प्रोत्साहित करके तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देकर इस राष्ट्रीय प्राथमिकता को सुदृढ़ करती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा प्रशासित एक पारदर्शी ढांचे के माध्यम से यह योजना कार्यबल के औपचारिकीकरण को सशक्त बनाते हुए कर्मचारियों और नियोक्ताओं, दोनों के लिए अवसरों का सृजन करती है।

अवसर को रोजगार में परिवर्तित करना

अगस्त 2025 में घोषित प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) का कार्यान्वयन 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक, दो वर्षों की अवधि में ₹99,446 करोड़ के परिव्यय के साथ किया जा रहा है। 1 अगस्त 2026 को यह योजना अपने कार्यान्वयन का एक वर्ष पूर्ण कर रही है, जो भारत में औपचारिक रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा के दायरे के विस्तार के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) का उद्देश्य 3.5 करोड़ से अधिक लोगों के लिए रोजगार सृजित करना है, जिनमें 1.92 करोड़ पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। यह योजना युवाओं को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में पंजीकरण के माध्यम से संगठित कार्यबल में प्रवेश करने के लिए प्रोत्साहित करती है। साथ ही, यह विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर श्रम-प्रधान विनिर्माण क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करती है। यह योजना नए और विस्तारशील उद्योगों में रोजगार को बढ़ावा देती है, इसलिए राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन का भी पूरक है।

 

कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों के लिए लाभकारी योजना

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) का मूल आधार दो-भागीय प्रोत्साहन ढांचा है, जिसमें कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।

भाग : पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन

  • ₹1,00,000 प्रति माह तक का वेतन पाने वाले पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारी इस भाग के अंतर्गत पात्र हैं।
  • उन्हें एक माह के ईपीएफ वेतन के बराबर एकमुश्‍त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है।
  • प्रोत्साहन राशि का भुगतान दो किश्तों में किया जाता है। पहली किश्त छह माह की सेवा पूर्ण होने के बाद तथा दूसरी किश्त वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के उपरांत बारह माह की निरंतर सेवा पूर्ण होने के बाद दी जाती है।
  • प्रोत्साहन राशि का एक भाग वित्तीय सुरक्षा और बचत को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक नामित बचत साधन में निवेश किया जाता है। कर्मचारी इसे बाद की किसी तिथि में निकाल सकता है।

भाग बी: नियोक्ताओं को सहायता

  • नियोक्ता ₹1,00,000 प्रति माह तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन प्राप्त करने के पात्र हैं।
  • नियोक्ताओं को कम-से-कम छह माह तक कार्यरत रहने वाले प्रत्येक पात्र अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्षों तक प्रति माह ₹3,000 तक का प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है।
  • यह सहायता नियुक्ति की लागत को कम करती है और सतत् रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करती है।
  • विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन की उच्च क्षमता को देखते हुए प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी प्रदान किया जाता है।

 

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) का प्रभाव

अपने प्रथम वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) ने प्रथम नियुक्ति को प्रोत्साहित करके तथा सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करके कार्यबल के औपचारिकीकरण को सुदृढ़ किया है। यह योजना अधिक से अधिक श्रमिकों को संगठित क्षेत्र से जोड़ने के साथ-साथ, विभिन्न उद्योगों में नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजित करने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।

 

  • अगस्त 2025 से अब तक 72 लाख से अधिक पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारी औपचारिक कार्यबल से जुड़े हैं।
  • लाभार्थियों में लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिससे औपचारिक रोजगार में महिलाओं की अधिक भागीदारी को बढ़ावा मिल रहा है।
  • योजना के अंतर्गत 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा चुकी है।
  • रोजगार को ईपीएफओ पंजीकरण और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से जोड़कर प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) भारत के संगठित श्रम बाजार को सुदृढ़ बना रही है और अधिक सुरक्षित कार्यबल का निर्माण कर रही है।

पीएम-वीबीआरवाई का डिजिटल प्रशासन और प्रभावी क्रियान्वयन

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उपयोग करती है। यह योजना निर्बाध सत्यापन, लाभ अंतरण तथा रिअल-टाइम निगरानी की सुविधा प्रदान करती है।

  • इस योजना का कार्यान्वयन पूर्णतः डिजिटल, ईपीएफओ से संबद्ध मंच के माध्यम से किया जाता है, जिससे निर्बाध सत्यापन और लाभों का प्रभावी वितरण सुनिश्चित होता है।
  • योजना में आधार-आधारित प्रमाणीकरण, यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) तथा नियमित इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ईसीआर) फाइलिंग का उपयोग किया जाता है। प्रोत्साहन तभी उपलब्ध होता है जब यूएएन का प्रमाणीकरण उमंग ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया जाता है। इससे अनुपालन सुनिश्चित होने के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा के दायरे का भी विस्तार होता है।
  • प्रोत्साहन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जाती है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
  • पीएम-वीबीआरवाई पोर्टल योजना के समग्र कार्यान्वयन को सुगम बनाता है तथा लाभार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति की रिअल-टाइम में निगरानी की सुविधा प्रदान करता है।

देशभर में व्यापक जन-जागरूकता प्रयासों के माध्यम से योजना और इसके प्रावधानों के बारे में जानकारी का प्रसार किया जाता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) तथा मुख्य श्रम आयुक्त (सीएलसी) के अधिकारियों से गठित क्रॉस-फंक्शनल टीमें जमीनी स्तर पर भागीदारी बढ़ाकर इन प्रयासों को समर्थन प्रदान करती हैं।

भारत के कार्यबल को सशक्त बनाना

जैसे-जैसे भारत सतत् एवं समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, गुणवत्तापूर्ण रोजगार आजीविका में सुधार और आर्थिक सुदृढ़ता का प्रमुख आधार बना रहेगा। पहली बार रोजगार प्राप्त करने वालों को प्रोत्साहित करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के माध्यम से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) भारत के औपचारिक रोजगार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ कर रही है तथा सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार कर रही है। योजना के पहले वर्ष के पूर्ण होने के साथ ही यह भारत की जनसांख्यिकीय लाभांश की पूर्ण क्षमता को साकार करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करती है।

संदर्भ

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय

https://pmvbry.epfindia.gov.in/

https://pmvbry.epfindia.gov.in/pmvbry-scheme/

https://pmvbry.epfindia.gov.in/wp-content/themes/epfo-child/assets/images/PMVBRY-Final.pdf

https://sansad.in/getFile/annex/270/AU1536_GzvOyc.pdf?source=pqars

https://sansad.in/getFile/loksabhaquestions/annex/187/AU1392_4I7wJ2.pdf?source=pqals

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2275419&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2148270&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2275547&reg=48&lang=2

 

अन्‍य

http://pmindia.gov.in/hi/news_updates/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D-1154/

https://www.youtube.com/shorts/UMSneQm7H90

https://www.youtube.com/watch?v=GQt75TsuzBI&list=PLNLJCvbS5aqS4h_BsqW9UboJ2N9a5RGKk&index=11

 

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