PIB Backgrounder
azadi ka amrit mahotsav

पर्यटन केंद्र के रूप में भारत


वैश्विक तौर पर प्रतिस्पर्धी, समावेशी और संवहनीय पर्यटन अर्थव्यवस्था का निर्माण

प्रविष्टि तिथि: 31 JUL 2026 5:51PM by PIB Delhi

भारत एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। देश की सभ्यतागत विरासत, प्राकृतिक विविधता, आध्यात्मिक आकर्षण और विस्तार लेती पर्यटन अर्थव्यवस्था इसमें मददगार है। मजबूत अवसंरचना, परिवहन में सुधार, डिजिटल प्लेटफॉर्मों की मौजूदगी, यात्रा सुविधा और वैश्विक प्रचार की बदौलत यह क्षेत्र उच्च मूल्य पर्यटन अनुभव की दिशा में बढ़ रहा है। क्षेत्र के संवहनीय और समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पर्यटन स्थानीय आजीविकाओं, सामुदायिक भागीदारी, विरासत संरक्षण और वैश्विक गंतव्य के रूप में भारत की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धिता को सुनिश्चित कर सके।

राष्ट्रीय विकास के इंजन के रूप में पर्यटन

पर्यटन भारत की आर्थिक प्रगति तथा रोजगार और क्षेत्रीय विकास के प्रमुख उत्प्रेरक के तौर पर उभरा है। यह सिर्फ यात्रा उद्योग नहीं है। यह आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प, खानपान सेवाओं, आरोग्य, संस्कृति और स्थानीय उद्यम के व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र की सहायता करता है। इस तरह यह शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में आजीविका के अवसर पैदा कर रहा है। स्वदेशी भ्रमण रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय आगमन भी मजबूती के साथ उबर रहा है। पर्यटन क्षेत्र विश्व को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के दीदार कराने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है।

नीचे दिए गए कुछ आंकड़े वर्तमान में इस क्षेत्र के विस्तार और गति, दोनों को प्रतिबिंबित करते हैं:

  • 2024 में 2.9 अरब स्वदेशी सैलानियों ने यात्राएं की। यह संख्या वैश्विक महामारी से पहले के स्तर से भी ज्यादा है।
  • 2025 में लगभग 2.02 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटक भारत आए।

  • पर्यटन उद्योग ने वित्त वर्ष 2023-24 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 15.73 लाख करोड़ रुपए का योगदान किया जो कुल अर्थव्यवस्था का 5.22 प्रतिशत है।
  • पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र 2023-24 में 8.46 करोड़ रोजगारों में सहायक बना।
  • 2025 में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन से लगभग 31.7 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि प्राप्त हुई।

 

A graph of a person walking on a trailAI-generated content may be incorrect.

भारतीय पर्यटन की विकास गाथा सिर्फ यात्रियों की बढ़ती संख्या से संबंधित नहीं है। देश की अतुलनीय सांस्कृतिक विरासत, विविधतापूर्ण प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिकता, आरोग्य परंपराएं और अनुभवजन्य प्रस्तुतियां भारत के प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में उदय के लिए मजबूत बुनियाद मुहैया कराती हैं।

 

 

भारत में पर्यटन की मजबूत स्थिति: विविधता, मांग और सॉफ्ट पावर

भारत में पर्यटन की सबसे बड़ी ताकत यहाँ मिलने वाले विभिन्न प्रकार के अनूठे अनुभव हैं। एक ही देश के भीतर, पर्यटक प्राचीन सभ्यता, जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं, पवित्र तीर्थ स्थलों, विविध वन्यजीवों से भरे प्राचीन जंगलों, बर्फ से ढके पहाड़ों, जीवंत त्योहारों, विविध व्यंजनों और विश्व प्रसिद्ध आरोग्य पद्धतियों का अनुभव कर सकते हैं। मूर्त और अमूर्त विरासत का यह अनूठा संयोजन हमारे देश को पूरे वर्ष अलग अलग तरह के पर्यटकों की ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम बनाता है।

भारत के पर्यटन संसाधनों में शामिल हैं:

  • 44 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, जो देश की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को दर्शाते हैं।
  • 106 राष्ट्रीय उद्यान और 18 बायोस्फीयर रिज़र्व, जो वन्यजीव और प्रकृति-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देते हैं।
  • तीर्थ स्थलों, ऐतिहासिक स्मारकों, संग्रहालयों, संरक्षित वनों, समुद्र तटों, द्वीपों और सांस्कृतिक परिदृश्यों का एक विशाल नेटवर्क।
  • हस्तशिल्प, खान-पान, त्योहारों, प्रदर्शन कलाओं, योग और आयुर्वेद की समृद्ध परंपराएं, जो दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करती रहती हैं।

पर्यटन के प्रमुख क्षेत्र

भारत में पर्यटन की कई ऐसी श्रेणियां हैं जिनमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। इससे पर्यटन स्थलों को पर्यटकों की विभिन्न रुचियों के अनुरूप सेवाएं देने और साल भर पर्यटन की मांग बनाए रखने में मदद मिलती है।

आध्यात्मिक और तीर्थ पर्यटन

हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्मों की जन्मभूमि होने के नाते, भारत दुनिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों का केंद्र है। चार धाम, काशी और अयोध्या के पवित्र तीर्थ-स्थलों से लेकर बोधगया, अमृतसर, तिरुपति और पुरी जैसे पवित्र स्थल, हर साल लाखों घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आध्यात्मिक पर्यटन के लिए आकर्षित करते हैं। कनेक्टिविटी, अवसंरचना और पर्यटकों की सुविधाओं में लगातार निवेश से वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है।

बौद्ध सर्किट और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध

भारत की बौद्ध विरासत दुनिया भर से, विशेषकर पूरे एशिया से, तीर्थयात्रियों और विद्वानों को आकर्षित करती है। भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े स्थल, अन्य साझा सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंध, मिलकर, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में हमारे देश की भूमिका को और मजबूत बनाते हैं।

विरासत और सांस्कृतिक पर्यटन

भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत यहाँ के किलों, महलों, मंदिरों, पुरातात्विक स्थलों, संग्रहालयों और ऐतिहासिक शहरों में झलकती है। इन मूर्त धरोहरों के साथ-साथ देश की जीवंत परंपराएं—जैसे शास्त्रीय नृत्य, संगीत, त्योहार, हस्तशिल्प और क्षेत्रीय व्यंजन एक नया आयाम जोड़ती हैं, जो पर्यटकों को एक यादगार अनुभव प्रदान करती हैं।

Hampi in a hurry!

विरुपाक्ष मंदिर, हम्पी, कर्नाटक

आरोग्य, योग और चिकित्सा पर्यटन

भारत चिकित्सा पर्यटन के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरा है, जो संपूर्ण स्वास्थ्य और आरोग्य की तलाश में दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। दुनिया भर में योग को भारत की देन माना जाता है, साथ ही आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और पारंपरिक उपचार पद्धतियों के साथ मिलकर, इस क्षेत्र को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इन सेवाओं के साथ-साथ विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं और उच्च गुणवत्ता वाला किफायती उपचार भारत को चिकित्सा पर्यटन के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।

Healing in the City: Discovering Wellness in Kolkata | Incredible India

इको-पर्यटन और वन्यजीव पर्यटन

भारत के विविध पारिस्थितिक तंत्र प्रकृति-आधारित पर्यटन अनुभवों का एक समृद्ध अवसर प्रदान करते हैं। राष्ट्रीय उद्यान, टाइगर रिजर्व, आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स), मैंग्रोव, बायोस्फीयर रिजर्व और हिमालय के प्राकृतिक दृश्य वन्यजीव सफारी, पक्षी अवलोकन, ट्रैकिंग, कछुआ संरक्षण मार्ग, प्रकृति को देखने और समझने जैसे कई मौके देते हैं। इसके साथ ही, जिम्मेदार इको-टूरिज्म प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और सुरक्षा को बढ़ावा देते हुए स्थानीय समुदायों के लिए संवहनीय आजीविका के अवसर भी पैदा कर रहा है।

Discover Incredible India: Travel Guide & Tourism Info | Incredible India

पेड़ों की जड़ों से बने पुल, चेरापूंजी, मेघालय

ग्रामीण, होमस्टे और समुदाय-आधारित पर्यटन

जाने पहचाने प्रमुख स्थलों के आलावा, ग्रामीण पर्यटन, पर्यटकों को भारत के गाँवों, स्थानीय परंपराओं और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के करीब ला रहा है। होमस्टे, गांव की सैर, पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प, कृषि अनुभव और सार्थक सांस्कृतिक संवाद यात्रियों को प्रामाणिक स्थानीय जीवन का अनुभव कराने में सक्षम बनाते हैं, साथ ही ग्रामीण परिवारों, कारीगरों और सामुदायिक उद्यमों के लिए संवहनीय आजीविका एवं प्रत्यक्ष आय अर्जित करने के अवसर देते हैं।

 

'माइस' पर्यटन

बैठकों, प्रोत्साहनों, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों यानी 'माइस' पर्यटन (एमआईसीइ) के लिए भारत एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है। इसके पीछे सम्मलेन से जुड़ी सुविधाएं और बड़े अंतराष्ट्रीय आयोजनों को आयोजित करने का शानदार अनुभव है। आधुनिक कन्वेंशन सेंटर, बेहतर कनेक्टिविटी और गंतव्य-आधारित व्यावसायिक आयोजन देश में पर्यटन को सिर्फ़ घूमने-फिरने से आगे ले जाकर विविधता भरा अनुभव देते हैं, साथ ही पूरे वर्ष आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रहे हैं।

India AI Impact Summit 2026

भारत मंडपम, नई दिल्ली

जी20: दुनिया के सामने भारत की पर्यटन क्षमता का प्रदर्शन

भारत की जी20 की अध्यक्षता ने वैश्विक मंच पर देश की पर्यटन विविधता को प्रदर्शित करने का एक अभूतपूर्व अवसर प्रदान किया।

  • 200 से अधिक जी20 बैठकें 60 से अधिक शहरों में आयोजित की गईं, इन बैठकों में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को महानगरों से आगे देश के अन्य हिस्सों में जाने का मौका मिला।
  • इन आयोजनों ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारत के ऐतिहासिक स्मारकों, स्थानीय शिल्प, क्षेत्रीय व्यंजनों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पर्यटन अनुभवों को रेखांकित किया।
  • बहु-नगरीय दृष्टिकोण ने गंतव्य ब्रांडिंग को मजबूत किया, कम प्रसिद्ध स्थानों को बढ़ावा दिया और विश्व स्तरीय अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी करने की भारत की क्षमता का प्रदर्शन किया।
  • इस अनुभव ने विश्व में भारत की  'सॉफ्ट पावर' को प्रदर्शित करने के साथ-साथ 'माइस' पर्यटन के गंतव्य के रूप में भारत की बढ़ती क्षमता को भी सुदृढ़ किया है।

 

तटीय, क्रूज, साहसिक और अनुभवात्मक पर्यटन

Image

7,500 किलोमीटर से अधिक लंबी तटरेखा, द्वीप क्षेत्रों, नदियों, विशाल मरुस्थलों और पर्वतीय नज़ारों के साथ, भारत पर्यटन के अनुभवों की एक समृद्ध विविधता प्रदान करता है। तटीय और क्रूज पर्यटन से लेकर वॉटर स्पोर्ट्स, ट्रैकिंग, पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग, डेजर्ट सफारी, फिल्म टूरिज्म और अन्य अनुभवात्मक यात्रा पेशकशों तक-हमारा देश पर्यटकों की विविध रुचियों को पूरा करता है। ये विविध रुचियां पर्यटकों के विकल्पों का विस्तार कर रही हैं और उन्हें अलग-अलग गंतव्यों पर अधिक समय बिताने  के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।

 

अवसंरचना पर आधारित गंतव्य विकास

भारत की पर्यटन विकास रणनीति व्यक्तिगत आकर्षणों में सुधार करने से आगे बढ़कर एकीकृत गंतव्य इकोसिस्टम बनाने की ओर क्रमिक रूप से बदली है। अब केवल स्मारकों और विरासत स्थलों के विकास की बजाए निर्बाध कनेक्टिविटी, उच्च गुणवत्ता वाली पर्यटन अवसंरचना और गहन अनुभवों वाले समग्र पर्यटन स्थलों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित हो गया है। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य संपूर्ण पर्यटन यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि पर्यटन से स्थानीय समुदायों के लिए निरंतर आर्थिक और दीर्घकालिक अवसर उत्पन्न हों।

गंतव्य अवसंरचना को मजबूती देना

कई प्रमुख योजनाएं एवं पहल देश भर में इस बदलाव को गति दे रही हैं। ये निवेश भारत के पर्यटन मॉडल को गिने-चुने आकर्षणों से एकीकृत गंतव्यों में बदल रहा है, जो पर्यटकों को अधिक समय तक रुकने, वहां अधिक खर्च करने और पर्यटन  के बेहतर अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

  • 'स्वदेश दर्शन योजना के तहत 14 थीम-आधारित पर्यटक सर्किटों में 5,295.24 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें से 75 परियोजनाओं का काम पूरा हो चूका है। इस कार्यक्रम ने बौद्ध, तटीय, मरुस्थल, इको, हिमालयी, पूर्वोत्तर, रामायण, ग्रामीण, आध्यात्मिक, जनजातीय और अन्य थीम-आधारित सर्किटों में अवसंरचना विकसित की है।
  • इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए, 'स्वदेश दर्शन' 2.0 संवहनीय और अनुभव-आधारित पर्यटन पर ध्यान केंद्रित करते हुए गंतव्य-केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाता है। बेहतर योजना, बुनियादी ढांचे और पर्यटकों के अनुभव के माध्यम से पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए 2,207.08 करोड़ रुपये की 53 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
  • 'प्रशादयोजना के तहत प्रमुख तीर्थ एवं विरासत स्थलों पर बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 1,726.24 करोड़ रुपये से अधिक की 54 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, ताकि तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ उनके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को भी बनाए रखा जा सके।
  • राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता (एसएएससीआईI) के माध्यम से, प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों के विकास और उन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप बदलने के लिए 23 राज्यों में 3,295.76 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 40 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
  • चुनौती-आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) पहल के तहत 687.99 करोड़ रुपये की 37 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, इसका उद्देश्य आध्यात्मिक और इको-पर्यटन  श्रेणियों के अंतर्गत उच्च पर्यटन क्षमता वाले पर्यटन स्थलों पर ध्यान केंद्रित करना है।

A diagram of a pushAI-generated content may be incorrect.

पर्यटन अवसंरचना के रूप में कनेक्टिविटी

पर्यटन अवसंरचना केवल गंतव्य स्थल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उससे कहीं आगे तक फैली हुई है। गंतव्यों के विकास और उनकी प्रगति में बेहतर कनेक्टिविटी का होना अब एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक बन गया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार, रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण, वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत, 'उडान' योजना के माध्यम से क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी में सुधार, हवाई अड्डों का विकास, अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी, ई-बसें और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं पर्यटन स्थलों को अधिक सुलभ बना रही हैं और यात्रा के समय को कम कर रही हैं। 28,840 करोड़ रुपये से अधिक के परिव्यय के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का अगला चरण, 'विकसित उड़ान', 100 से अधिक नए एरोड्रम और 200 से अधिक हेलीपैड के विकास के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों तथा दूरदराज के क्षेत्रों में हवाई यात्रा को और बेहतर करने की उम्मीद है। ये निवेश पर्यटन सर्किटों को अलग-थलग आकर्षणों के रूप में रखने के बजाय उन्हें आपस में जोड़ने में मदद कर रहे हैं, जिससे पर्यटक एक ही क्षेत्र के भीतर कई पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकें।

यात्रा की सुगमता, डिजिटल पर्यटन और वैश्विक बाजार तक पहुंच

बढ़ती प्रतिस्पर्धा वाले पर्यटन परिदृश्य में, गंतव्यों का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं किया जाता कि वे क्या पेश करते हैं, बल्कि इस आधार पर भी किया जाता है कि उन तक पहुंचना, उन्हें खोजना और उनका अनुभव करना कितना आसान है। वीजा सुविधा और डिजिटल सेवाओं से लेकर गंतव्य के प्रचार और प्रौद्योगिकी-संचालित नवाचार तक, भारत वैश्विक पर्यटन के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत करते हुए पर्यटकों की यात्रा निर्बाध बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है।

यात्रा को आसान बनाना

आसान यात्रा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख कारक बन गया है। भारत ने ई-टूरिस्ट वीज़ा प्रणाली के माध्यम से  प्रवेश प्रक्रियाओं को लगातार सरल बनाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक हो गई है।

प्रमुख पहलों में शामिल हैं:

  • 175 देशों के नागरिकों के लिए ई-टूरिस्ट वीज़ा सुविधा बढ़ाई गई।
  • 33 निर्दिष्ट हवाई अड्डों, 19 समुद्री बंदरगाहों और 4 भूमि पत्तन से प्रवेश की इजाज़त।
  • ई-वीज़ा फ़्रेमवर्क के तहत वीज़ा कैटेगरी और प्रवेश के निर्दिष्ट बंदरगाहों का विस्तार।
  • उच्च-क्षमता वाले बाज़ारों से आने वाले यात्रियों के लिए सरलीकृत दस्तावेजीकरण, डिजिटल प्राधिकरण और आसान यात्रा प्रक्रियाओं की दिशा में लगातार की जा रही कोशिशें।

एक डिजिटल पर्यटन इकोसिस्टम का निर्माण

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर्यटकों के अनुभव और पर्यटन प्रशासन दोनों के लिए महत्वपूर्ण बनते जा रहे हैं।

आतिथ्य उद्योग के राष्ट्रीय एकीकृत डेटाबेस (निधि+) को पर्यटन सेवा प्रदाताओं के पंजीकरण, मान्यता और वर्गीकरण के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। यह व्यापार को सुगम बनाने  में सुधार करते  हुए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन, एकीकृत भुगतान सुविधाएं और पारदर्शी स्वीकृतियां देता है।

नवाचार से पर्यटन को मिलती गति

नवाचार और उद्यमिता पर्यटन क्षेत्र की वृद्धि के महत्वपूर्ण चालकों के रूप में उभर रहे हैं। यात्रा और पर्यटन क्षेत्र में 262 जिलों के भीतर 1,497 उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं (17 अप्रैल 2023 तक), जो लगभग 13,919 लोगों के लिए रोजगार सृजित कर रहे हैं। विशेष रूप से, इनमें से 58% स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित हैं, जो प्रमुख शहरी केंद्रों से परे पर्यटन उद्यमिता के बढ़ते विस्तार को दर्शाते हैं।

ये स्टार्टअप्स ट्रैवल-टेक (यात्रा प्रौद्योगिकी), ऑनलाइन बुकिंग, होमस्टे, ग्रामीण और अनुभवात्मक पर्यटन, स्मार्ट मोबिलिटी तथा एआई-संचालित यात्रा योजना जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नए-नए समाधान विकसित कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर 'हाईवे डिलाइट'  ने राजमार्ग सुविधाओं का एक डिजिटली कनेक्टेड नेटवर्क तैयार किया है; 'विलोटेल' होमस्टे और समुदाय-आधारित अनुभवों के ज़रिए ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देता है; और 'उड़चलो'  डिजिटल प्लेटफार्म  70 से अधिक बुकिंग कार्यालयों के नेटवर्क के ज़रिए 28 लाख से अधिक रक्षा कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को तकनीक-संचालित यात्रा सेवाएं प्रदान कर रहा है।

संवहनीय और समावेशी पर्यटन: दीर्घकालिक मॉडल

जैसे-जैसे भारत एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है, संवहनीयता पर्यटन विकास के एक प्रमुख सिद्धांत के रूप में उभर रही है। अब ध्यान तेजी से ऐसे गंतव्यों के निर्माण पर केंद्रित हो रहा है जो पर्यावरण के प्रति जवाबदेह हों, आर्थिक रूप से समावेशी हों और उच्च गुणवत्ता वाले पर्यटन अनुभव प्रदान करने में सक्षम हों। अवसंरचना, कनेक्टिविटी और डिजिटल परिवर्तन में निवेश के साथ-साथ, पर्यटन नीतियां जिम्मेदार यात्रा, सामुदायिक भागीदारी, कौशल विकास और दीर्घकालिक गंतव्य प्रबंधन पर अधिक जोर दे रही हैं।

संवहनीय स्थल

भारत 'ट्रैवल फॉर लाइफ' और पर्यटकों  के जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देकर पर्यटन का एक अधिक संतुलित मॉडल बना रहा है। ट्रैकिंग, पक्षी अवलोकन, कछुआ संरक्षण मार्ग  और अन्य प्रकृति-आधारित अनुभवों के माध्यम से विविधीकरण पर भी अधिक जोर दिया जा रहा है, जिससे अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले गंतव्यों पर दबाव कम करने और पर्यटकों को अलग अलग स्थलों में भेजने में मदद मिलती  है। इसके साथ ही यह संरक्षण और स्थानीय आजीविका में  भी सहायता करता है। संवहनीय पर्यटन समावेशी आर्थिक विकास, रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देकर संवहनीय विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सीधे योगदान देता है।

  • संवहनीय विकास लक्ष्य 8.9 संवहनीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करता है जिससे रोजगार बढ़ते हैं और स्थानीय संस्कृति व स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है।
  • संवहनीय विकास लक्ष्य  12.बी संवहनीय पर्यटन के प्रभावों की निगरानी के लिए उपकरण विकसित करने पर जोर देता है।
  • संवहनीय विकास लक्ष्य 14.7 पर्यटन सहित समुद्री संसाधनों के संवहनीय उपयोग के माध्यम से छोटे द्वीप वाले विकासशील देशों और सबसे कम विकसित देशों को मिलने वाले आर्थिक लाभों को बढ़ाने पर बल देता है।

आगे की राह

भारत का पर्यटन दृष्टिकोण केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक मजबूत और उच्च-मूल्य वाले पर्यटन इकोसिस्टम के निर्माण तक विस्तृत है। गंतव्य अवसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल परिवर्तन, यात्रा सुगमता, कौशल विकास और संवहनीय गंतव्य प्रबंधन में किया जा रहा निवेश, वैश्विक पर्यटन स्थल  के रूप में भारत की प्रतिस्पर्धिता को मजबूत कर रहा है, साथ ही यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि विकास समावेशी बना रहे। आर्थिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामुदायिक भागीदारी के साथ संतुलित करते हुए, सरकार एक ऐसे पर्यटन क्षेत्र का निर्माण कर रही है जो पर्यटकों को अधिक खर्च करने के लिए बढ़ावा देता है, गुणवत्तापूर्ण रोजगार पैदा करता है और गंतव्यों तथा स्थानीय समुदायों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक एवं सामाजिक लाभ प्रदान करता है।

संदर्भ

पत्र सूचना कार्यालय

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2277629&reg=48&lang=2&utm

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2226966&utm&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2240649&reg=3&lang=1&utm

https://www.pib.gov.in/FactsheetDetails.aspx?Id=149085&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2232011&reg=48&lang=2

पर्यटन मंत्रालय

https://www.tourism.gov.in/

https://data.tourism.gov.in/mrd/Uploads/annual-reports/Ministry%20of%20Tourism%20Annual%20Report_2025-26_english_0.pdf

https://nidhi.tourism.gov.in/home/

https://www.tourism.gov.in/static/uploads/2025/07/a7720ca5f98221c4be071b932d2186e4.pdf

https://master-tourism.digifootprint.gov.in/static/uploads/2025/06/21e6726f1430d5deb423df9514ac5c47.pdf

https://master-tourism.digifootprint.gov.in/static/uploads/2025/06/8ac294b0518dd85d090b65906f8fd498.pdf

https://master-tourism.digifootprint.gov.in/static/uploads/2026/02/cab327af634c9575e187fb271602ac88.pdf

नीति आयोग

https://niti.gov.in/sites/default/files/2026-07/Unlocking-Growth-in-Tourism-and-Hospitality-Sector.pdf

फोटो

https://www.incredibleindia.gov.in/en

अन्य

https://whc.unesco.org/en/statesparties/in

https://static.investindia.gov.in/s3fs-public/2022-10/Draft%20Tourism%20Policy%20ver%203%20Nov%2021%20updated.pdf?utm

https://newsonair.gov.in/pm-modi-launches-next-phase-of-viksit-udan-to-give-fillip-to-air-travel-in-tier-2-and-tier-3-cities/

https://www.startupindia.gov.in/content/sih/en/bloglist/blogs/TourismSector.html?utm

https://sdgs.un.org/topics/sustainable-tourism

पीआईबी शोध

पर्यटन केंद्र के रूप में भारत

*****

पीके/केसी/एसके

 


(रिलीज़ आईडी: 2292613) आगंतुक पटल : 146
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English