जनजातीय कार्य मंत्रालय
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हिमाचल प्रदेश में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का कार्यान्वयन

प्रविष्टि तिथि: 30 JUL 2026 1:34PM by PIB Delhi

आज लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के चंबा ज़िले में जनजातीय विकास के लिए 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' (डीएजेजीयूए) के अंतर्गत विकास हेतु 7 ब्लॉकों में 156 गांवों की पहचान की गई है।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में दो एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाएं (आईटीडीपी), नामतः आईटीडीपी भरमौर और आईटीडीपी पांगी हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए) के अंतर्गत, आईटीडीपी भरमौर में 30 गांवों और आईटीडीपी पांगी में 48 गांवों को कवरेज के लिए चुना गया है। जनजातीय कार्य मंत्रालय (एमओटीए), भारत सरकार के उपायों (हस्तक्षेपों) के अंतर्गत, अब तक आईटीडीपी भरमौर में 551.11 लाख रुपये और आईटीडीपी पांगी में 851.00 लाख रुपये की राशि की परियोजनाओं को अनुमोदित किया गया है।

डीएजेजीयूए के अंतर्गत चंबा ज़िले को निर्मुक्त निधियों (रुपये लाख में) का ब्यौरा अनुलग्नक I में दिया गया है।

अनुलग्नक I

डीएजेजीयूए के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के चंबा ज़िले को निर्मुक्त निधियों का ब्यौरा तालिका में दिया गया है (रुपये लाख में)।

क्र.सं.

क्रियाकलाप

जिला

इकाई

अनुमोदित निधि

1

जनजातीय विद्यालयों में कक्षा (क्लासरुम) का निर्माण

चंबा

2

280

2

छात्रावास भवन का निर्माण

चंबा

1

275

3

शौचालय ब्लॉकों का निर्माण

चंबा

13

131

4

छात्रावास, आश्रम और विद्यालय की मरम्मत

चंबा

62

716.11

5

जनजातीय बहुउद्देश्यीय विपणन केंद्र (टीएमएमसी)

चंबा

2

200

6

वन अधिकार अधिनियम (एफआरए)

चंबा

1

8.67

 

डीएजेजीयूए के अंतर्गत निर्मुक्त निधियों का वर्ष-वार ब्यौरा नीचे दिया गया है:

वित्तीय वर्ष

निर्मुक्त निधियां (रुपये लाख में)

2023-24

शून्य

2024-25

शून्य

2025-26

708.44

2026-27

381.88

कुल

1,090.32

 

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पीके/केसी/एसकेएस/एसके


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