आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पीएमएवाई-यू 2.0 के कार्यान्वयन के जरिए शहरी आवासन को बेहतर बनाना

प्रविष्टि तिथि: 27 JUL 2026 5:24PM by PIB Delhi

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) ने देश भर में पात्र शहरी लाभार्थियों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं से लैस हर मौसम में सुरक्षित रहने वाले पक्के घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 25.06.2015 से ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) लागू की है। पीएमएवाई-यू को लागू करने के अनुभवों से मिली सीख के आधार पर, मंत्रालय ने इस योजना में संशोधन किए हैं और एक करोड़ अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों की मदद प्रदान करने हेतु देश भर के शहरी इलाकों में 01.09.2024 से पीएमएवाई-यू 2.0 ‘सभी के लिए आवास’ मिशन शुरू किया है। पीएमएवाई-यू 2.0 को चार तरीकों के जरिए लागू किया जा रहा है: लाभार्थी के नेतृत्व में निर्माण (बीएलसी), साझेदारी में किफायती आवास (एएचपी), किफायती किराये के आवास (एआरएच) और ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस)। इस योजना से संबंधित दिशा-निर्देश  https://pmay-urban.gov.in/uploads/guidelines/Operational-Guidelines-of-PMAY-U-2.pdf पर देखे जा सकते हैं।

पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 में मांग-आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाता है तथा  सरकार ने इसके लिए कोई लक्ष्य तय नहीं किया है। राज्य/केन्द्र-शासित प्रदेश (यूटी) अपने शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी)/ कार्यान्वयन एजेंसियों के जरिए अपने अधिकार क्षेत्र में जरूरतों का आकलन करते हैं। पात्र नागरिक पीएमएवाई-यू 2.0 के एकीकृत वेब पोर्टल पर सभी जानकारी के साथ आवेदन भी कर सकते हैं। राज्य/यूटी/यूएलबी इस योजना के दिशा-निर्देशों में दी गई पात्रता शर्तों के आधार पर लाभार्थियों की पुष्टि करते हैं और लाभार्थियों की सूची का चयन/जांच राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों द्वारा की जाती है। ऑनलाइन आवेदन जमा करने हेतु इस योजना के दिशा-निर्देश और एकीकृत वेब पोर्टल https://pmay-urban.gov.in  पर देखे जा सकते हैं। मांग सर्वेक्षण और लाभार्थियों के चयन के आधार पर, परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जाते हैं तथा राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्यस्तरीय मंजूरी एवं निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) द्वारा मंजूर किए जाते हैं ताकि केन्द्रीय मंजूरी एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) द्वारा केन्द्रीय सहायता जारी करने पर आगे विचार किया जा सके।

राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों द्वारा जमा किए गए परियोजना के प्रस्तावों के आधार पर, मंत्रालय ने अब तक कुल 127.68 लाख घरों को मंजूरी दी है। इनमें पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 16.20 लाख घर शामिल हैं। इनमें से, 13.07.2026 तक देश भर में 121.03 लाख घरों का काम शुरू हो चुका है और 99.07 लाख घर पूरे करके लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। जम्मू एवं कश्मीर केन्द्र-शासित प्रदेश के लिए अब तक कुल 45,982 घरों को मंजूरी दी गई है, जिनमें पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 2,120 घर शामिल हैं। इनमें से 43,907 घरों का काम शुरू हो चुका है और 35,961 घर पूरे हो चुके हैं। केन्द्र-शासित प्रदेश की सरकार को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वह योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार घरों के लिए और प्रस्ताव जमा करे ताकि सभी जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाया जा सके।

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने जुलाई 2020 में पीएमएवाई-यू की एक उप-योजना के तौर पर किफायती किराये के आवास परिसर (एआरएचसी) की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य  देश भर में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और कम आय वाले समूह (एलआईजी) से जुड़े प्रवासी मजदूरों, शहरी गरीबों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों की आवास की जरूरतों को पूरा करना था। इस योजना को दो मॉडलों के जरिए लागू किया गया है। मॉडल-1 के तहत, जम्मू एवं कश्मीर में कुल 336 घरों को एआरएचसी में बदला गया है।

इसके अलावा, एआरएचसी से मिले अनुभवों के आधार पर, पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत  किफायती किराये के आवास (एआरएच) के लिए एक अलग तरीका बनाया गया है। पीएमएवाई-यू 2.0 की योजना से संबंधित दिशा-निर्देश https://pmay-urban.gov.in/uploads/guidelines/Operational-Guidelines-of-PMAY-U-2.pdf पर उपलब्ध हैं। पीएमएवाई-यू 2.0 के एआरएच से संबंधित तरीके का उद्देश्य शहरी प्रवासी, औद्योगिक मजदूर, कामकाजी महिलाएं, विद्यार्थी, शहरी गरीब आदि जैसे लाभार्थियों के कार्यस्थलों के पास किफायती किराये के आवासों के निर्माण को बढ़ावा देना है। एआरएच से संबंधित तरीके को दो मॉडलों के जरिए लागू किया जाता है:

मॉडल-1: सरकार द्वारा बनाए गए मौजूदा खाली घरों को सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) मोड या सरकारी एजेंसियों के जरिए एआरएच में बदलना।

मॉडल-2: शहरी गरीबों, कामकाजी महिलाओं, उद्योगों, औद्योगिक एस्टेट व संस्थानों के कर्मचारियों और अन्य पात्र ईडब्ल्यूएस/एलआईजी परिवारों के लिए निजी/सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा किराये के आवास का निर्माण, संचालन और रखरखाव।

इस संबंध में, पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत सभी इच्छुक सरकारी/निजी संस्थाओं द्वारा नई एआरएच इकाइयों के निर्माण हेतु परियोजना के प्रस्ताव जमा करने के लिए मंत्रालय ने रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) जारी किया है। ईओआई का वेब लिंक https://pmay-urban.gov.in/ARH-EOI.pdf है। जम्मू एवं कश्मीर की केन्द्र - शासित प्रदेश सरकार को प्रवासी शहरी मजदूरों के लिए किराए के मकान बनाने के उद्देश्य से एआरएच के तहत प्रस्ताव जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

पीएमएवाई-यू 2.0  के आईएसएस घटक के तहत, पात्र लाभार्थी [जिनमें ईडब्ल्यूएस, एलआईजी ​​और मध्य आय समूह (एमआईजी) के वैसे परिवार शामिल हैं जिनकी सालाना आय क्रमशः 3 लाख रुपये, 6 लाख रुपये और 9 लाख रुपये तक है] पूरे देश में (जम्मू एवं कश्मीर केन्द्र - शासित प्रदेश सहित) घर खरीदने या बनाने के लिए ब्याज सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। आईएसएस घटक के तहत लाभ पाने हेतु, पात्र लाभार्थियों को पीएमएवाई-यू 2.0 के यूनिफाइड वेब-पोर्टल के जरिए अपनी मांग पंजीकृत करानी होगी। इसके बाद, पात्रता मानदंडों के अनुसार आगे की जरूरी कार्रवाई हेतु आवेदन संबंधित प्राथमिक ऋणदाता संस्थाएं (पीएलआई) को भेजा जाता है। यह योजना सक्षम प्राधिकारी द्वारा मंजूर की गई परियोजनाओं से अपार्टमेंट खरीदने के लिए सहायता देती है और पहले से बने या बन रहे घरों को खरीदने के मामले में जमीन के मालिकाना हक की शर्त नहीं रखती है।

यह जानकारी आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

*****

पीके/केसी/आर/एसएस  


(रिलीज़ आईडी: 2290109) आगंतुक पटल : 62
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Tamil