कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
विशिष्ट डिजिटल किसान पहचान पत्र बनाने में प्रगति
प्रविष्टि तिथि:
24 JUL 2026 5:57PM by PIB Delhi
20 जुलाई, 2026 तक, सब्सिडी के प्रत्यक्ष अंतरण और तकनीकी परामर्श को सुव्यवस्थित करने के लिए 10.18 करोड़ से अधिक किसान आईडी निर्मित की जा चुकी हैं। किसान आईडी के निर्माण की राज्यवार प्रगति अनुबंध-I में दी गई है। राज्य किसानों के जीवन को सुगम बनाने के लिए किसान आईडी का उपयोग कर रहे हैं। यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई), न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) आधारित खरीद, ऋण वितरण, इनपुट वितरण और आपदा राहत के एकीकरण को सक्षम बनाता है।
(ख): उपग्रह इमेज के एकीकरण ने निम्नलिखित पहलों के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के संचालन को अनुकूलित और सुव्यवस्थित किया है:
- i.प्रौद्योगिकी आधारित उपज अनुमान प्रणाली (येस-टेक) उपग्रह रिमोट सेंसिंग डेटा को विभिन्न फसल उपज अनुमान मॉडलों के साथ एकीकृत करके बीमा इकाई स्तर पर प्रौद्योगिकी आधारित फसल उपज का अनुमान लगाया जाता है। यह फसल कटाई प्रयोगों (सीसीई) के उपज डेटा का महत्वपूर्ण पूरक है, जिससे स्थानीय उपज विसंगतियों को उच्च सटीकता के साथ दूर किया जा सकता है।
- फसल कटाई प्रयोगों के लिए स्मार्ट सैंपलिंग(सीसीई): यादृच्छिक क्षेत्र चयन के स्थान पर, उपग्रह से प्राप्त वनस्पति सूचकांक, फसल स्वास्थ्य में भिन्नताओं की पहचान करते हैं जो सीसीई की योजना को अनुकूलित करने, मैन्युअल चयन पूर्वाग्रहों को समाप्त करने और डेटा संग्रह को गति देने की सुविधा प्रदान करते है।
- विवाद समाधान:रिमोट सेंसिंग के माध्यम से समय-समय पर ली गई उपग्रह इमेजेस का उपयोग करके विभिन्न सीजन में फसलों की स्थिति का ऑब्जेक्टिव मूल्यांकन किया जा सकता है। यह डेटा राज्य सरकारों और बीमा कंपनियों के बीच क्षेत्रफल संबंधी भिन्नताओं और उपज से संबंधित विवादों का कम समय में समाधान करने और दावों के निपटान में होने वाली देरी को दूर करने में एक प्रभावी उपकरण के रूप में कार्य करता है।
- फसलों को हुए नुकसान और बाढ़ का त्वरित आकलनः बाढ़, सूखा या चरम मौसम संबंधी असामान्यताओं जैसी स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में,बहु-कालिक सैटेलाइट इमेजरी प्रभावित क्षेत्र का त्वरित मानचित्रण करने में सक्षम बनाती है। कृषि निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) के स्वचालित कार्यप्रवाह के माध्यम से, बाढ़ के आकलन और सूखे की निगरानी में लगने वाला समय अत्यधिक कम हो गया है।
कृषि ड्रोन के उपयोग हेतु प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध कराने हेतु कई पहलें आरंभ की गई हैं, जैसे कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (एसएमएएम) के अंतर्गत ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कृषि स्नातकों, पूर्वोत्तर राज्यों के लघु एवं सीमांत किसानों को किसान ड्रोन खरीदने के लिए 50% तक की सहायता प्रदान की जा रही है। अन्य किसानों को किसान ड्रोन की खरीद के लिए लागत के 40% तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। किसान ड्रोन के कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए भी लागत के 40% तक वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। SMAM योजना के तहत कुल 2122 ड्रोन बांटे/मंजूर किए गए हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधीन स्थित कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (एफएमटीटीआई), जो बुदनी (मध्य प्रदेश), हिसार (हरियाणा) और बिश्वनाथ चारियाली (असम) में स्थित हैं, डीजीसीए द्वारा अनुमोदित आरपीटीओ हैं जो ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रचालित करते हैं। अब तक इन संस्थानों ने 155 ड्रोन पायलटों को प्रशिक्षित किया है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का व्यय संस्थानों द्वारा अपने वार्षिक बजट से वहन किया जाता है।
कृषि ड्रोनों के संचालन पर 15 दिवसीय व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम, जिसमें ड्रोन पायलट लाइसेंस प्राप्त करना भी शामिल है, नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत ड्रोन आपूर्ति पैकेज का एक अभिन्न अंग है। चूंकि यह योजना विशेष रूप से चिह्नित महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए उपलब्ध है, अतः प्रत्येक चयनित एसएचजी के सदस्यों को ड्रोन शुरूआती तौर पर प्रशिक्षित किया जाता है। ये प्रशिक्षण नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा अनुमोदित रिमोट पायलट प्रशिक्षण संगठनों (आरपीटीओ) में आयोजित किए जाते हैं, जिनकी संख्या वर्तमान में देश भर में 274 है। इस योजना के तहत, चयनित एसएचजी को 1094 ड्रोन प्रदान किए गए हैं।
अनुबंध-I
दिनांक 20.07.2026 तक राज्यवार निर्मित किसान आईडी
|
राज्य का नाम
|
निर्मित किसान आईडी की संख्या
|
|
आंध्र प्रदेश
|
5042388
|
|
असम
|
1335174
|
|
बिहार
|
5531133
|
|
छत्तीसगढ
|
3513508
|
|
गुजरात
|
6225462
|
|
हरियाणा
|
1205181
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
595485
|
|
कर्नाटक
|
6443972
|
|
केरल
|
2557460
|
|
मध्य प्रदेश
|
11353326
|
|
महाराष्ट्र
|
13505033
|
|
ओडिशा
|
2020174
|
|
पंजाब
|
352049
|
|
राजस्थान
|
8723010
|
|
सिक्किम
|
28885
|
|
तमिलनाडु
|
3648841
|
|
तेलंगाना
|
5002227
|
|
त्रिपुरा
|
81433
|
|
उत्तर प्रदेश
|
24352649
|
|
उत्तराखंड
|
323259
|
|
कुल
|
101840649
|
यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा में लिखित जवाब में दी।
***
आर सी / एम एस
(रिलीज़ आईडी: 2289053)
आगंतुक पटल : 82