स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
आईपीसी ने स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और वैज्ञानिक नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक समझौता ज्ञापनों के माध्यम से विकसित यूपी-विकसित भारत के विजन को मजबूत किया
आईपीसी और सीएसआईआर-सीआईएमएपी ने औषधीय पौधों के अनुसंधान, मानकीकरण और हर्बल दवाओं के गुणवत्ता मूल्यांकन को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग का नवीनीकरण किया
आईपीसी और डीएसएमएनआरयू ने सहायक उपकरणों के गुणवत्ता मूल्यांकन को मजबूत करने और सांकेतिक भाषा आधारित फार्माकोविजिलेंस को बढ़ावा देने के लिए सहयोग किया
प्रविष्टि तिथि:
23 JUL 2026 6:39PM by PIB Delhi
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था, भारतीय औषध संहिता आयोग (आईपीसी) ने डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (डीएसएमएनआरयू), लखनऊ और सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सुगंधित पादप संस्थान (सीएसआईआर-सीआईएमएपी) के साथ दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर और नवीनीकरण करके विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत की परिकल्पना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया है।
इस समारोह में डीएसएमएनआरयू के कुलपति प्रोफेसर संजय सिंह, आईपीसी के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वी. कलैसेल्वन और सीएसआईआर-सीआईएमएपी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएसआईआर-सीआईएमएपी के साथ नवीनीकृत समझौता ज्ञापन औषधीय पौधों के अनुसंधान, मानकीकरण और हर्बल दवाओं के गुणवत्ता मूल्यांकन में सहयोग जारी रखेगा।
डीएसएमएनआरयू के साथ हुए नए समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सहायक उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा और कार्यक्षमता का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक प्रोटोकॉल विकसित करना है। यह सहयोग दिव्यांगजनों में दवा सुरक्षा जागरूकता और प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग को बढ़ावा देने के लिए सांकेतिक भाषा में फार्माकोविजिलेंस प्रशिक्षण मॉड्यूल के विकास में भी सहायता करेगा।
इस अवसर पर डॉ. वी. कलैसेल्वन ने कहा कि ये सहयोग वैज्ञानिक अनुसंधान, गुणवत्ता मानकों और संस्थागत साझेदारियों को मजबूत करेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य सेवा और दवा गुणवत्ता के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभरने में सहायता मिलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की पहल सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य उत्पादों तक पहुंच में सुधार करके 'विकसित यूपी-विकसित भारत' के साझा दृष्टिकोण में प्रत्यक्ष योगदान देती हैं।
ये साझेदारियां राष्ट्रीय स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिकताओं के समर्थन में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, वैज्ञानिक नवाचार और क्षमता निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए आईपीसी की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं।
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पीके/केसी/एनकेएस/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2288495)
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