संस्‍कृति मंत्रालय
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संग्रहालयों और अभिलेखागारों का डिजिटलीकरण

प्रविष्टि तिथि: 23 JUL 2026 3:52PM by PIB Delhi

संस्कृति मंत्रालय, संग्रहालय संग्रहों और अभिलेखागार संसाधनों के डिजिटलीकरण के लिए सी-डैक, पुणे के तकनीकी सहयोग से विकसित 'जतनसॉफ्टवेयर के माध्यम से एक डिजिटलीकरण पहल लागू कर रहा है। 'म्यूजियम्स ऑफ इंडिया' पोर्टल के माध्यम से एक राष्ट्रीय डिजिटल संग्रहण बनाया गया है, जहाँ आठ राष्ट्रीय स्तर के संग्रहालयों, दो ए.एस.आई. स्थल संग्रहालयों और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संग्रहालय, पुणे के डिजिटलीकृत संग्रह उपलब्ध हैं। 15 जुलाई 2026 तक, 4,88,983 कलाकृतियों में से 3,75,707 कलाकृतियों का डिजिटलीकरण कर उन्हें ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया गया है (अनुलगनक-I)। अब तक डिजिटलीकृत की गई सामग्रियों को निम्नलिखित लिंक के माध्यम से देखा जा सकता है:

https://museumsofindia.gov.in/repository

मंत्रालय और इसके संगठनों द्वारा संग्रहों और अभिलेखागार संसाधनों का डिजिटलीकरण भी चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसके अलावा, संग्रहालय अनुदान योजना के तहत संग्रहालय संग्रहों के डिजिटलीकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान, इस उद्देश्य के लिए योजना के तहत 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।

संस्कृति मंत्रालय के तहत शुरू किए गए 'ज्ञान भारतम् मिशन' का उद्देश्य भारत की विशाल पांडुलिपि विरासत को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसकी सभ्यतागत ज्ञान परंपराओं को पुनर्जीवित करना है। इस दिशा में, अभी 'ज्ञान भारतम्' पोर्टल पर आम लोगों के लिए 3.5 लाख से अधिक डिजिटलीकृत पांडुलिपियाँ उपलब्ध हैं, जिन्हें नीचे दिए गए लिंक पर जाकर देखा जा सकता है:

https://gyanbharatam.com/

मूल्यवान दस्तावेजी धरोहर को संरक्षित करने और अभिलेखागार रिकॉर्ड तक व्यापक पहुँच को आसान बनाने के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय के तहत भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार द्वारा अभिलेखागार रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जा रहा है।  

भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार 30 करोड़ पृष्ठों के डिजिटलीकरण और 4.5 करोड़ पृष्ठों के संरक्षण की प्रक्रिया पूरी  कर रहा है। परियोजना की वर्तमान स्थिति निम्न अनुसार है—

21 जुलाई 2026 तक डिजिटलीकृत छवियों की कुल संख्या: 17,67,40,596 (लगभग 17.67 करोड़)

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डिजिटलीकृत संग्रहों की उपलब्धता और डिजिटल संग्रहण व खोज योग्य डेटाबेस को मजबूत करके सार्वजनिक पहुँच को बढ़ाया गया है। इसके अलावा, शोधकर्ताओं, विद्वानों और सामान्य जनता के लिए भारत की अभिलेखागार धरोहर  तक दुनिया भर में पहुँच को आसान बनाने के लिए डिजिटलीकृत अभिलेखागार रिकॉर्ड को एनएआई के समर्पित पोर्टल 'अभिलेख पटल' पर अपलोड किया जा रहा है। 'अभिलेख पटल' पोर्टल पर आँकड़े इस लिंक पर उपलब्ध हैं: https://www.abhilekh-patal.in/

यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

15 जुलाई 2026 तक वेबसाइट पर उपलब्ध डिजिटलीकृत संग्रहों का तुलनात्मक विवरण

क्रम संख्या

संग्रहालय का नाम

संग्रहालय में मौजूद कुल कलाकृतियों की संख्या

वेबसाइट पर उपलब्ध

वेबसाइट पर उपलब्ध प्रतिशत

1

राष्ट्रीय संग्रहालय

206169

119255

57.84

2

भारतीय संग्रहालय

108000

91013

84.27

3

विक्टोरिया मेमोरियल

29220

28592

97.85

4

सालार जंग संग्रहालय

48367

48349

99.96

5

इलाहबाद संग्रहालय

70121

63781

90.96

6

एनजीएमए, नई दिल्ली

15929

13578

85.24

7

एनजीएमए, मुंबई

1461

1461

100.00

8

एनजीएमए, बेंगलुरु

534

526

98.50

9

एएसआई, गोवा संग्रहालय

729

702

96.30

10

एएसआई, नागार्जुनकोंडा संग्रहालय

8453

8450

99.96

 

कुल

488983

375707

76.83

 

 

 

 

 

 

पीके/केसी/एसके


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