संस्कृति मंत्रालय
विरासत का संवर्धन
प्रविष्टि तिथि:
23 JUL 2026 3:55PM by PIB Delhi
संस्कृति मंत्रालय पूरे देश में उत्तर प्रदेश और बिहार सहित देश की मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई योजनाओं का संचालन करता है।
मूर्त सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) केंद्रीय संरक्षित स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों एवं अवशेषों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए उत्तरदायी है। संस्कृति मंत्रालय केंद्रीय बजट 2026 में घोषित केंद्र प्रायोजित उप-योजना, उत्खनन स्थल एवं विरासत परिसर विकास (डीईएसएच) योजना को कार्यान्वित कर रहा है, जिसका उद्देश्य देश भर में चयनित 15 मूर्त सांस्कृतिक विरासत स्थलों के संवर्धन एवं सतत विकास को बढ़ावा देना है। संस्कृति मंत्रालय संग्रहालय अनुदान योजना भी कार्यान्वित करता है, जिसके अंतर्गत क्षेत्रीय, राज्य और जिला स्तर पर संग्रहालयों के विकास, आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान संग्रहालय अनुदान योजना के अंतर्गत आवंटित/स्वीकृत एवं उपयोग किए गए निधियों का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार और वर्षवार विवरण, जिसमें उत्तर प्रदेश और बिहार भी शामिल हैं, अनुलग्नक-I में दिया गया है।
संस्कृति मंत्रालय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए अमूर्त सांस्कृतिक विरासत संरक्षण योजना (आईसीएच) लागू करता है, जो भारत की जीवंत विरासत की पहचान, प्रलेखन, संरक्षण, सुरक्षा और संवर्धन में सहयोग करती है। संस्कृति मंत्रालय सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं उत्पादन अनुदान (सीएफपीजी) योजना भी लागू करता है, जिसके अंतर्गत क्षेत्रीय, लोक और शास्त्रीय कला रूपों को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनों और उत्पादन-आधारित गतिविधियों के आयोजन हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, गुरु-शिष्य परंपरा संवर्धन वित्तीय सहायता (रेपर्टरी अनुदान) योजना के अंतर्गत, प्रख्यात गुरुओं और उनके रिपर्टरी समूहों को गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से भारत की शास्त्रीय प्रदर्शन कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। ये योजनाएं कला एवं संस्कृति संवर्धन योजना के अंतर्गत कार्यान्वित की जाती हैं, जो कला संस्कृति विकास योजना (केएसवीवाई) का एक घटक है। कला संस्कृति विकास योजना के अंतर्गत बजटीय आवंटन किया जाता है और इसका उपयोग इसकी विभिन्न उप-योजनाओं और घटकों के लिए किया जाता है।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।
अनुलग्नक
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पीके/केसी/एचएन/एनजे
(रिलीज़ आईडी: 2288373)
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