युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
माई भारत ने आयोजित किया ‘जागरूक जिगर : नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’
नशा मुक्त और स्वस्थ भारत को बढ़ावा देने के लिए वेबिनार आयोजित किया गया
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने युवाओं से नशा मुक्त युवा बनकर विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया
वेबिनार के साथ माई भारत वेबिनार श्रृंखला की पहली कड़ी की शुरुआत हुई
माई भारत और आईएलबीएस ने युवाओं को हैल्थ चैम्पियन के रूप में सशक्त बनाने के लिए ‘युवा यकृत मित्र’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया
प्रविष्टि तिथि:
16 JUL 2026 7:00PM by PIB Delhi
मेरा युवा भारत (माई भारत) के माध्यम से आज युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलियरी साइंसेज़ (आईएलबीएस) के सहयोग से ‘जागरूक जिगर : नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया। इस वेबिनार में देशभर से हजारों युवा शामिल हुए। इसका उद्देश्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना, निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना तथा युवाओं को स्वस्थ और नशा-मुक्त भारत के दूत बनने के लिए प्रेरित करना था। वेबिनार में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया उपस्थित थे और इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलियरी साइंसेज़ के कुलपति एवं निदेशक प्रो. (डॉ.) शिव कुमार सरीन इसमें मुख्य वक्ता थे।

वेबिनार को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि माई भारत युवाओं के समग्र विकास के लिए भारत का एकल मंच बनकर उभरा है, जो उन्हें नेतृत्व, स्वयंसेवा, अनुभवात्मक शिक्षण, करिअर मार्गदर्शन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े अवसरों से जोड़ता है।
मंत्री महोदय ने कहा, “माई भारत युवाओं के समग्र विकास के लिए भारत के एकल मंच के रूप में उभरा है। यह युवाओं को नेतृत्व के अवसरों, अनुभवात्मक शिक्षण, करिअर मार्गदर्शन, स्वयंसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ता है। माई भारत मंच के ज़रिए सशक्त होने पर हर विचार एक समाधान बनने की क्षमता रखता है।”

युवाओं की बढ़ती भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मांडविया ने बताया कि प्रतिदिन 1.5 लाख से 2.5 लाख युवा माई भारत प्लेटफॉर्म पर विजि़ट करते हैं, जो राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के प्रति भारत के युवाओं के उत्साह को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विज़न का उल्लेख करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि भारत के युवा देश के परिवर्तन की प्रेरक शक्ति होंगे। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना की है और हमारे युवा ही इस सपने को साकार करेंगे। एक स्वस्थ, कुशल और सामाजिक रूप से जागरूक पीढ़ी ही विकसित भारत की आधारशिला है।”
मादक पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. मांडविया ने प्रत्येक युवा नागरिक से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “नशे की लत आज हमारे समाज के सामने सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है। मैं प्रत्येक युवा से आग्रह करता हूँ कि वह ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का दूत बनने का संकल्प ले और दूसरों को भी स्वस्थ एवं नशा-मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करे।”

वेबिनार के दौरान पद्म भूषण से सम्मानित प्रो. (डॉ.) शिव कुमार सरीन ने ‘युवा यकृत मित्र (वाई2एम) अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया। आईएलबीएस और माई भारत द्वारा संयुक्त रूप से विकसित इस विशेष पहल का उद्देश्य युवाओं को जनस्वास्थ्य से जुड़े व्यावहारिक कौशल प्रदान करना तथा देशभर में युवा हैल्थ चैम्पियंस का एक सशक्त नेटवर्क तैयार करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को यकृत स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, निवारक स्वास्थ्य देखभाल, सामुदायिक जन-जागरूकता, अंगदान, स्वास्थ्य संचार तथा डिजिटल अभियानों से जुड़े अनुभवात्मक शिक्षण के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्रो. (डॉ.) एस.के. सरीन ने कहा, “'युवा यकृत मित्र' कार्यक्रम युवाओं को व्यावहारिक अनुभव आधारित शिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके माध्यम से युवा स्वयंसेवक विशेषज्ञों के साथ कार्य कर सकेंगे, सामुदायिक जन-जागरूकता गतिविधियों में भाग ले सकेंगे और प्रमाणित युवा हैल्थ चैम्पियन बन सकेंगे।”
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अस्वस्थ जीवनशैली और मादक पदार्थों के सेवन के कारण यकृत संबंधी रोग युवाओं को तेजी से प्रभावित कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से रोकथाम के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने युवाओं को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने, नियमित नींद लेने और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने जैसी स्वस्थ दैनिक आदतों के बारे में भी जागरूक किया।
प्रो. सरीन ने आगे कहा कि आईएलबीएस और माई भारत के बीच यह साझेदारी वैज्ञानिक विशेषज्ञता को भारत के युवाओं की ऊर्जा और व्यापक पहुँच के साथ जोड़ते हुए यकृत स्वास्थ्य, अंगदान और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के लिए देशव्यापी जन-आंदोलन तैयार करेगी।
वेबिनार का समापन प्रो. सरीन द्वारा संचालित एक संवादपूर्ण प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ। इसके बाद माई भारत पोर्टल पर ‘युवा यकृत मित्र’ कार्यक्रम के पंजीकरण की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। देशभर के युवाओं को इस कार्यक्रम से जुड़ने तथा स्वस्थ, फिट और नशा-मुक्त विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए पंजीकरण कराने हेतु प्रोत्साहित किया गया।
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पीके/केसी/पीके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2285533)
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