नागरिक उड्डयन मंत्रालय
हेलीकॉप्टर परिचालन के लिए देश की प्रथम प्राइवेट प्वाइंट-इन-स्पेस इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया को मंजूरी मिलने के साथ ही भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की
प्रविष्टि तिथि:
01 JUL 2026 9:11PM by PIB Delhi
नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भारत के विमानन क्षेत्र में इस महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल होने की घोषणा करते हुए हार्दिक प्रसन्नता हो रही है कि देश की प्रथम प्राइवेट प्वाइंट-इन-स्पेस (PinS) इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया को उंडावल्ली हेलीपोर्ट पर हेलीकॉप्टर परिचालन के लिए मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा विकसित तथा नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा अनुमोदित यह प्वाइंट-इन-स्पेस प्रक्रिया डीजीसीए के विनियमों तथा अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के मानकों एवं अनुशंसित प्रथाओं के अनुरूप तैयार की गई है।
प्वाइंट-इन-स्पेस (PinS) प्रक्रिया उन्नत उपग्रह-आधारित नेविगेशन प्रौद्योगिकी का उपयोग करती है, जिससे हेलीकॉप्टर उन हेलीपोर्टों पर भी सुरक्षित और सटीक इंस्ट्रूमेंट अप्रोच कर सकते हैं, जहाँ पारंपरिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग अवसंरचना उपलब्ध नहीं होती। यह प्रणाली विशेष रूप से मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों तथा उन क्षेत्रों में अत्यंत लाभकारी है, जहाँ भूमि-आधारित नेविगेशन सहायता उपलब्ध नहीं होती।
नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू भारत की प्रथम प्राइवेट प्वाइंट-इन-स्पेस (PinS) इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया को लागू करने की पहल का सक्रिय रूप से नेतृत्व और बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। इस उपलब्धि के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री नायडू ने कहा, "भारत की पहली PinS इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया की शुरुआत हेलीकॉप्टर परिचालन के क्षेत्र में एक नए युग का आरंभ है। इससे उड़ान सुरक्षा, परिचालन दक्षता तथा हर तरह के मौसम में सुगम्यता की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, डीजीसीए तथा आंध्र प्रदेश सरकार सहित सभी संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयासों की मैं हृदय से सराहना करता हूँ। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता देशभर में हेलीकॉप्टर परिचालन को अधिक विश्वसनीय और सुलभ बनाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाना है। हाल ही में हमने उन्नत तकनीकी अवसंरचना के सहयोग से इस वर्ष की चारधाम हेलीकॉप्टर सेवा के प्रथम चरण का बिना किसी घटना के सफलतापूर्वक संचालन पूरा किया है। हमारा संकल्प भारत में प्रौद्योगिकी-संचालित तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप हेलीकॉप्टर पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।"
इस पहल के व्यापक महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री नायडू ने कहा, "माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रौद्योगिकी-संचालित नेतृत्व में भारत का नागरिक उड्डयन क्षेत्र तीव्र गति से तकनीकी प्रगति कर रहा है। अभी पिछले सप्ताह ही हमने एक वाणिज्यिक विमान द्वारा देश के पहले स्वदेशी गगन -आधारित प्रिसिजन अप्रोच का सफल प्रदर्शन किया है। देश की पहली प्वाइंट-इन-स्पेस (PinS) इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया की शुरुआत इस यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि सरकार के उस विज़न को और सुदृढ़ करती है, जिसके तहत परफॉर्मेंस-बेस्ड नेविगेशन (पीबीएन) के माध्यम से विमानन अवसंरचना का आधुनिकीकरण, स्वदेशी उपग्रह-आधारित नेविगेशन प्रौद्योगिकियों के उपयोग का विस्तार तथा भारत के विमानन इकोसिस्टम को वैश्विक सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।"
इस मंजूरी से देशभर में इसी प्रकार की प्वाइंट-इन-स्पेस प्रक्रियाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, आपदा राहत अभियानों, पर्यटन, अपतटीय गतिविधियों, तीर्थयात्रा सेवाओं, कॉर्पोरेट विमानन तथा क्षेत्रीय संपर्क को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। यह व्यवस्था दूरस्थ एवं रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (आईएफआर) के तहत अधिक सुरक्षित हेलीकॉप्टर परिचालन को सक्षम बनाएगी, परिचालन की विश्वसनीयता में वृद्धि करेगी तथा प्रतिकूल मौसम के कारण होने वाले व्यवधानों को कम करेगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को हासिल करने में योगदान देने डीजीसीए, एएआई तथा सभी संबंधित हितधारकों की टीमों को हार्दिक बधाई देता है। यह उपलब्धि उन्नत विमानन प्रौद्योगिकियों को अपनाने के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका को और सुदृढ़ करती है। यह सफलता सर्वोत्तम वैश्विक मानकों को अपनाने, हेलीकॉप्टर संपर्क को मजबूत बनाने तथा आधुनिक उपग्रह-आधारित नेविगेशन प्रौद्योगिकी के माध्यम से विमानन सुरक्षा को और अधिक सशक्त करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती है।
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पीके/केसी/आरके
(रिलीज़ आईडी: 2280183)
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