जनजातीय कार्य मंत्रालय
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एनईएसटीएस ने बिहार महादलित विकास मिशन (बिहार राज्य सोसायटी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार सरकार) के साथ ईएमआरएस को मजबूत करने हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

प्रविष्टि तिथि: 05 JUN 2026 6:53PM by PIB Delhi

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा समिति (एनईएसटीएस) ने बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के बिहार महादलित विकास मिशन के साथ एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) योजना के कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने और राज्य में जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य को आगे बढ़ाने हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

एनईएसटीएस को देशभर में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का एक सुदृढ़ नेटवर्क स्थापित करने और उसका प्रबंधन करने का दायित्व सौंपा गया है, ताकि अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों के समकक्ष गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समग्र विकास और उन्नत शिक्षण के अवसर प्रदान किए जा सकें। यह समझौता ज्ञापन संस्थागत समन्वय तथा  उन्नत शासन तंत्र के जरिए बिहार में ईएमआरएस इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस समझौता ज्ञापन पर जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा, एनईएसटीएस की आयुक्त डॉ. प्रतिमा और बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की निदेशक श्रीमती प्रियंका रानी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए  गए।

यह समझौता बिहार में ईएमआरएस की योजना, स्थापना, संचालन और निगरानी के लिए  एनईएसटीएस और राज्य सरकार के बीच समन्वित कार्रवाई हेतु एक ढांचा प्रदान करता है। इसका उद्देश्य स्वीकृत विद्यालयों का समय पर संचालन सुनिश्चित करना, बुनियादी ढांचागत कार्यों को पूरा करना, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रणालियों को सुदृढ़ करना और जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्रदान करना है।

इस समझौता ज्ञापन के प्रावधानों के अनुसार, ईएमआरएस योजना के तहत प्रति विद्यार्थी  1.47 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इससे बिहार उन अन्य राज्यों के बराबर आ जाएगा, जिन्होंने एनईएसटीएस के साथ इसी तरह के समझौते किए हैं। राज्य सरकार विद्यालय के बुनियादी ढांचे के शीघ्र निर्माण और ईएमआरएस के संचालन के लिए आवश्यक उपाय करेगी, जबकि शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती एक केंद्रीकृत प्रक्रिया के जरिए की जाएगी ताकि गुणवत्ता और पारदर्शिता के समान मानक सुनिश्चित हो सकें।

इस समझौता ज्ञापन में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित और सीबीएसई के मानदंडों व मानकों के अनुरूप एक साझा शैक्षणिक ढांचा लागू करने की परिकल्पना भी की गई है, जिससे जनजातीय विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और समग्र विकास के अवसर सुनिश्चित हो सकें। इस सहयोग से शैक्षिक परिणामों में सुधार, प्रतिभाओं को निखारने और गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के माध्यम से जनजातीय युवाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।

इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर जनजातीय कार्य मंत्रालय, एनईएसटीएस और बिहार सरकार की अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र विकास तक समान पहुंच प्रदान करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। माननीय प्रधानमंत्री के समावेशी एवं सशक्त विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह पहल शैक्षिक अवसरों को मजबूत करेगी और जनजातीय युवाओं को भारत के विकास में सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाएगी। 

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पीके/केसी/आर /डीए


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