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दूरसंचार विभाग ने भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) में सहयोग के लिए ब्रिक्स कार्य समूह की दूसरी बैठक का आयोजन किया


भारत ने ब्रिक्स क्षमता निर्माण केंद्रों, भविष्य के नेटवर्कों और ग्लोबल साउथ के लिए डिजिटल सहयोग पर पहल को आगे बढ़ाया

चर्चाओं में लचीली डिजिटल अवसंरचना, साइबर सुरक्षा, भविष्य के नेटवर्क, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और समावेशी डिजिटल बदलाव पर ध्यान केंद्रित किया गया

प्रविष्टि तिथि: 22 MAY 2026 7:31PM by PIB Delhi

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत, दूरसंचार विभाग ने सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) में सहयोग के लिए ब्रिक्स कार्य समूह की दूसरी बैठक का सफलतापूर्वक आयोजन और उसकी अध्यक्षता की। यह बैठक 21 मई 2026 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में डिजिटल प्रौद्योगिकियों, भविष्य के नेटवर्क, नवाचार ईकोसिस्टम, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) और सतत एवं समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए क्षमता निर्माण में सहयोग को मजबूत करने के प्रति ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता दिखाई दी।

इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के मुख्य विषय - "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" - और ICT ट्रैक के विषय - "लचीले भविष्य के लिए नवाचार, सहयोग और परिवर्तन (ICT)" - के तहत आयोजित इस बैठक में डिजिटल विभाजन को पाटने, नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने, डिजिटल लचीलेपन को बढ़ाने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में किफायती और सार्थक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोणों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

भारत ने ब्रिक्स देशों के बीच विश्वसनीय डिजिटल अवसंरचना, संस्थागत क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी साझेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। भारत ने इस बात पर बल दिया कि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) में सहयोग नागरिकों को सशक्त बनाने, सार्वजनिक सेवा वितरण को बेहतर बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और ग्लोबल साउथ में समावेशी विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण है।

बैठक का एक प्रमुख आकर्षण भारत द्वारा ब्रिक्स ICT ट्रैक के अंतर्गत ब्रिक्स क्षमता निर्माण केंद्रों पर अवधारणा नोट की प्रस्तुति थी। इस पहल का उद्देश्य ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच उभरती डिजिटल और दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में कौशल विकास, ज्ञान का आदान-प्रदान, तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान सहयोग और क्षमता विकास के लिए सहयोगी संस्थागत तंत्र स्थापित करना है।

बैठक में बच्चों के ऑनलाइन संरक्षण और ब्रिक्स डिजिटल ईकोसिस्टम सहयोग को मजबूत करने से संबंधित प्रस्तावों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सदस्य देशों ने सुरक्षित और विश्वसनीय कनेक्टिविटी, लचीली डिजिटल अवसंरचना, सुरक्षित डिजिटल वातावरण और उभरते डिजिटल क्षेत्रों में बेहतर सहयोग के बढ़ते महत्व पर जोर दिया।

ब्रिक्स इंस्टीट्यूट फॉर फ्यूचर नेटवर्क्स (BIFN), डिजिटल ब्रिक्स टास्क फोर्स (DBTF) और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस ग्रुप (DPI) के तहत गतिविधियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

कार्य समूह ने ब्रिक्स ICT सहयोग की चल रही पहल पर हुई प्रगति की भी समीक्षा की और ब्रिक्स ICT ट्रैक के तहत आगामी गतिविधियों के लिए रोडमैप पर चर्चा की, जिसमें वेबिनार, तकनीकी चर्चाएं, मंत्रिस्तरीय बैठकें और डिजिटल परिवर्तन, दूरसंचार में AI, भविष्य के नेटवर्क नवाचार और संस्थागत सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित सहयोगी गतिविधियां शामिल हैं।

बैठक का समापन ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) क्षेत्र में सहयोगात्मक नवाचार, संस्थागत साझेदारी, विश्वसनीय डिजिटल अवसंरचना, क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान तंत्रों के माध्यम से सहयोग को और गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। आशा है कि ये चर्चाएं ब्रिक्स देशों और व्यापक ग्लोबल साउथ में लचीले डिजिटल समाजों को बढ़ावा देने, समावेशी डिजिटल विकास को प्रोत्साहित करने और सतत विकास उद्देश्यों का सहयोग करने में और अधिक योगदान देंगी।

 

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पीके /केसी/जेएस


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