खान मंत्रालय
हिंदुस्तान जिंक का राजस्थान में परिचालन विकसित भारत के दृष्टिकोण को दर्शाता है: जी. किशन रेड्डी
केंद्रीय मंत्री ने राजस्थान में प्रौद्योगिकी आधारित भूमिगत खनन, एकीकृत धातु गलाने की प्रक्रियाओं एवं प्रमुख सामुदायिक विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की
प्रविष्टि तिथि:
18 MAY 2026 7:19PM by PIB Delhi
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी का हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने राजस्थान स्थित अपने राजपुरा दरीबा परिसर में स्वागत किया। इस दौरे में कंपनी की विश्व की सबसे बड़ी चांदी उत्पादक एवं तकनीकी रूप से उन्नत भूमिगत खानों में से एक, सिंदेसर खुर्द खदान और अत्याधुनिक धातु गलाने की सुविधा से युक्त दरीबा स्मेल्टिंग परिसर का व्यापक दौरा शामिल है।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने कहा, “विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा उसके खनिज संसाधनों, घरेलू क्षमताओं एवं भविष्य के लिए तैयार उद्योगों के माध्यम से स्थापित होगी। हिंदुस्तान जिंक का परिचालन इस बात को दर्शाता है कि देश का खनन क्षेत्र किस प्रकार से एक आधुनिक, जिम्मेदार एं प्रौद्योगिकी-संचालित विकास इंजन में परिवर्तित हो रहा है। इसकी एकीकृत, प्रौद्योगिकी-प्रथम खनन-से-धातु क्षमताएं, सुरक्षा, नवाचार, विविध कार्यबल एवं सामुदायिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित आत्मनिर्भर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत अपनी महत्वपूर्ण खनिज मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत कर रहा है हिंदुस्तान जिंक आयात निर्भरता में कमी लाने, घरेलू संसाधनों से अधिक मूल्य निकालने और विनिर्माण एवं दीर्घकालिक आर्थिक लचीलापन का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिम्मेदार खनन इस परिवर्तन का केंद्रीय हिस्सा होगा जिससे भारत अपनी खनिज क्षमता को राष्ट्रीय शक्ति, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता और समावेशी विकास में परिवर्तित कर सकेगा।
सालाना 11 लाख टन से अधिक परिष्कृत धातु उत्पादन क्षमता के साथ, हिंदुस्तान जिंक भारत की खनिज सुरक्षा एवं घरेलू धातु पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में एक रणनीतिक भूमिका निभाता है। इस दौरे में भारत के खनन और धातु क्षेत्र की रणनीतिक महत्वाकांक्षा को उजागर किया गया, जो देश के अवसंरचना विस्तार, विनिर्माण वृद्धि, ऊर्जा परिवर्तन एवं उभरती तकनीकों के लिए आवश्यक कच्चे माल को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण है।
जस्ता, सीसा एवं चांदी जैसे धातु उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं जिनमें स्टील गैल्वनाइजेशन, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और उन्नत विनिर्माण शामिल हैं। जैसे-जैसे भारत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अंतर्गत एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी आत्मनिर्भर विनिर्माण एवं औद्योगिक अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ रहा है, बड़े पैमाने पर, प्रौद्योगिकी-संचालित एवं वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी खनन संचालन का विकास आयात पर निर्भरता को कम करने, खनिज सुरक्षा को मजबूत करने एवं राष्ट्र के लिए दीर्घकालिक आर्थिक मूल्य को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

केंद्रीय मंत्री के साथ हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ श्री अरुण मिश्रा, खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री विवेक बाजपेई एवं कंपनी की वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इस यात्रा के दौरान, माननीय मंत्री ने सिंदेसर खुर्द खदान का भूमिगत दौरा किया जो अपने विशाल आकार, चांदी से समृद्ध अयस्क भंडार, सुरक्षा, उत्पादकता एवं परिचालन उत्कृष्टता पर केंद्रित प्रौद्योगिकी-आधारित प्रथाओं के माध्यम से भूमिगत खनन के लिए एक मिसाल है। उन्होंने उत्पाद गैलरी का दौरा किया और एक विशेष वीडियो एवं प्रस्तुति के माध्यम से खदान के इतिहास, क्षमता, सुरक्षा प्रणालियों, पेस्ट फिलिंग और टेली-रिमोट संचालन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नियंत्रण कक्ष का भी दौरा किया और दूरस्थ रूप से संचालित उपकरणों का निरीक्षण किया, जिससे उन्हें भूमिगत खनन को अधिक सुरक्षित एवं कुशल बनाने के लिए कंपनी के प्रौद्योगिकी-आधारित दृष्टिकोण की जानकारी ली। केंद्रीय मंत्री ने भारत की पहली महिला खदान बचाव दल द्वारा किए गए प्रत्यक्ष प्रदर्शन का भी अवलोकन किया एवं खनन कार्यों में समावेश, क्षमता निर्माण और सुरक्षा उत्कृष्टता की दिशा में कंपनी के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने सिंदेसर खुर्द खदान की कैंटीन में आज दोपहर भोजन के दौरान 54 जिंक रत्ना संविदा कर्मचारियों, महिला खनन इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों के साथ बातचीत की और हिंदुस्तान जिंक की परिचालन उत्कृष्टता और भारत के खनन विकास गाथा में उनके योगदान की सराहना की।
केंद्रीय मंत्री ने दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में नियंत्रण कक्ष, सेल हाउस एवं कैथोड यार्ड का दौरा किया, जिससे उन्हें हिंदुस्तान जिंक की एकीकृत खनन-से-धातु क्षमताओं तथा सुरक्षित, जिम्मेदार एवं मूल्यवर्धित धातु उत्पादन पर जानकारी प्राप्त हुई।
उन्होंने परिसर में महिला कर्मियों से भी मुलाकात की और समावेश, नेतृत्व विकास एव कार्यबल विविधता में हिंदुस्तान जिंक के प्रयासों की सराहना की, जिसमें धातु और खनन क्षेत्र में 26.3 प्रतिशत महिला कार्यबल शामिल है।

उन्होंने कंपनी के प्रमुख कार्यक्रम 'ऊंची उड़ान' के लाभार्थियों से भी बातचीत की जिन्होंने अपना सफल करियर बनाया है और अब कोल इंडिया में कार्यरत हैं।

श्री जी. किशन रेड्डी को हिंदुस्तान जिंक की सतत विकास यात्रा की जानकारी प्रदान की गई, जिसमें जिम्मेदार खनन, संसाधन दक्षता, जल प्रबंधन, ऊर्जा परिवर्तन, कम कार्बन उत्सर्जन वाली वृद्धि एवं परिचालन में प्रौद्योगिकी-आधारित परिवर्तन जैसे प्रयास शामिल हैं। चर्चा का केंद्र बिंदु खनिज सुरक्षा को बढ़ावा देने, घरेलू मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने एवं देश के दीर्घकालिक आर्थिक विकास में योगदान देने में भारतीय खनन कंपनियों की भूमिका शामिल हैं।
***
पीके/केसी/एके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2262529)
आगंतुक पटल : 203