विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
सीएसआईआर-एएमपीआरआई ने स्वदेशी सोडर प्रणाली प्रौद्योगिकी को उद्योग को हस्तांतरित करके अपना 46वां स्थापना दिवस मनाया
प्रविष्टि तिथि:
15 MAY 2026 6:02PM by PIB Delhi
भोपाल स्थित सीएसआईआर की एक घटक प्रयोगशाला - एडवांस्ड मैटेरियल्स एंड प्रोसेसेज रिसर्च इंस्टीट्यूट (एएमपीआरआई) ने 12 मई, 2026 को अपना 46वां स्थापना दिवस मनाया (समारोह 12-14 मई 2026 के दौरान आयोजित किए गए)। इस विशेष अवसर पर, सीएसआईआर-एएमपीआरआई, भोपाल द्वारा मेसर्स मेटियोएक्सपर्ट्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा को एसओडीएआर (साउंड डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सिस्टम की तकनीक हस्तांतरित की गई। यह समारोह भारत सरकार के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) महानिदेशक (डीजी) और वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) के सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। मेसर्स मेटियोएक्सपर्ट्स सॉल्यूशंस, नोएडा के निदेशक श्री सिद्धार्थ गुप्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रारंभ में, सीएसआईआर-एएमपीआरी, भोपाल के निदेशक डॉ. थल्लादा भास्कर ने स्वागत भाषण और प्रारंभिक टिप्पणी दी। अपने भाषण में उन्होंने एसओडीएआर प्रणाली सहित सीएसआईआर-एएमपीआरी की विभिन्न प्रौद्योगिकियों के बारे में बताया। उन्होंने मौसम, जलवायु परिवर्तनशीलता, पूर्वानुमान और आपदा जोखिम न्यूनीकरण से संबंधित वैज्ञानिक और सामाजिक चुनौतियों पर जोर देते हुए जलवायु और पर्यावरण अध्ययन में एसओडीएआर की भूमिका पर प्रकाश डाला।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. एन. कलाइसेल्वी ने इस बात पर जोर दिया कि विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित विकास भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रणी कारक हैं। डॉ. कलाइसेल्वी ने कहा कि सीएसआईआर-एएमपीआरी की पहल से विकसित स्वदेशी एसओडीएआर प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के अंतर्गत स्वदेशी वायुमंडलीय निगरानी प्रौद्योगिकियों को सुदृढ़ करने और पर्यावरण निगरानी एवं वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए उद्योग-उन्मुख नवाचारों को गति देने के प्रति सीएसआईआर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डॉ. कलाइसेल्वी ने एसओडीएआर गतिविधि की प्रधान अन्वेषक और सीएसआईआर-एएमपीआरी, भोपाल की वैज्ञानिक एफ, डॉ. कीर्ति सोनी को स्वदेशी एसओडीएआर प्रणाली विकसित करने और अनुसंधान परिणामों को सामाजिक एवं औद्योगिक महत्व की प्रौद्योगिकियों में सफलतापूर्वक परिवर्तित करने के लिए बधाई दी। कार्यक्रम का समापन वैज्ञानिक जी, डॉ. मोहम्मद अकरम खान के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके बाद वंदे मातरम और राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया।.
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पीके/केसी/एसकेएस/एमयू
(रिलीज़ आईडी: 2261554)
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