वित्त मंत्रालय
वित्तीय सेवा विभाग के बीमा प्रभाग ने मार्च 2026 के लिए ग्रुप ए श्रेणी में शिकायत निवारण मूल्यांकन और सूचकांक (जीआरएआई) रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया
शिकायत निवारण में निरंतर प्रदर्शन को दर्शाते हुए बैंकिंग विभाग लगातार दूसरे महीने पांचवें स्थान पर बना हुआ है
प्रविष्टि तिथि:
07 MAY 2026 5:59PM by PIB Delhi
वित्तीय सेवा विभाग (बैंकिंग और बीमा प्रभाग) को एक वित्तीय वर्ष में 25 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त होती रही हैं। नवंबर 2025 से यह विभाग लगातार विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के बीच शिकायत निवारण मूल्यांकन और सूचकांक (जीआरएआई) रैंकिंग में शीर्ष 10 में शामिल रहा है। मार्च 2026 के लिए, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी जीआरएआई रैंकिंग में बीमा प्रभाग ने समूह ए श्रेणी (500 या उससे अधिक शिकायतें दर्ज करने वाले विभाग) में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। वहीं , बैंकिंग प्रभाग लगातार दूसरे महीने पांचवें स्थान पर बना हुआ है।
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा विकसित जीआरएआई ढांचा, केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) के माध्यम से शिकायत समाधान की प्रभावशीलता और समयबद्धता के आधार पर मंत्रालयों और विभागों का मूल्यांकन करता है।
यह उपलब्धि विभाग की "निर्बाध, समयबद्ध और सहानुभूतिपूर्ण समाधान" के प्रति दृढ़ता को दर्शाती है। एक समर्पित शिकायत निवारण प्रकोष्ठ दैनिक आधार पर सीपीग्राम की निगरानी करता है और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में साप्ताहिक समीक्षा करता है। साथ ही, संबंधित सहायक निदेशक/ संयुक्त सेवा अधिकारी/ मंडल प्रमुख प्रति माह बीस शिकायतों की समीक्षा करते हैं। 07.01.2024 से, सचिव (वित्तीय विभाग) भी व्यक्तिगत रूप से प्रतिमाह रैंडम तौर पर चयनित बीस बंद शिकायतों की समीक्षा कर रहे हैं और अब तक ऐसी 20 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं जिनमें 400 शिकायतों की समीक्षा की गई है। इस प्रकार की प्रक्रिया से ग्राहकों का विश्वास मजबूत होता है क्योंकि यह सुनिश्चित किया जाता है कि उनकी समस्याओं का समुचित समाधान उच्चतम स्तर पर किया जा रहा है।
इस प्रदर्शन में योगदान देने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं:
- शिकायतों का समय पर निपटान।
- लंबित मामलों में कमी
- शिकायत निवारण की गुणवत्ता में सुधार
सरकार कुशल और सुलभ सार्वजनिक सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए शिकायत निवारण प्रणाली को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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पीके/केसी/एसकेएस/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2258818)
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