आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
विश्वास, सेवा और राष्ट्र निर्माण के 56 वर्ष
भारत के शहरी भविष्य को संवारने के 56 वर्ष का उत्सव
प्रविष्टि तिथि:
25 APR 2026 8:24PM by PIB Delhi
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत भारत की अग्रणी टेक्नो-फाइनेंसिंग नवरत्न सीपीएसई, आवासन एवं शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुडको) ने आज अपना 56वां स्थापना दिवस "संकल्प दिवस" के रूप में मनाया। इस समारोह में पिछले साढ़े पांच दशकों में हुडको की शानदार उपलब्धियों को उजागर किया गया। इस समारोह में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल, आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री टोखन साहू, मंत्रालय के सचिव श्री श्रीनिवास कटिकिथाला (आईएएस), और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


उद्घाटन समारोह के बाद 'शहरी चुनौती कोष (यूसीएफ)' और 'शहरी निवेश विंडो (UiWIN)' पर संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें UiWIN तकनीकी सहायता फ्रेमवर्क का अनावरण किया गया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य इन योजनाओं और शहरी परिदृश्य को बदलने की उनकी क्षमता के बारे में जानकारी प्रसारित करना था। इस सत्र में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों, कई नगर आयुक्तों और हुडको के कर्मचारियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर संबोधन में श्री मनोहर लाल ने राष्ट्र के बुनियादी ढांचे के विकास में हुडको के महत्वपूर्ण योगदान पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण के अनुरूप, हुडको भारत सरकार की शहरी परिवर्तन की नई योजनाओं के माध्यम से सामने आने वाले विशाल अवसरों का लाभ उठाने में अपनी नई पेशकश UiWIN के जरिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। इन योजनाओं में 'शहरी चुनौती कोष (यूसीएफ)' भी शामिल है।
श्री टोखन साहू ने पीएमएवाई सहित भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं को दिए गए समर्थन और राष्ट्र के शहरी परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए हुडको की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में शहरीकरण की गति बहुत तेज है। अनुमान है कि 2050 तक 50% से अधिक आबादी शहरों में निवास करेगी, जिसके लिए शहरी बुनियादी ढांचे में भारी निवेश की आवश्यकता होगी। इस संदर्भ में, उन्होंने परिवर्तनकारी 'अर्बन चैलेंज फंड' (Urban Challenge Fund) की शुरुआत को गेम-चेंजिंग पहल बताया। यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी के लिए नए रास्ते खोलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि 'UiWIN' के माध्यम से, शहरी परिवर्तन का नया अध्याय लिखा जाएगा; इसके तहत शहरी स्थानीय निकायों को ऐसी परियोजनाओं की पहचान करने में सक्षम बनाया जाएगा, जो बैंक से वित्तपोषण प्राप्त करने योग्य हों और जिनसे राजस्व उत्पन्न करने वाला ऐसा बुनियादी ढांचा विकसित किया जा सके, जिसकी वित्तीय व्यवहार्यता सिद्ध हो चुकी हो।
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव ने कहा कि हुडको में मौलिक परिवर्तन आया है और इसने अपने लिए विशिष्ट स्थान बनाया है; इसे प्रमुख वित्तीय संस्थान के रूप में पहचान मिली है, जो विशेष रूप से यूसीएफ और UiWIN की शुरुआत के साथ शहरी क्षेत्र में उत्प्रेरक की भूमिका निभा रहा है। कंपनी की पिछली उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हुडको 'विकसित भारत' की नींव रख रहा है। उन्होंने कहा कि सतत शहरी विकास में योगदान देने के लिए हुडको की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर हुडको के मुख्य महा प्रबंधक (सीएमडी) ने सभा को बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में हुडको ने अब तक का सबसे अधिक, लगभग 1,65,000 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया है और लगभग 52,000 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े पाँच दशकों से, हुडको ने लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अपने तीन मुख्य स्तंभों - वित्तपोषण, परामर्श और क्षमता निर्माण - के माध्यम से पूरे देश में सतत आवास का विकास किया है। हुडको, 'विकसित भारत 2047' के विज़न के अनुरूप, अधिक मजबूत, स्मार्ट और समावेशी भारत के निर्माण के लिए नई प्रतिबद्धता के साथ पूरी तरह तैयार है।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में, कई आंतरिक प्रकाशनों का विमोचन किया गया। इस अवसर पर हुडको के कर्मचारियों की लंबी एवं सराहनीय सेवा के लिए उन्हें, तथा विभिन्न राज्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रमुख हितधारकों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ, जिसमें हमारे देश की समृद्ध शास्त्रीय परंपराओं को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया गया।
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पीके/केसी/पीके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2255575)
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