रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग
केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने रसायन एवं पेट्रो-रसायन क्षेत्र के विकास की रूपरेखा तैयार करने हेतु उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों से मुलाकात की
वैश्विक चुनौतियों के बीच सुदृढ़ता और आपूर्ति श्रृंखला के विविधीकरण पर ध्यान
आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने हेतु समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध - श्री नड्डा
प्रविष्टि तिथि:
23 APR 2026 8:52PM by PIB Delhi
केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने आज नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में भारतीय रसायन एवं पेट्रो-रसायन उद्योग की प्रमुख हस्तियों के साथ बैठक की। इस बैठक में इस क्षेत्र के लिए एक रणनीतिक रोडमैप पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा का मुख्य केन्द्रबिंदु विकास को गति देने और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में योगदान देने हेतु अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपायों की रूपरेखा तैयार करना था।

बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संकट पर चर्चा हुई। चर्चा के क्रम में संबंधित क्षेत्र की सुदृढ़ता को बढ़ाने और बाहरी जोखिमों को कम करने हेतु वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने पर जोर दिया गया। इस दौरान वैश्विक रसायन और पेट्रो-रसायन मूल्य श्रृंखला में भारत की स्थिति को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

श्री जे. पी. नड्डा ने इस उद्योग की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने हेतु समान अवसर सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने संकेत दिया कि अनुचित व्यापार कार्यप्रणिलयों से निपटने हेतु उचित व्यापारिक सुधारात्मक उपायों पर विचार किया जाएगा।
श्री नड्डा ने उद्योग जगत से सुझाव आमंत्रित किए ताकि इस क्षेत्र के विकास को सुगम बनाया जा सके और विशेष रूप से वर्तमान पश्चिम एशियाई संकट के मद्देनजर इसे अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। उन्होंने उद्योग जगत को आश्वासन दिया कि सरकार निरंतर उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करती रहेगी।

रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग के सचिव श्री तेजवीर सिंह और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे। पेट्रो-रसायन, पॉलिमर, स्पेशलिटी केमिकल्स, क्लोर-अल्कली, एग्रोकेमिकल्स, डाई एवं पिगमेंट और ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिकल्स जैसे विभिन्न उप-क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 25 सीईओ, अध्यक्ष और उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों ने इस विचार-विमर्श में भाग लिया।
यूपीएल ग्रुप, दीपक ग्रुप, डीसीएम श्रीराम, जुबिलेंट ग्रुप, एसआरएफ लिमिटेड, अतुल लिमिटेड, थिरुमलई केमिकल्स लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, आरती इंडस्ट्रीज लिमिटेड, एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड, टाटा केमिकल्स, सनमार ग्रुप, ओएनजीसी पेट्रो-एडिशन्स लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और गेल (इंडिया) लिमिटेड की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
भारतीय अर्थव्यवस्था में रसायन एवं पेट्रो-रसायन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह क्षेत्र कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, निर्माण, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई उद्योगों के लिए रीढ़ की हड्डी का काम करता है। वर्तमान में लगभग 220 बिलियन अमेरिकी डॉलर के इस क्षेत्र का लक्ष्य 2040 तक एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर और 2047 तक 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक तक पहुंचना है।
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पीके/केसी/आर / डीए
(रिलीज़ आईडी: 2255055)
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