पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता खराब होने के कारण ‘ग्रैप’ का पहला चरण लागू किया

प्रविष्टि तिथि: 16 APR 2026 7:38PM by PIB Delhi

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दैनिक वायु गुणवत्ता बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 226 दर्ज किए जाने के बाद (जो 201-300 की 'खराब' श्रेणी में आता है) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) संबंधी उप-समिति ने आज तत्काल प्रभाव से पूरे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में  ग्रैप के पहले चरण को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

दिल्ली-एनसीआर में मौजूदा वायु गुणवत्ता परिदृश्य का जायजा लेने के लिए आज उप-समिति की बैठक आयोजित की गई। वर्तमान स्थितियों के साथ-साथ  मौसम विज्ञान विभाग  और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान  द्वारा प्रदान किए गए मौसम एवं मौसम संबंधी पूर्वानुमानों की व्यापक समीक्षा के बाद, यह पाया गया कि प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण दिल्ली का एक्यूआई बढ़ने की प्रवृत्ति पर है। मौसम विज्ञान विभाग/भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमानों से यह भी संकेत मिलता है कि अगले दो दिनों तक एक्यूआई के 'खराब' श्रेणी में ही बने रहने की आशंका है।

इसे देखते हुए, उप-समिति ने मौजूदा ग्रैप के चरण-I के अंतर्गत आने वाली सभी 31 कार्रवाइयों को पूरे एनसीआर  में तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया। ये कदम इस प्रकार हैं:

  1. भवन निर्माण और तोड़ने (सी&डी ) की गतिविधियों में धूल शमन उपायों से संबंधित निर्देशों/नियमों/दिशानिर्देशों का उचित कार्यान्वयन और मलबे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाये।
  2. दिनांक 11.06.2021 के निर्देश संख्या 11-18 का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें और 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक के भूखंड वाली ऐसी परियोजनाओं के लिए निर्माण और भवन गिराने की अनुमति न दें, जो संबंधित राज्य/जीएनसीटीडी के 'वेब पोर्टल' पर पंजीकृत नहीं हैं या जो धूल शमन उपायों की रिमोट मॉनिटरिंग के लिए उपरोक्त वैधानिक निर्देशों के अनुसार अन्य आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते हैं।
  3. समर्पित डंप साइटों से नगर निगम के ठोस कचरे, निर्माण एवं तोड़ने के बाद मलबे और खतरनाक कचरे का नियमित उठाव सुनिश्चित करें और यह सुनिश्चित करें कि खुले क्षेत्रों में कोई भी मलबा अवैध रूप से न फेंका जाए।
  4. सड़कों पर समय-समय पर मशीनीकृत सफाई और पानी का छिड़काव करें तथा एकत्रित धूल का निर्दिष्ट स्थलों/लैंडफिल में वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित करें।
  5. यह सुनिश्चित करें कि भवन निर्माण एवं तोड़ने के बाद  निकले मलबे और कचरे को परिसर में उचित रूप से संग्रहीत/सीमित और ढंक कर रखा जाए। मलबे और कचरे को केवल ढके हुए वाहनों के माध्यम से ही लाना और ले जाना  सुनिश्चित करें।
  6. भवन निर्माण एवं विध्वंस वाले स्थलों पर निर्माणधीन परियोजना के कुल निर्मित क्षेत्र के अनुपात में एंटी-स्मॉग गन के उपयोग के लिए वैधानिक निर्देशों और मापदंडों को सख्ती से लागू करें।
  7. सड़क निर्माण/चौड़ीकरण/मरम्मत परियोजनाओं और रखरखाव गतिविधियों में एंटी-स्मॉग गन, पानी के छिड़काव और धूल दबाने वाले उपायों के उपयोग को तेज करें।
  8. बायोमास और नगर निगम के ठोस कचरे को खुले में जलाने पर लगे प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करें। उल्लंघन की स्थिति में माननीय एनजीटी के ओए 21/2014 (OA 21/2014) में दिनांक 04.12.2014 और 28.04.2015 के आदेशों के अनुसार अधिकतम पर्यावरण मुआवजा लगाएँ।
  9. यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी रखें कि लैंडफिल साइटों/डंपसाइटों पर आग लगने की कोई घटना न हो।
  10. भारी ट्रैफिक वाले सभी चिन्हित गलियारों और भीड़भाड़ वाले चौराहों पर सुचारू यातायात प्रवाह के लिए ट्रैफिक पुलिस तैनात करें।
  11. वाहनों के लिए पीयूसी  मानदंडों की कड़ी निगरानी और प्रवर्तन सुनिश्चित करें।
  12. दिखाई देने वाले उत्सर्जन  के प्रति कोई नरमी न बरतें। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को जब्त करके और/या उन पर अधिकतम जुर्माना लगाकर रोकें।
  13. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को सख्ती से लागू करें जिसमें वैसे ट्रक जिनका गंतव्य दिल्ली नहीं है, उन ट्रकों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भेजा जाए।
  14. पुरानी डीजल और पेट्रोल गाड़ियों के संबंध में माननीय एनजीटी/माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों तथा मौजूदा कानूनों को कड़ाई से लागू करें।
  15. नियमों का पालन न करने वाली और अवैध औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त दंडात्मक/कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
  16. उद्योगों, ईंट भट्ठों और हॉट मिक्स प्लांट आदि में सभी प्रदूषण नियंत्रण नियमों को कड़ाई से लागू करें - उत्सर्जन के निर्धारित मानकों का सख्त अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
  17. यह सुनिश्चित करें कि एनसीआर  के उद्योगों में, जिनमें ईंट भट्ठे और हॉट मिक्स प्लांट भी शामिल हैं, केवल अनुमोदित ईंधन का ही उपयोग किया जाए और उल्लंघन की स्थिति में उन्हें बंद करने की कार्रवाई की जाए।
  18. थर्मल पावर प्लांट में उत्सर्जन मानदंडों को कड़ाई से लागू करें और नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
  19. पटाखों पर प्रतिबंध के संबंध में माननीय न्यायालयों/ट्रिब्यूनल के आदेशों को सख्ती से लागू करें।
  20. औद्योगिक और गैर-विकास क्षेत्रों से औद्योगिक कचरे का नियमित उठाव और उचित निपटान सुनिश्चित करें।
  21. डिस्कॉम  एनसीआर  में बिजली की आपूर्ति में कटौती  को न्यूनतम करें।
  22. यह सुनिश्चित करें कि डीजल जनरेटर  सेटों का उपयोग बिजली आपूर्ति के नियमित स्रोत के रूप में न किया जाए।
  23. होटलों, रेस्टोरेंटों और खुली जगहों पर खाने-पीने की दुकानों में तंदूरों में ईंधन के तौर पर कोयले/जलाऊ लकड़ी के इस्तेमाल पर लगी मौजूदा पाबंदी को सख्ती से लागू करें।
  24. यह सुनिश्चित करें कि होटल, रेस्टोरेंट और खुली जगहों पर खाने-पीने की दुकानें सिर्फ़ बिजली/गैस-आधारित/साफ़ ईंधन-आधारित उपकरणों का ही इस्तेमाल हो।
  25. सोशल मीडिया और बल्क एसएमएस के ज़रिए जानकारी का प्रचार-प्रसार करें। लोगों को प्रदूषण के स्तर और कंट्रोल रूम के संपर्क विवरण के बारे में बताने के लिए मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल किया जाए; साथ ही, लोगों को यह सुविधा दी जाए कि वे प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों/स्रोतों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।
  26. प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए 311 ऐप, 'ग्रीन दिल्ली' ऐप, 'समीरऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर प्राप्त शिकायतों के निवारण के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
  27. सड़कों पर यातायात के दबाव को कम करने के लिए कार्यालयों को कर्मचारियों के लिए एकीकृत आवागमन जैसे कार पूल  को प्रोत्साहित करें।
  28. वैकल्पिक बिजली उत्पादन सेटों/उपकरणों (डीजी सेट आदि) के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें।
  29. यातायात की आवाजाही को व्यवस्थित  करें और सुचारू यातायात प्रवाह के लिए चौराहों/भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त कर्मियों को तैनात करें।
  30. वायु प्रदूषण के स्तर के बारे में लोगों को सलाह देने और प्रदूषणकारी गतिविधियों को कम करने के लिए 'क्या करें और क्या न करेंके बारे में समाचार पत्रों/टीवी/रेडियो के माध्यम से सूचित करें।
  31. सीएनजी/इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो सेवाओं के बेड़े में वृद्धि करके और फेरों की आवृत्ति  बढ़ाकर सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को मजबूत करें। भीड़ भाड़  कम करने के लिए यात्रा की अलग-अलग दरें लागू करें।

इन उपायों को एनसीआर राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति सहित सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा लागू किया जाये और उसकी निगरानी और समीक्षा की जाये ताकि वायु गुणवत्ता के स्तर को और अधिक बिगड़ने से रोका जा सके।

सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को सख्त निगरानी रखने और ग्रैप कार्यक्रम के अनुसार उपायों को तेज करने का निर्देश दिया गया है। उप-समिति ने एनसीआर के नागरिकों से भी ग्रैप के कार्यान्वयन में सहयोग करने और वर्तमान ग्रैप के चरण-1 के तहत 'सिटिजन चार्टर' का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया है।

उप-समिति वायु गुणवत्ता की स्थिति की बारीकी से निगरानी करना जारी रखेगी और मौजूदा एक्यूआई  स्तरों तथा मौसम विज्ञान विभाग  द्वारा जारी पूर्वानुमानों के आधार पर यह निर्धारित करने के लिए समय-समय पर समीक्षा करेगी कि क्या आगे की कार्रवाई आवश्यक है। वर्तमान ग्रैप की विस्तृत समय-सारणी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। https://caqm.nic.in

****

पीके/केसी/एसके


(रिलीज़ आईडी: 2252794) आगंतुक पटल : 99
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu