सहकारिता मंत्रालय
महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियां
प्रविष्टि तिथि:
17 MAR 2026 4:49PM by PIB Delhi
सरकार सहकारी समितियों को विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में समावेशी और सहभागितापूर्ण आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में मान्यता देती है। एक अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के साथ, सरकार का लक्ष्य किसानों, महिलाओं और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान देते हुए सहकारी आंदोलन को सशक्त करना है। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियों और सहकारी समितियों को बढ़ावा देने की प्रमुख पहलों में निम्नलिखित शामिल हैंः
- महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियों को बढ़ावा देना:
सरकार डेयरी, कृषि, हस्तशिल्प और ग्रामीण उद्यमों जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियों के गठन और सशक्तीकरण को प्रोत्साहित कर रही है। अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर विभिन्न संस्थानों और योजनाओं के माध्यम से क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान की जा रही है।
- डेयरी सहकारी समितियों का संवर्धन- श्वेत क्रांति 2.0:
डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए, सरकार 46,422 मौजूदा डेयरी सहकारी समितियों के सशक्तीकरण के अलावा, 75,000 नई डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है। डेयरी सहकारी समितियां महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, रोजगार सृजन और ग्रामीण आजीविका बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) की महिला केंद्रित योजनाएं
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी), सहकारिता मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाला एक सांविधिक संगठन है, जो सहकारिता के नेतृत्व वाले आर्थिक विकास के अधिदेश साथ खुद को संरेखित करते हुए महिलाओं के नेतृत्व वाली और एसएचजी से जुड़ी सहकारी समितियों को समर्थन देने के लिए विभिन्न योजनाओं को कार्यान्वित करता है, जो इस प्रकार हैं:
- स्वयं शक्ति सहकार योजना: इस योजना का उद्देश्य आय सृजन कार्यकलापों, उद्यमिता विकास और महिला एसएचजी की क्षमता निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके महिला सहकारी समितियों को बढ़ावा देना और सशक्त करना है। बदले में सहकारी समितियां महिला एसएचजी को सावधि ऋण या कार्यशील पूंजी ऋण दे सकती हैं।
- नंदिनी सहकार योजना: यह योजना विशेष रूप से डेयरी, पशु पालन, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य संबद्ध क्षेत्रों जैसे कार्यकलापों में लगी महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे सहकारी उद्यमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है।
- युवा सहकार योजना: यह योजना युवा महिला उद्यमियों को एनसीडीसी के माध्यम से वित्तीय सहायता और समर्थन प्रदान करके उभरते और अभिनव क्षेत्रों में सहकारी उद्यमों की स्थापना और प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित करती है। इस योजना के अधीन, एनसीडीसी परियोजना लागत का केवल 20 प्रतिशत योगदान करने के लिए आवश्यक महिला नेतृत्व वाली सहकारी समिति के साथ आसान वित्तपोषण के अलावा सावधि ऋण पर ब्याज दर पर 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान करता है।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2241284)
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