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वित्तीय सेवा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में कारोबार जगत के संवाददाताओं पर निगरानी समिति की दसवीं बैठक आयोजित हुई


चर्चाओं के दौरान कारोबार जगत के संवाददाताओं के कार्यकलापों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया

डीएफएस के सचिव ने 20.11.2025 से बीसी रजिस्ट्री को क्रियान्वित करने में आईबीए के प्रयासों की सराहना की और सभी बैंकों को बीसी केंद्रों पर उपलब्ध सेवाओं के दायरे को बढ़ाने व उनका विस्तार करने की सलाह दी

प्रविष्टि तिथि: 17 FEB 2026 7:28PM by PIB Delhi

कारोबार जगत के संवाददाताओं पर निगरानी समिति की दसवीं बैठक आज नई दिल्ली में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव श्री एम. नागराजू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पिछली बैठक में सामने आए कार्यों की प्रगति और नए उभरते मुद्दों पर विचार-विमर्श करना था। बैठक में निगरानी समिति के सदस्यों के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के वित्तीय समावेशन एवं विकास विभाग के मुख्य महाप्रबंधक, एनपीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कार्यकारी निदेशक, निजी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, इंडियन बैंक एसोसिएशन, नाबार्ड और बीसी एसोसिएशन के अधिकारी उपस्थित रहे।

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चर्चा के दौरान कारोबार जगत के संवाददाताओं के कार्यकलापों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इनमें बीसी एजेंटों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं, बीसी की डिजिटल निगरानी, विशेषकर पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी क्षेत्रों में बीसी एजेंटों की कमीशन संरचना, बीसी की जियोटैगिंग आदि प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे।

सभी कार्यसूची मदों पर हितधारकों की सक्रिय भागीदारी के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। श्री नागराजू ने 20.11.2025 से बीसी रजिस्ट्री को क्रियान्वित करने में इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के प्रयासों की सराहना की। इस रजिस्ट्री में डुप्लिकेट बीसी की पहचान, बीसी के प्रदर्शन से संबंधित सेवा रिकॉर्ड का संधारण आदि जैसी महत्वपूर्ण विशेषताएं शामिल हैं।

समिति के सदस्य बैंकों द्वारा अपने बीसी प्वाइंट्स की जियोटैगिंग का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। वर्तमान में, अधिकांश बैंक बीसी प्वाइंट्स पर न्यूनतम 42 सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिनमें खाता खोलना, नकद जमा एवं निकासी, री-केवाईसी, सूक्ष्म बीमा योजनाओं में नामांकन आदि प्रमुख हैं। श्री नागराजू ने सभी बैंकों को परामर्श दिया कि वे बीसी प्वाइंट्स पर उपलब्ध सेवाओं के दायरे को और अधिक व्यापक बनाएं तथा बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप सेवाओं की श्रृंखला का निरंतर विस्तार करें।

श्री नागराजू ने बैंकिंग व्यवस्था में बीसी संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में बीसी संगठनों के समक्ष आने वाली विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और उनके प्रभावी समाधान हेतु ठोस उपायों पर चर्चा की गई। अंत में, बैठक अध्यक्ष के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्पन्न हुई।

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पीके/केसी/एनके/एसएस


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