प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित का पाठ साझा किया, जिसमें धरती मां के अनुग्रह का उल्लेख किया गया है
प्रविष्टि तिथि:
10 FEB 2026 10:40AM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत में रचित सुभाषित का पाठ साझा किया है जिसमें धरती मां के अनुग्रह का उल्लेख किया गया है।
"अस्मे वोऽअस्तविन्द्रियमस्मे नृम्णमुत् क्रतुस्मामे वर्चंसि सन्तु वः।"
नमो मात्रे पृथिव्यै नमो मातै पृथिव्याऽ इयंते रद् यन्तसि यमनो ध्रुवोसि ध्रुणः कृष्यै त्वा क्षेमाय त्वा रयै त्वा पोषाय त्वा॥"
इस सुभाषित में कहा गया है, "हम धरती माता को प्रणाम करते हैं जिनसे हमें धन और जीवन के लिए आवश्यक साधन प्राप्त होते हैं। आप अटल हैं, सब कुछ धारण करती हैं और संतुलन बनाए रखती हैं। हम कृषि, समृद्धि और अपने पोषण के लिए आपकी शरण में हैं।"
प्रधानमंत्री ने X पर लिखा-
“अस्मे वोऽअस्तिविन्द्रियमस्मे नृम्णमुत् क्रतुस्मामे वर्चंसि सन्तु वः।
नमो मात्रे पृथिव्यै नमो मातै पृथिव्याऽ इयंते रद् यन्तसि यमनो ध्रुवोसि ध्रुणः कृष्यै त्वा क्षेमाय त्वा रयै त्वा पोषाय त्वा॥"
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पीके/केसी/केके/एमपी
(रिलीज़ आईडी: 2225702)
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