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आरडीएसएस के अंतर्गत स्मार्ट मीटर लगाने की प्रगति

प्रविष्टि तिथि: 02 FEB 2026 5:35PM by PIB Delhi

सरकार ने गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वितरण इकाइयों की परिचालन दक्षता और वित्तीय स्थिरता में सुधार लाने हेतु राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सहयोग देने के लिए जुलाई 2021 में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) शुरू की। इस योजना के अंतर्गत प्रमुख पहलों में से एक उपभोक्ताओं, वितरण ट्रांसफार्मरों और फीडरों की स्मार्ट मीटरिंग है।

आरडीएसएस के अंतर्गत 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 45 वितरण इकाइयों के लिए स्मार्ट मीटरिंग कार्यों को मंजूरी दी गई है। इसमें 19.79 करोड़ उपभोक्ताओं, 52.53 लाख वितरण ट्रांसफार्मरों और 2.05 लाख फीडरों की स्मार्ट मीटरिंग शामिल है। 31 दिसंबर 2025 तक , इस योजना के अंतर्गत 3.90 करोड़ स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त राज्यों ने अपनी राज्य योजनाओं/अन्य योजनाओं के अंतर्गत भी स्मार्ट मीटर स्थापित किए हैं। कुल मिलाकर 31 दिसंबर 2025 तक देश भर में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 5.28 करोड़ स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। 31 दिसंबर 2025 तक आरडीएसएस के अंतर्गत स्मार्ट मीटरिंग कार्यों का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण दिया गया है

प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग से डिस्कॉम और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ मिलता है। इससे डिस्कॉम द्वारा अग्रिम राजस्व संग्रह संभव हो पाता है। इसके परिणामस्वरूप संग्रह दक्षता में सुधार होता है, बकाया राशि कम होती है, कार्यशील पूंजी की आवश्यकता कम होने से ब्याज की बचत होती है और डिस्कॉम का नकदी प्रवाह बढ़ता है । राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सामूहिक प्रयासों और स्मार्ट मीटरिंग कार्यान्वयन सहित विभिन्न सुधार उपायों के परिणामस्वरूप, एटी एंड सी घाटा वित्त वर्ष 2021 में 21.91% से घटकर वित्त वर्ष 2025 में 15.04% हो गया है।

स्मार्ट मीटर मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से उपभोक्ताओं को लगभग वास्तविक समय में खपत की जानकारी प्रदान करते हैं। इससे वे बजट बनाने और खपत की निगरानी कर पाते हैं। इसके अलावा ये एप्लिकेशन रिचार्ज की सुविधा, कम बैलेंस होने पर एसएमएस/पुश अलर्ट और उपयोग को अनुकूलित करने के लिए ऐतिहासिक ग्राफ भी प्रदान करते हैं। डिस्कॉम स्तर पर नियमित रूप से आयोजित उपभोक्ता सहभागिता अभ्यासों के माध्यम से उपभोक्ता प्रतिक्रिया एकत्र की जा रही है। इसका उपयोग एप्लिकेशन के उपयोग के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। नोडल एजेंसियों आरईसी लिमिटेड और पीएफसी लिमिटेड द्वारा किए गए प्रतिक्रिया सर्वेक्षण के अनुसार, मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने वाले 1,24,590 उपभोक्ताओं में से 54,321 उपभोक्ता एप्लिकेशन की वास्तविक समय खपत सुविधा के बारे में जानते थे और 72,494 उपभोक्ता रिचार्ज/बिल भुगतान विकल्प के बारे में जानते थे।

आरडीएसएस के अंतर्गत स्मार्ट मीटरिंग कार्यों के लिए मानक बोली दस्तावेज (एसबीडी) में डेटा सुरक्षा और साइबर खतरों से निपटने के लिए प्रमुख प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। साइबर सुरक्षा से संबंधित प्रमुख प्रावधानों में संचार अवसंरचना की सुरक्षा, क्लाउड सुरक्षा आवश्यकताएं, साइबर सुरक्षा घटना प्रबंधन, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) अधिनियम का अनुपालन आदि पहलू शामिल हैं।

उपरोक्त के अतिरिक्त, सीएसआईआरटी-पावर की स्थापना की गई है जो बिजली क्षेत्र में साइबर घटनाओं से निपटने और साइबर सुरक्षा तैयारियों को सुनिश्चित करने में उपयोगिताओं की मदद करती है।

प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग पर उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने के लिए, वितरण कंपनियों, आरडीएसएस के अंतर्गत नोडल एजेंसियों (जैसे पीएफसी लिमिटेड और आरईसी लिमिटेड) और एएमआई सेवा प्रदाताओं द्वारा विभिन्न उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में शामिल हैं:

स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लाभ, मोबाइल ऐप के उपयोग और हेल्पलाइन नंबर को दर्शाने वाले पर्चों का वितरण।

अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, डिस्कॉम मुख्यालय, प्रभाग और उप-प्रभागों के कार्यालय स्थलों पर बैनर लगाना।

स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन के दौरान लाउडस्पीकर अनाउंसमेंट, स्थानीय भाषा में कहानी आधारित ऑडियो जिंगल और उपभोक्ता जागरूकता कार्यशालाओं के माध्यम से उपभोक्ता सहभागिता अभियान।

उपभोक्ताओं को स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लाभों को समझाने और इससे जुड़े मिथकों को दूर करने के लिए जागरूकता कैनोपी प्रदर्शित की जाती हैं।

सोशल मीडिया पर सहभागिता और संपर्क।

आरडीएसएस के अंतर्गत राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर स्वीकृत और स्थापित स्मार्ट मीटरिंग कार्य

क्रम संख्या

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

उपभोक्ता मीटर (संख्या)

डीटी मीटर (संख्या)

फीडर मीटर (संख्या)

कुल मीटर (संख्या)

स्वीकृत

स्थापित

स्वीकृत

स्थापित

स्वीकृत

स्थापित

स्वीकृत

स्थापित

1

अंडमान और निकोबार

83,573

-

1,148

-

114

-

84,835

-

2

आंध्र प्रदेश

56,08,846

21,56,269

2,93,140

74,389

17,358

8,192

59,19,344

22,38,850

3

अरुणाचल प्रदेश

2,87,446

47,941

10,116

311

688

263

2,98,250

48,515

4

असम

63,64,798

46,72,329

77,547

57,731

2,782

2,879

64,45,127

47,32,939

5

बिहार

23,50,000

19,74,061

2,50,726

1,82,145

6,427

5,775

26,07,153

21,61,981

6

छत्तीसगढ

59,62,115

32,32,660

2,10,644

66,023

6,720

5,936

61,79,479

33,04,619

7

दिल्ली

 

 

766

 

2,755

-

3,521

-

8

गोवा

7,41,160

-

8,369

-

827

-

7,50,356

-

9

गुजरात

1,64,87,100

34,42,740

3,00,487

1,28,600

 

 

1,67,87,587

35,71,340

11

हिमाचल प्रदेश

28,00,945

7,02,046

39,012

22,054

1,951

1,603

28,41,908

7,25,703

12

जम्मू और कश्मीर

14,07,045

4,73,331

88,037

15,480

2,608

1,428

14,97,690

4,90,239

13

झारखंड

13,41,306

5,55,985

19,512

782

1,226

829

13,62,044

5,57,596

14

केरल

1,32,89,361

1,67,077

87,615

111

6,025

2,904

1,33,83,001

1,70,092

15

मध्य प्रदेश

1,29,80,102

29,90,830

4,19,396

1,27,231

29,708

24,097

1,34,29,206

31,42,158

16

महाराष्ट्र

2,35,64,747

80,88,791

4,10,905

2,52,106

29,214

30,709

2,40,04,866

83,71,606

17

मणिपुर

1,54,400

31,962

11,451

589

357

220

1,66,208

32,771

18

मेघालय

4,60,000

-

11,419

-

1,324

-

4,72,743

-

19

मिजोरम

2,89,383

25,836

2,300

393

398

295

2,92,081

26,524

20

नगालैंड

3,17,210

30,522

6,276

845

392

105

3,23,878

31,472

21

पुदुचेरी

4,03,767

5,647

3,105

1

180

-

4,07,052

5,648

22

पंजाब

87,84,807

-

1,84,044

-

12,563

-

89,81,414

-

23

राजस्थान

1,42,74,956

18,99,467

4,34,608

23,834

27,128

25,349

1,47,36,692

19,48,650

24

सिक्किम

1,44,680

78,582

3,229

1,469

633

471

1,48,542

80,522

25

तमिलनाडु

3,00,00,000

-

4,72,500

-

18,274

9,746

3,04,90,774

9,746

26

त्रिपुरा

5,47,489

1,40,240

14,908

5,494

473

473

5,62,870

1,46,207

27

उत्तर प्रदेश।

2,69,79,055

59,83,729

15,26,801

2,44,830

20,874

25,362

2,85,26,730

62,53,921

28

उत्तराखंड

15,87,870

4,11,358

59,212

7,441

2,602

2,486

16,49,684

4,21,285

29

पश्चिम बंगाल

2,07,17,969

5,45,586

3,05,419

44,589

11,874

9,357

2,10,35,262

5,99,532

आरडीएसएस-कुल

19,79,30,130

3,76,56,989

52,52,692

12,56,448

2,05,475

1,58,479

20,33,88,297

3,90,71,916

(31 दिसंबर 2025 तक)

नोट 15 जनवरी तक आरडीएसएस के अंतर्गत 4.05 करोड़ स्मार्ट मीटर और आरडीएसएस सहित विभिन्न योजनाओं के तहत 5.44 करोड़ स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।

विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/ केसी/ एसके


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