गृह मंत्रालय
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज असम के धेमाजी में 10वें ‘मिसिंग यूथ फेस्टिवल’ को संबोधित किया
'मिसिंग यूथ फेस्टिवल' ने दिखाया है कि आदिवासी अधिकारों, संस्कृति, भाषा, साहित्य और संगीत की रक्षा बंदूक से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता से होती है
प्रकृति पूजक मिसिंग समुदाय की 'Donyi-Polo' परंपरा यह बताती है कि प्रकृति की उपासना ईश्वर की उपासना है
हमारी सरकार भारतीय केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में मिसिंग समुदाय की स्पेशल भर्ती करेगी
देश की रक्षा के लिए मिसिंग समाज ने सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसे भारत कभी नहीं भूलेगा
वर्षों से अटकी बोगीबील ब्रिज का निर्माण मोदी सरकार ने कुछ ही वर्षों में पूरा कर दिया और यह मिसिंग श्रमिक भाइयों-बहनों के पसीने से हुआ
आज असम का युवा weapon की जगह vision और डर की जगह dream को अपना रहा है
2026 के अंत तक Made in Assam चिप पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाएगी
मोदी सरकार द्वारा गठित हाई-पावर्ड डेमोग्राफिक मिशन देश को घुसपैठ से मुक्त करने की दिशा में निर्णायक कदम है
प्रविष्टि तिथि:
30 JAN 2026 9:53PM by PIB Delhi
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज असम के धेमाजी में 10वें मिसिंग यूथ फेस्टिवल को संबोधित किया। कार्यक्रम में असम के मुख्यमत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और केन्द्रीय मंत्री श्री सर्वानंद सोनोवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि मिसिंग यूथ फेस्टिवल ने पूरे देश के ट्राइब्स को एक अलग दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों, संस्कृति, भाषा, साहित्य, नृत्य और संगीत की रक्षा करने का रास्ता हाथ में बंदूक लेकर नहीं बल्कि यूथ फेस्टिवल के माध्यम से ही हो सकता है। उन्होंने कहा कि कई संस्कृतियों को मिलाकर मिसिंग संस्कृति की तरह ही भारत की संस्कृति बनती है। श्री शाह ने कहा कि यह दृष्टिकोण आज असम को आगे ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि Donyi-Polo सिर्फ असम और अरुणाचल के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारत को दुनियाभर में प्रसिद्ध बनाती है।

श्री अमित शाह ने कहा कि एक ज़माने में अलग अलग जनजातियां अपनी संस्कृतियों की रक्षा के लिए संघर्ष करती थीं और विपक्षी सरकारें इन सभी को कुचल कर रखना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त इंटरलॉक्यूटर सभी समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार का मानना है कि हर संस्कृति, भाषा, परंपरा को भारत में जीवित रहने का समान अधिकार है और इन सबके संवर्धन से ही हम आगे बढ़ सकते हैं। श्री शाह ने कहा कि बोगीबील ब्रिज की रचना हमारे मिसिंग श्रमिक भाईयों-बहनों के पसीने से हुई है। यह ब्रिज आज पूरे विश्व में नए भारत की कल्पना का प्रतीक बना है जिसे 4 साल में पूरा करने का काम श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मिसिंग समाज हमारे ब्रह्मपुत्र घाटी की धड़कन है। मिसिंग संस्कृति असम और भारत की संस्कृति की आत्मा, जीवंत पहचान और आने वाले भारत का एक प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि हम भारत के स्वतंत्रता संग्राम में मिसिंग समाज के योगदान को भूल सकते। उन्होंने कहा कि हर संघर्ष में मिसिंग समाज ने भारत की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। मिसिंग समाज ने नदियों को रास्ता देकर बाढ़ को कम करने का प्रयास किया है। श्री शाह ने कहा कि अली-आये-लिगांग प्रकृति के साथ संतुलन मिलाने का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में मिसिंग युवाओं की विशेष भर्ती भी होगी जिससे यहां के युवा भारत माता की आंतरिक सुरक्षा में अपना योगदान दे सकें।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में असम शांति के रास्ते पर चल रहा है। मोदी सरकार ने कई समझौते कर लगभग 10 हज़ार युवाओं के हाथ से हथियार छुड़ाए हैं। उन्होंने कहा कि असम सरकार ने 200 लोअर प्राइमरी स्कूलों में मिसिंग भाषा को शिक्षा के माध्यम से रूप में स्वीकार किया है। श्री शाह ने कहा कि आज असम का युवा weapon की जगह vision और डर की जगह dream को अपना रहा है। उन्होंने कहा कि हमने बिना सिफारिश के लगभग 1 लाख 56 हज़ार से अधिक सरकारी नौकरियां देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यहां लगने वाली सेमीकंडक्टर फैक्ट्री से 27 हज़ार से अधिक युवाओं को नौकरी मिलेगी और 2026 के अंत तक Made in Assam चिप पूरी दुनिया में पहुंच जाएगी।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मिसिंग समाज की ज़िम्मेदारी पूरे असम को घुसपैठिया-मुक्त करने की है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे सात ज़िले आज घुसपैठिया-बहुल हो गए हैं। श्री शाह ने कहा विपक्षी सरकार के 20 साल के शासन में इन ज़िलों में घुसपैठियों की आबादी लाखों में हो गई है। उन्होंने कहा कि डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में घुसपैठियों को न सिर्फ रोका जाएगा बल्कि उन्हें चुन चुनकर बाहर निकाला जाएगा। श्री शाह ने कहा कि दशकों तक विपक्षी सरकारों ने आंखें मूंद कर रखीं और इसे परिणामस्वरूप असम की डेमोग्राफी पूरी तरह से बदल गई है।इसे रिवर्स करने का काम हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 15 अगस्त, 2025 को High-Powered Demography Changing Mission की घोषणा की थी जो देशभर में अप्राकृतिक तरीके से हो रहे डेमोग्राफिक परिवर्तन का अभ्यास कर इसका उपाय सुझाएगा। उन्होंने कहा कि असम सरकार ने 1 लाख 26 हज़ार एकड़ भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराने का काम किया है।
श्री अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने असम के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी है। असम के लिए पिछली केन्द्र सरकार ने अपने 10 साल में 1 लाख 28 हज़ार करोड़ रूपए दिए थे, जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने पिछले 10 साल में असम के लिए 4 लाख 50 हज़ार करोड़ रूपए दिए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने असम में 30 हज़ार करोड़ रूपए सड़क निर्माण के, 95 हज़ार करोड़ रेलवे और एयरपोर्ट के लिए 10 हज़ार करोड़ रूपए देने का काम किया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार आदिवासियों के कल्याण के लिए समर्पित सरकार है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जनजाति आयोग और जनजाति मंत्रालय का गठन कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 15 नवंबर को आदिवासी गौरव दिवस घोषित किया और देशभर में 200 करोड़ के बजट से ट्राइबल म्यूज़ियम बनाए हैं। श्री शाह ने कहा कि 2004 से 2014 तक पिछली केन्द्र सरकार में मंत्रालय और एसटी कंपोनेंट का कुल बजट 28 हज़ार करोड़ रूपए था, जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने पिछले बजट में 1 लाख 35 हज़ार करोड़ रूपए ट्राइबल विकास के लिए दिए हैं। उन्होंने कहा कि एकलव्य रेज़िडेंशियल स्कूल का बजट भी 25 गुना बढ़ाने का काम प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया है।
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आरके / आरआर / पीआर
(रिलीज़ आईडी: 2221086)
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