पंचायती राज मंत्रालय
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केंद्र ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और त्रिपुरा के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग की ग्रांट के तहत 1,156 करोड़ रुपये से अधिक राशि जारी की

प्रविष्टि तिथि: 29 JAN 2026 6:19PM by PIB Delhi

केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और त्रिपुरा के पंचायती राज संस्थानों (PRIs) / ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLBs) के लिए वित्त वर्ष 2025–26 के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग (XV FC) की अबंधित (Untied) अनुदान  की दूसरी किस्त जारी की है, ताकि मूल स्तर की शासन प्रणाली को मजबूत किया जा सके और स्थान-विशिष्ट विकास आवश्यकताओं का समर्थन किया जा सके।

आंध्र प्रदेश में जारी राशि

आंध्र प्रदेश के लिए वित्त वर्ष 2025–26 की दूसरी किस्त के रूप में 41,076 लाख (410.76 करोड़ रुपये) की अबंधित अनुदान जारी की गई है। यह राशि राज्य के 13,092 पात्र ग्राम पंचायतों, 650 पात्र ब्लॉक पंचायतों और सभी 13 पात्र जिला पंचायतों को लाभ पहुंचाएगी

महाराष्ट्र में जारी राशि

महाराष्ट्र में वित्त वर्ष 2025–26 के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग की अबंधित अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में 71,432 लाख (714.32 करोड़ रुपये) जारी की गई है। यह अनुदान राशि 26,407 पात्र ग्राम पंचायतों, 15 पात्र ब्लॉक पंचायतों और 2 पात्र जिला परिषदों को कवर करेगी।

त्रिपुरा में जारी राशि

त्रिपुरा के लिए वित्त वर्ष 2025–26 की दूसरी किस्त के रूप में 3,060 लाख (30.6 करोड़ रुपये) की अबंधित अनुदान जारी की गई है। यह राशि सभी 606 पात्र ग्राम पंचायतों, सभी 35 पात्र ब्लॉक पंचायतों, सभी 8 पात्र जिला परिषदों, सभी 587 पात्र ग्राम समितियों, सभी 40 पात्र ब्लॉक सलाहकार समितियों और 1 पात्र टीटीएएडीसी मुख्यालय को कवर करती है।

इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2025–26 की अबंधित ग्रांट की पहली किस्त का 85 लाख का रोका गया हिस्सा भी 1 अतिरिक्त पात्र टीटीएएडीसी मुख्यालय को जारी कर दिया गया है।

इस तरह केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और त्रिपुरा में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए पंद्रहवीं वित्त आयोग XV FC की अबंधित अनुदान के तहत कुल मिलाकर लगभग 1,156 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी कर दी है, जो ग्रामीण स्तर पर विकास योजनाओं और स्थानीय स्वशासन की क्षमता को मजबूत करने में मदद करेगी।

भारत सरकार, पंचायती राज मंत्रालय तथा जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से राज्यों के लिए पंचायती राज संस्थानों/ग्रामीण स्थानीय निकायों (PRIs/RLBs) के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग (XV‑FC) की ग्रांट की रिलीज की सिफारिश करती है, जिसे बाद में वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है।

आवंटित ग्रांट  को एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में सिफारिश एवं जारी किया जाता है।अबंधित ग्रांट (Untied Grants)अबंधित ग्रांट का उपयोग PRIs/RLBs द्वारा स्थानविशिष्ट अनुभूत आवश्यकताओं के लिए किया जाता है, जो संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में उल्लिखित उन्नीस विषयों के अंतर्गत आते हैं, बशर्ते कि वे वेतन और अन्य स्थापना लागतों के लिए न हों।

बंधित ग्रांट (Tied Grants)

बंधित ग्रांट का उपयोग निम्नलिखित मूल सेवाओं के लिए किया जाता है:

स्वच्छता और ODF स्थिति के रखरखाव इसमें घरेलू कचरे का प्रबंधन एवं उपचार, विशेष रूप से मानव मल एवं फीकल स्लज प्रबंधन शामिल हैं।

पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन तथा जल पुनर्चक्रण।

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पीके/ केसी/एमएम


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