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भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से यूरोपीय संघ के 572.3 अरब डॉलर के फार्मास्युटिकल और चिकित्सा उपकरण बाजार तक पहुंच संभव हुई


विकास, रोजगार और निर्यात विस्तार के अवसर खुलेंगे

शुल्क-मुक्त प्रवेश के माध्यम से 'मेड इन इंडिया' को बढ़ावा मिलेगा

प्रविष्टि तिथि: 27 JAN 2026 10:24PM by PIB Delhi

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा की है। यह भारत की प्रमुख आर्थिक साझेदारियों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आधुनिक व नियम-आधारित यह व्यापार साझेदारी, वैश्विक चुनौतियों का समाधान करते हुए दुनिया की चौथी और दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बाजार एकीकरण को बढ़ावा देती है।

इस मुक्त व्यापार समझौते से भारतीय दवा और चिकित्सा उपकरण उद्योगों को यूरोपीय संघ के 572.3 अरब डॉलर के विशाल बाजार तक पहुंच प्राप्त होगी। यह कदम न केवल भारतीय फार्मा उद्योग को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि इसके विस्तार, रोजगार सृजन और वैश्विक दवा क्षेत्र में भारत की स्थिति को मजबूत बनाने में भी सहायक होगा। भारत को दवा के क्षेत्र में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इसके साथ ही कुशल और औद्योगिक रोजगार में वृद्धि, लघु एवं मध्यम उद्योगों की भागीदारी तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बेहतर एकीकरण की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

दवा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के लिए मुक्त व्यापार समझौते की मुख्य बातें:

  • उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों में तीव्र वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिकता के आधार पर बाजार पहुंच
  • प्रमुख 'मेड इन इंडिया' चिकित्सा उपकरणों के लिए उदारीकृत टैरिफ
  • अकार्बनिक और कार्बनिक रसायन, उर्वरक, फार्मास्यूटिकल्स, सौंदर्य प्रसाधन, साबुन और डिटर्जेंट के क्षेत्र में वृद्धि
  • क्षमता विस्तार और एमएसएमई क्लस्टर विकास से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी
  • गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के प्रमुख केंद्रों में विस्तार के बड़े अवसर

तटीय निर्यात केंद्र निर्यात-आधारित विकास को प्रोत्साहित करने में सहायक साबित होंगे, जिससे रोजगार निर्माण और प्रसंस्करण केंद्रित क्षेत्रों को मजबूत आधार मिलेगा। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के तहत, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता न केवल साझा मूल्यों को मजबूत करता है, बल्कि नवाचार को बढ़ावा देकर भारत और यूरोप दोनों के लिए समावेशी, लचीला और भविष्य को ध्यान में रखकर विकास की नई संभावनाओं को साकार करता है।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जेपी नड्डा ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की सराहना करते हुए कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा। इससे भारतीय चिकित्सा उपकरणों पर टैरिफ में कमी होगी और 572.3 अरब डॉलर के यूरोपीय संघ के बाजार तक पहुंच मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण क्षेत्र में अपनी वैश्विक भागीदारी मजबूत कर रहा है।

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पीके/केसी/बीयू


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