रक्षा मंत्रालय
रक्षा उत्पादन सचिव ने प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के निदेशकों/डीन के साथ बातचीत की
रक्षा उत्पादन की आवश्यकताओं के अनुरूप अकादमिक अनुसंधान को ढालना और निरंतर जुड़ाव के लिए संरचित व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया
प्रविष्टि तिथि:
27 JAN 2026 8:37PM by PIB Delhi
रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार ने 27 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली में डीपीएसयू और अन्य हितधारकों के साथ आईआईटी, एनआईटी और आईआईएससी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के निदेशकों/डीन के साथ वर्चुअल मोड में संवाद किया। चर्चा का मुख्य विषय अकादमिक अनुसंधान को रक्षा उत्पादन की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना और सतत सहभागिता के लिए संरचित व्यवस्था विकसित करना था। विचार-विमर्श के प्रमुख क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थानों में दीर्घकालिक छात्र-संचालित अनुसंधान को बढ़ावा देना, अल्पकालिक परियोजना-आधारित सहयोग से आगे बढ़कर अकादमिक जगत और डीपीएसयू के बीच सहयोग को मजबूत करना और भविष्य की प्रौद्योगिकियों में गहराई से जानकारी प्रदान करने के लिए संरचित प्रयासों को संस्थागत रूप देना शामिल था। इससे अकादमिक अनुसंधान को तैनाती योग्य रक्षा क्षमताओं में प्रभावी ढंग से परिवर्तित करने में सहायता मिलेगी।

प्रतिभागियों द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों के लिए आभार व्यक्त करते हुए रक्षा उत्पादन सचिव ने कहा कि इस तरह की बातचीत से मंत्रालय को अकादमिक अनुसंधान क्षमताओं और दृष्टिकोणों के बारे में पर्याप्त जानकारी मिलेगी। उन्होंने शिक्षाविदों से दीर्घकालिक राष्ट्रीय क्षमता विकास को सक्षम बनाने के लिए रक्षा उत्पादन विभाग के साथ एक परामर्श प्रारूप को अपनाने का आग्रह किया।
इस संवाद में आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटी; आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. एम. अग्रवाल; आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रो. एस. केदारे; आईआईटी हैदराबाद के निदेशक प्रो. बी.एस. मूर्ति; आईआईटी गांधीनगर के निदेशक प्रो. आर. मूना; आईआईटी तिरुपति के निदेशक प्रो. के.एन. सत्यनारायण; आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक प्रो. डी. जलिहाल और देश के 24 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के अन्य वरिष्ठ प्रोफेसर उपस्थित थे।

इस वार्ता ने उद्योग जगत के भागीदारों के सहयोग से एक अनुकूल, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार रक्षा प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की ताकत का लाभ उठाने के लिए रक्षा मंत्रालय की प्रतिबद्धता जताई।
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पीके/केसी/आरकेजे
(रिलीज़ आईडी: 2219420)
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