स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नवाचार, डिजिटल एकीकरण और समावेशी स्वास्थ्य सेवा के जरिए एबी पीएमजेएवाई और एबीडीएम को सुदृढ़ करने के लिए ओडिशा के भुवनेश्वर में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया
जैसे-जैसे भारत 'स्वस्थ भारत, सशक्त भारत' के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है: डॉ. मुकेश महालिंग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आईटी मंत्री, ओडिशा
भारत का राष्ट्रीय स्वास्थ्य आईटी प्लेटफॉर्म राज्यों के सशक्तिकरण के साथ एक मजबूत, भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र निर्माण करते हुए योजनाओं को समान मानकों पर जोड़ता है : एनएचए सीईओ डॉ. सुनील कुमार बरनवाल
एनएचए ने उन्नत बहुभाषी डिजिटल स्वास्थ्य, एआई नवाचारों और गुणवत्ता मानकों को आगे बढ़ाने के लिए भाषिणी, आईआईएससी बैंगलोर और एनएबीएच-क्यूसीआई के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया
एनएचए ने एबी पीएमजेएवाई के लिए स्वास्थ्य लाभ पैकेज मैनुअल-भाग 2 और सर्वोत्तम प्रथाओं का संकलन लॉन्च किया
प्रविष्टि तिथि:
20 JAN 2026 8:14PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने 19-20 जनवरी, 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएमजेएवाई) और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के लिए दो-दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया।
चिंतन शिविर का उद्घाटन करते हुए, ओडिशा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संवाद की अध्यक्षता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत 'स्वस्थ भारत, सशक्त भारत' के लक्ष्य की ओर लगातार प्रगति कर रहा है। सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

मंत्री महोदय ने एबी पीएम-जेएवाई और एबीडीएम के संचालन में ओडिशा की मजबूत प्रगति पर प्रकाश डाला और पीएम-जेएवाई कार्ड वितरण और कैशलेस स्वास्थ्य सेवा कवरेज के विस्तार में राज्य के अग्रणी प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने सहयोगात्मक प्रयासों और अंगीकार करने रणनीतियों के माध्यम से सेवा वितरण को मजबूत करने और एबीडीएम को आगे बढ़ाने के लिए ओडिशा की प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. महालिंग ने एनएचए के स्टॉल का दौरा किया और वीआर का हिस्सा बनने का अनुभव किया, जिसने एबीडीएम-सक्षम अस्पताल में रोगी की यात्रा का एक जीवंत दृश्य प्रस्तुत किया और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य नवाचारों को प्रदर्शित किया।
अपने उद्घाटन भाषण में, एनएचए के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने एबी पीएम-जेएवाई के लिए भारत के मजबूत राष्ट्रीय स्वास्थ्य आईटी प्लेटफॉर्म की ताकत पर जोर दिया, जो कई योजनाओं को सामान्य मानकों का इस्तेमाल करके शामिल करने में योग्य बनाता है, साथ ही राज्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार सेवा वितरण को अनुकूलित करने की सुविधा भी देता है। उन्होंने कहा, "यह दो दिवसीय चिंतन शिविर दो प्रमुख पहलों- एबी पीएम-जेएवाई और एबीडीएम - पर केंद्रित है और राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों की ओर से की जाने वाली कार्यान्वयन चुनौतियों के समाधान, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और जानकारी के आदान-प्रदान के लिए एक मंच के तौर पर कार्य करता है।"

डॉ. बरनवाल ने आगे कहा कि ओडिशा व्यापक स्तर पर डिजिटल स्वास्थ्य विकास कार्यक्रम (एबीडीएम) के कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य एक मजबूत डिजिटल स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना है जो सार्वजनिक और निजी अस्पतालों का एकीकरण करे, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करे और निर्बाध, रोगी-केंद्रित देखभाल सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा, "पारदर्शिता बढ़ाने, दक्षता में सुधार करने और राज्य को डिजिटल स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी बनाने के लिए इस पहल को मिशन मोड में चलाया जाएगा।"
चिंतन शिविर के दौरान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी (एनएचए) ने भाषिणी, भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु और एनएबीएच-क्यूसीआई के साथ तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया। इन साझेदारियों का उद्देश्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तक बहुभाषी पहुंच को बढ़ाना, स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई-संचालित नवाचारों को प्रोत्साहन देना और गुणवत्ता एवं मान्यता मानकों को मजबूत करना है। इस मौके पर, एनएचए ने स्वास्थ्य लाभ पैकेज (एचबीपी) मैनुअल - भाग 2 और एबी पीएम-जेएवाई के सर्वोत्तम अभ्यास संकलन का भी शुभारंभ किया।


चिंतन शिविर के पहले दिन लगभग 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय तौर पर हिस्सा लिया। एनएचए के स्टॉल ने विशेष रुचि आकर्षित की, जहां पात्र लाभार्थियों के लिए पीएम-जेएवाई कार्ड जारी करने, मौजूद लोगों के लिए एबीएचए पंजीकरण करने और एबीडीएम-सक्षम अस्पताल का आकर्षक वर्चुअल वॉकथ्रू अनुभव प्रदान करने की सुविधा भी थी। वरिष्ठ अधिकारियों ने आयुष्मान ऐप, स्वनिर्णय, ई-सुश्रुत@क्लिनिक, आरोग्य सेतु ऐप, संशोधित डीएचआईएस दिशानिर्देश, स्वास्थ्य व्यावसायिक रजिस्ट्री (एचपीआर) में फार्मासिस्टों को शामिल करना, एबी पीएम-जेएवाई सूचीबद्ध अस्पतालों में एबीडीएम का कार्यान्वयन और राष्ट्रीय धोखाधड़ी रोकने वाली इकाई (एनएएफयू) के कामकाज सहित प्रमुख विषयों पर चर्चा की।
दूसरे दिन एआई के इस्तेमाल के विषयों, नीतिगत पहलों और भारत के डिजिटल स्वास्थ्य सेवा इकोसिस्टम को मजबूत करने के रोडमैप पर गहन चर्चा हुई। गणमान्य लोगों के विचार-विमर्श में एबी पीएम-जेएवाई के अंतर्गत आईटी अपग्रेडेशन, एचबीपी युक्तिकरण, आईईसी रणनीतियों, एनएचए डिजिटल अकादमी के माध्यम से क्षमता निर्माण और स्वास्थ्य सेवा वितरण में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की परिवर्तनकारी भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया।
चर्चाओं में एबी पीएम-जेएवाई के अंतर्गत 2018 में शुरू होने के बाद से हुई उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला गया, जिसमें पारदर्शिता, दक्षता और सुलभता पर विशेष जोर दिया गया, जो डिजिटल स्वास्थ्य पहलों, एआई-सक्षम डेटा प्रबंधन और एबीडीएम के अंतर्गत प्रौद्योगिकी-संचालित स्वास्थ्य सेवा वितरण के जरिए संभव हुई है।
चिंतन शिविर चुनौतियों का समाधान करने, राज्यों को प्रभावी कार्यान्वयन में मदद प्रदान करने और देश भर में सुलभ एवं समावेशी स्वास्थ्य सेवा की दिशा में सामूहिक कार्यवाही को प्रोत्साहन देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर कार्य करते हैं। 'विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत, स्वस्थ भारत और सशक्त भारत' की परिकल्पना से प्रेरित होकर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण देश भर में स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए एक स्पष्ट और सुनियोजित रोडमैप पर काम कर रहा है। भारत स्वास्थ्य क्षेत्र के बदलाव में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, ऐसे में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निरंतर प्रयास न केवल प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने पर केंद्रित हैं, बल्कि भारत को नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों के निर्माण के लिए एक आदर्श के रूप में स्थापित करने का भी लक्ष्य रखते हैं।

ओडिशा मुख्य सचिव श्रीमती अनु गर्ग, मेघालय में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रधान सचिव श्री संपत कुमार, राजस्थान में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रधान सचिव श्रीमती गायत्री राठौर, ओडिशा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग आयुक्त-सह-सचिव श्रीमती अस्वति एस, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) संयुक्त सचिव (वित्त विभाग) श्री घियास उद्दीन अहमद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) संयुक्त सचिव (एबीडीएम) श्री किरण गोपाल वास्का, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) संयुक्त सचिव (पीएमजेएवाई) श्रीमती ज्योति यादव सहित वरिष्ठ गणमान्य लोगों ने सत्रों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और रोडमैप तथा आगे के मार्ग पर अपने विचार साझा किए।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2216664)
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