कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों (2023-24 तक) में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, जन शिक्षण संस्थान योजना और राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत क्रमशः 4,906.32 करोड़ रुपये, 666.33 करोड़ रुपये और 1,238.48 करोड़ रुपये जारी किए हैं

Posted On: 02 APR 2025 6:19PM by PIB Delhi

भारत सरकार के कौशल भारत मिशन (एसआइएम) के अंतर्गत कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एम एस डी ) विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कौशल विकास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) योजना, राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना (एन ए पी एस ) और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आई टी आई ) के माध्यम से शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सी टी एस ) के अंतर्गत देश भर में समाज के सभी वर्गों को कौशल, पुनः कौशल और अप-कौशल प्रशिक्षण प्रदान करता है। । कौशल भारत मिशन (एस आई एम)  का उद्देश्य भारत के युवाओं को उद्योग प्रासंगिक कौशल से लैस करके भविष्य के लिए तैयार करना है। एम एस डी  की योजनाएँ माँग पर आधारित हैं और प्रशिक्षण केंद्र आवश्यकता के आधार पर स्थापित या शुरू किए जाते हैं। एम एस डी ई  की योजनाओं के अंतर्गत स्थापित या शुरू किए गए राज्यवार प्रशिक्षण केंद्रों का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।

पीएमकेवीवाई और जेएसएस योजना के अंतर्गत निधियाँ निर्धारित मानदंडों के अनुसार प्रशिक्षण लागत को पूरा करने के लिए कार्यान्वयन एजेंसियों को जारी की जाती हैं। जेएसएस योजना के तहत निधियाँ सीधे गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को जारी की जाती हैं। एनएपीएस के अंतर्गत, प्रशिक्षुओं को डीबीटी के माध्यम से प्रति माह 1500 रुपये तक का वजीफा जारी किया जाता है। आईटीआई के संबंध में दिन-प्रतिदिन का प्रशासन और वित्तीय नियंत्रण संबंधित राज्य सरकार/यूटी प्रशासन के पास होता है। 2023-24 तक पिछले पाँच वर्षों के दौरान एमएसडीई की कौशल विकास योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए जारी की गई निधियों का विवरण इस प्रकार है:

योजना

जारी की गई धनराशि (करोड़ रुपए में)

पीएमकेवीवाई

4906.32

जेएसएस

666.33

एनएपीएस

1238.48

 

उन्नत डिजिटल कौशल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के लिए, एमएसडीई ने निम्नलिखित पहल की हैं:

    • युवाओं में डिजिटल और तकनीकी कौशल बढ़ाने के लिए पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत नए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। पीएमकेवीवाई 4.0 में नए युग के कौशल जैसे आई/एमएल, वेब 3.0 आदि पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिन्हें विशेष रूप से आगामी बाजार मांग और उद्योग की आवश्यकताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है।
    • एनएपीएस के तहत, लगभग 60 निजी प्रतिष्ठान हैं जो वर्तमान में सात (07) एआई-संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षुता प्रदान कर रहे हैं।
    • एमएसडीई के तत्वावधान में प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मेक्ट्रोनिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर आदि जैसे उभरते क्षेत्रों में डिजिटल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) में शिल्पकार प्रशिक्षण योजना के तहत 31 नए युग/भविष्य कौशल पाठ्यक्रम शुरू किए हैं।
    • डिजिटल कौशल प्रशिक्षण में सर्वोत्तम प्रयासों को अपनाने के उद्देश्य से, डीजीटी ने आईबीएम, सिस्को, अमेज़ॅन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) और माइक्रोसॉफ्ट जैसी प्रमुख आईटी तकनीक कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये साझेदारियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बिग डेटा एनालिटिक्स (बीडीए), ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग आदि सहित आधुनिक तकनीकों में तकनीकी और पेशेवर कौशल प्रशिक्षण के प्रावधान की सुविधा प्रदान करती हैं।
    • एमएसडीई के तहत प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) के माध्यम से एआई-आधारित कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एक कोर्स 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (एआईपीए)' शुरू किया है। इसके अलावा, उद्योग और शैक्षणिक विशेषज्ञों के सहयोग से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में सभी सीटीएस प्रशिक्षुओं के लिए 7.5 घंटे का एक माइक्रो-क्रेडेंशियल कोर्स "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का परिचय" विकसित किया गया है।
    • एमएसडीई ने कौशल संवर्धन के लिए एक व्यापक और सुलभ मंच 'स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच)' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो देश के युवाओं को उद्योग-संबंधित कौशल पाठ्यक्रम, नौकरी के अवसर और उद्यमिता सहायता प्रदान करता है। एसआईडीएच एआई और एमएल पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है, जिसमें 'फंडामेंटल्स ऑफ एज़्योर एआई स्पीच' और 'मशीन लर्निंग' जैसे मूलभूत कार्यक्रमों से लेकर 'गूगल क्लाउड जेनरेटिव एआई' और 'हेल्थकेयर में बिजनेस वैल्यू बनाने के लिए एआई रणनीति' जैसी विशेष पेशकशें शामिल हैं, जो विशेषज्ञता और अनुप्रयोग के विभिन्न स्तरों को पूरा करने के लिए प्रतिभागियों को एआई और एमएल तकनीक में सबसे आगे रहने में सक्षम बनाती हैं।
    • एमएसडीई के तत्वावधान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने डिजिटल पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए एडब्ल्यूएस, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, रेडहैट, पियर्सन वीयूई, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी), सिस्को नेटवर्किंग अकादमी जैसे कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी की है।

अनुलग्नक

एमएसडीई की योजनाओं के अंतर्गत स्थापित या कार्यरत प्रशिक्षण केंद्रों का राज्यवार ब्यौरा

 

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

पीएमकेवीवाई 4.0

केंद्र-

जेएसएस

केन्द्रों

एनएपीएस

प्रतिष्ठानों

सीटीएस (आईटीआई)

सरकारी आईटीआई

निजी आईटीआई

अंडमान और

निकोबार द्वीप समूह

7

1

20

3

1

आंध्र प्रदेश

408

6

1,147

85

434

अरुणाचल प्रदेश

86

0

25

7

0

असम

833

6

941

31

16

बिहार

596

21

548

150

1,219

चंडीगढ़

9

1

166

2

0

छत्तीसगढ

202

14

324

120

106

दिल्ली

222

3

3,013

18

28

डीएनएच और डीडी

9

2

130

4

0

गोवा

8

1

495

11

2

गुजरात

377

8

12,458

273

215

हरियाणा

629

2

5,872

159

222

हिमाचल प्रदेश

210

11

740

128

139

जम्मू और कश्मीर

694

1

554

49

0

झारखंड

246

13

442

77

269

कर्नाटक

457

12

2,452

274

1,192

केरल

145

9

1,904

149

297

लद्दाख

12

0

16

3

0

लक्षद्वीप

1

1

1

1

0

मध्य प्रदेश

1,527

29

1,126

195

767

महाराष्ट्र

684

21

9,086

422

615

मणिपुर

164

4

23

10

0

मेघालय

99

1

41

7

1

मिजोरम

102

1

20

3

0

नगालैंड

91

1

22

9

0

ओडिशा

307

29

738

73

427

 

पुदुचेरी

23

0

245

8

7

पंजाब

617

2

933

115

205

राजस्थान

1,613

9

984

182

1,363

सिक्किम

37

0

69

4

0

तमिलनाडु

581

9

2,892

93

363

तेलंगाना

157

6

1,314

66

232

त्रिपुरा

151

2

98

20

2

उत्तर प्रदेश

2,965

47

6,395

294

2,964

उत्तराखंड

231

8

738

103

71

पश्चिम बंगाल

344

8

1,352

168

139

कुल मिलाकर

14,844

289

49,788

3,316

11,296

 

यह जानकारी कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने 02 अप्रैल, 2025 को राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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