प्रविष्टि तिथि:
03 NOV 2026 4:33PM by PIB Delhi
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग-डीओपीपीडब्ल्यू ने आज 5वें राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र-डीएलसी अभियान के तहत पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से नई दिल्ली स्थित संसद मार्ग शाखा में एक मेगा शिविर आयोजित किया। शिविर का उद्देश्य पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों को फेस ऑथेंटिकेशन-चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक द्वारा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा प्रदान करना तथा डिजिटल सेवाओं की सुगमता एवं उपयोगिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
इस अवसर पर पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग सचिव सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा ने जोर देकर कहा कि विभाग की सभी पहल के केंद्र में पेंशनभोगी हैं और डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान की सफलता दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनभोगी सहित प्रत्येक पेंशनभोगी तक पहुंचने पर निर्भर करती है। सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा ने वरिष्ठ पेंशनभोगियों की भागीदारी एवं योगदान की सराहना करते हुए बताया कि पिछले अभियान के दौरान 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के 14 लाख से अधिक पेंशनभोगियों ने अपने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा किए थे, जो महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग सचिव ने पेंशनभोगियों को अपने अनुभव साझा करने तथा साथी पेंशनभोगियों को चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर डिजिटल सशक्तीकरण का दूत बनने को प्रोत्साहित किया। इस पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पेंशनभोगी स्मार्टफोन द्वारा घर बैठे ही अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बना सकते हैं और इसके लिए उन्हें किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर रहने या बैंक शाखाओं में जाने की आवश्यकता नहीं है।
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव श्री ध्रुबज्योति सेनगुप्ता ने बताया कि वर्ष 2014 में आरंभ के बाद से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र सेवाओं में उल्लेखनीय विकास हुआ है और वर्ष 2021 में चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक शुरू होने से यह प्रक्रिया अधिक सुलभ और सुविधाजनक बन गई है। उन्होंने बताया कि पिछले अभियान के दौरान फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक द्वारा बनाए गए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्रों की संख्या 50 लाख से बढ़कर लगभग 1.25 करोड़ हो गई। उन्होंने कहा कि शिविरों में जाने या स्वयं इस प्रक्रिया को पूरा करने में असमर्थ पेंशनभोगियों के लिए बैंकों और डाकघरों के माध्यम से घर तक सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
पंजाब नेशनल बैंक के मेगा शिविर में वरिष्ठ पेंशनभोगियों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त, डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र सेवाओं के साथ ही चिकित्सा शिविर लगाया गया। इस पहल से सुलभ, सुरक्षित एवं पेंशनभोगी-केंद्रित डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने में पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि हुई।



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