कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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एमएसडीई ने 19 संस्थानों को कौशल उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में पैनलबद्ध किया


कौशल भवन में एमएसडीई की सचिव द्वारा प्रदान किए गए मान्यता प्रमाणपत्र

प्रविष्टि तिथि: 02 NOV 2026 8:03PM by PIB Delhi

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) ने आज 19 प्रतिष्ठित संस्थानों को कौशल उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई-स्किल्स) के रूप में औपचारिक मान्यता प्रदान की। नई दिल्ली स्थित कौशल भवन में आयोजित एक समारोह में एमएसडीई की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। यह मान्यता 9 अक्टूबर, 2026 से 8 अक्टूबर, 2029 तक वैध है।

इन संस्थानों को कौशल उत्कृष्टता केंद्रों और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों के पैनलबद्धीकरण संबंधी दिशा-निर्देशों के तहत उपलब्ध कराए गए ग्रीन चैनल के माध्यम से पैनलबद्ध किया गया है। यह व्यवस्था स्थापित प्रतिष्ठा वाले पात्र संस्थानों, जिनमें राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थान, पीएम-सेतु के तहत उन्नत किए गए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) तथा केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकारों द्वारा संचालित या पैनलबद्ध कौशल उत्कृष्टता केंद्र शामिल हैं, को त्वरित मार्ग प्रदान करती है। इस व्यवस्था के तहत संस्थान आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करते हैं और उनके आवेदनों को नामांकन या नियमित मूल्यांकन प्रक्रिया के बिना सीधे कार्यकारी समिति के समक्ष विचारार्थ रखा जाता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य सुव्यवस्थित अनुमोदन प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिष्ठित और उच्च गुणवत्ता वाले संस्थानों के पैनलबद्धीकरण में तेजी लाना है।

इन दिशा-निर्देशों का अनावरण 15 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली स्थित कौशल भवन में विश्व युवा कौशल दिवस समारोह के दौरान भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने किया था। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य आधुनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी और उद्योग जगत के साथ मजबूत साझेदारी से समर्थित स्थायी, उन्नत और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना है।

इस अवसर पर एमएसडीई की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने कहा, “इन 19 संस्थानों को कौशल उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में पैनलबद्ध करना, स्थायी, उन्नत और उद्योग की आवश्यकताओं के प्रति उत्तरदायी कौशल विकास संस्थानों का एक विश्वसनीय राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। हम देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित संस्थानों का एक भंडार तैयार कर रहे हैं, जो अपनी क्षेत्रगत विशेषज्ञता और उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए विशिष्ट पहचान रखते हैं। इसका उद्देश्य कौशल विकास के परिणामों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ कौशल विकास को हमारे युवाओं के लिए एक आकांक्षापूर्ण विकल्प बनाना है। ये केंद्र उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण प्रदान करने, प्रशिक्षकों और मूल्यांकन-कर्ताओं को सहयोग देने, उद्योग जगत के साथ संबंधों को सुदृढ़ करने तथा शिक्षार्थियों के परिणामों में सुधार लाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हम इन संस्थानों के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं, जिससे सभी प्रांतों में हर क्षेत्र में उन्नत एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास को सुलभ बनाया जा सके।”

कौशल उत्कृष्टता केंद्र (सीओई-स्किल्स) की परिकल्पना एक स्थायी, उन्नत और क्षेत्र-विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में की गई है, जो उच्च गुणवत्ता का, उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप और परिणामोन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में सक्षम हो। कौशल उत्कृष्टता केंद्र उन्नत एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशिक्षण, मूल्यांकन, मार्गदर्शन और करिअर परामर्श, प्रशिक्षकों एवं मूल्यांकन-कर्ताओं का प्रशिक्षण, उद्योग जगत के साथ जुड़ाव तथा प्रशिक्षण के बाद के परिणामों की उपलब्धि और निगरानी से संबंधित कार्य कर सकते हैं। किसी विशेष योजना से असंबद्ध उनका पैनलबद्धीकरण दीर्घकालिक जुड़ाव स्थापित करने और मौजूदा अवसंरचना, उपकरणों, प्रशिक्षकों, मूल्यांकन-कर्ताओं तथा संस्थागत क्षमता का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

यह मान्यता राष्ट्रीय कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र में इन संस्थानों की क्षमताओं को एमएसडीई द्वारा औपचारिक रूप से स्वीकार किए जाने का प्रतीक है। पैनलबद्ध केंद्रों का उपयोग एमएसडीई, अन्य केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, उद्योग जगत, सीएसआर पहलों और अन्य हितधारकों की कौशल विकास संबंधी पहलों के लिए किया जा सकता है, जो लागू कार्यक्रम संबंधी दिशा-निर्देशों के अधीन होगा।

उच्च गुणवत्ता वाले संस्थानों और विशिष्ट केंद्रों को एक साझा राष्ट्रीय ढाँचे के अंतर्गत लाकर, सीओई-स्किल्स पहल से उन्नत प्रशिक्षण क्षमता को सुदृढ़ करने, संस्थागत विशेषज्ञता के व्यापक आदान-प्रदान को सुगम बनाने तथा देशभर में विश्वसनीय, उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप और परिणामोन्मुख कौशल विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

कौशल उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में मान्यता प्राप्त संस्थान

नवीकरणीय ऊर्जा

  1. जलविद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, आईआईटी रुड़की, उत्तराखंड
  2. राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान, गुरुग्राम, हरियाणा
  3. राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान, चेन्नई, तमिलनाडु
  4. राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान, कायथार, तमिलनाडु
  5. सरदार स्वर्ण सिंह राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा संस्थान, कपूरथला, पंजाब

रसायन एवं पेट्रोरसायन

6. सीआईपीईटी: सीएसटीएस, गुवाहाटी, असम

7. सीआईपीईटी: सीएसटीएस, संभाजीनगर, महाराष्ट्र

8. सीआईपीईटी: आईपीटी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

9. सीआईपीईटी: आईपीटी, कोच्चि, केरल

10. सीआईपीईटी: सीएसटीएस, भुवनेश्वर, ओडिशा

निर्माण

  1. भारतीय रेल सिविल इंजीनियरिंग संस्थान, पुणे, महाराष्ट्र

बहु-क्षेत्रीय

12. राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संस्थान, वास्को-द-गामा, गोवा

13. संत शिरोमणि रविदास वैश्विक कौशल पार्क, भोपाल, मध्य प्रदेश

14. विश्व कौशल केंद्र, भुवनेश्वर, ओडिशा

15. उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी संस्थान, पुणे, महाराष्ट्र

लौह एवं इस्पात

  1. राष्ट्रीय द्वितीयक इस्पात प्रौद्योगिकी संस्थान, फतेहगढ़ साहिब, पंजाब

समुद्री इंजीनियरिंग

17. आईएनएस शिवाजी प्रीमियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर मरीन इंजीनियर्स ऑफ द इंडियन नेवी, पुणे, महाराष्ट्र

पर्यटन एवं आतिथेय

 

  1. इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड न्यूट्रिशन, भुवनेश्वर, ओडिशा

कृषि

  1. राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान, हैदराबाद, तेलंगाना

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पीके/केसी/आरटी/पीके/डीए


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