प्रविष्टि तिथि:
02 NOV 2026 5:18PM by PIB Raipur
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर द्वारा संचालित ‘खेत बचाओ अभियान–रबी 2026’ के अंतर्गत बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत मुरता में कृषक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 37 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. विनोद कुमार वाशनिक और डॉ. आशीष मराठे ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों की वैज्ञानिक जानकारी दी। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के आवश्यकता आधारित एवं संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि मृदा की उर्वरता बनाए रखना दीर्घकालिक कृषि उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवादात्मक परिचर्चा हुई, जिसमें किसानों ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों को साझा किया। वैज्ञानिकों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए स्थानीय कृषि परिस्थितियों के अनुरूप टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। इस दौरान फसल अवशेष प्रबंधन के साथ मृदा एवं जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। ग्राम पंचायत मुरता के सरपंच श्री बुधारू गेण्डले की उपस्थिति एवं सहभागिता ने कार्यक्रम को स्थानीय स्तर पर प्रोत्साहन प्रदान किया।
खेत बचाओ अभियान–रबी 2026 का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़कर मृदा स्वास्थ्य में सुधार, उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान द्वारा अभियान के माध्यम से किसानों तक उपयोगी वैज्ञानिक जानकारी और उन्नत कृषि तकनीकों का निरंतर प्रसार किया जा रहा है।
*****
आरडीजे/बीकेटी