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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'हर घर स्वदेशी, घर घर स्वदेशी' के आह्वान को नई पीढ़ी (जेन-जी) तक पहुंचाने के उद्देश्य से दिल्ली के कनॉट प्लेस में 'खादी दिवाली उत्सव-2026' का आयोजन किया जा रहा है


केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने 'खादी-वाली दिवाली' विषय पर आधारित 'खादी उत्सव-2026' का उद्घाटन किया

केवीआईसी के अध्यक्ष ने कहा, त्योहारों के मौसम में खादी, स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों की खरीद से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूती मिलेगी

प्रविष्टि तिथि: 01 NOV 2026 10:14PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'हर घर में स्वदेशी', 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को जन-जन तक पहुंचाने के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने नई दिल्ली स्थित कनॉट प्लेस के एनडीएमसी पालिका पार्क (रीगल सिनेमा के सामने) में 'खादी दिवाली उत्सव-2026' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष बातचीत और 'दिवाली मिलन' (दिवाली के अवसर पर मिलन-समारोह) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। 'खादी-वाली दिवाली' विषय के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान खादी और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना, भारतीय कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों की कृतियों को अधिक महत्व देना और विशेष रूप से युवाओं को स्वदेशी आंदोलन से जोड़ना है।

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इस अवसर पर केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खादी को न केवल एक कपड़े के रूप में बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में देखा था। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खादी और स्वदेशी आंदोलन को नई गति मिली है और इसमें व्यापक जनभागीदारी देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री का 'हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी' का आह्वान केवल स्वदेशी वस्तुओं की खरीद तक ही सीमित नहीं है; बल्कि यह एक व्यापक अभियान है। इसका उद्देश्य भारतीय उत्पादों के प्रति गर्व की भावना जागृत करना, स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित करना और देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।

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श्री गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय अर्थव्यवस्था, स्थानीय बाजारों और कारीगरों के लिए त्योहारी सीजन का बहुत बड़ा महत्व है। यदि हर परिवार त्योहारों के मौसम में खादी और अन्य स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे, तो इसका सीधा लाभ देश भर के लाखों कारीगरों, बुनकरों, ग्रामीण उद्यमियों और उनके परिवारों तक पहुंचेगा। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि *स्वदेशी* उत्पादों को खरीदना केवल एक उपभोक्ता की पसंद नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को सुदृढ़ करने की दिशा में आम लोगों का एक महत्वपूर्ण योगदान है।

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केवीआईसी के अध्यक्ष ने विशेष रूप से नई पीढ़ी (जेन-जी) सहित युवाओं से स्वदेशी आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के युवा फैशन, डिजाइन, तकनीक और नए विचारों को लेकर बहुत जागरूक हैं। खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, आकर्षक प्रस्तुति, बेहतरीन ब्रांडिंग और आज की जीवनशैली के साथ जोड़कर इन वस्तुओं को युवाओं के बीच और भी अधिक लोकप्रिय बनाया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि युवा केवल 'स्वदेशी' उत्पादों के उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि ब्रांड एंबेसडर, डिजाइनर, डिजिटल प्रमोटर और उद्यमी भी बन सकते हैं।

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श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'स्थानीय से वैश्विक' के दृष्टिकोण को साकार करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग और स्टार्टअप्स के माध्यम से युवा खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उनकी एक नई पहचान भी स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत @ 2047’ के विजन और ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए केवीआईसी ने ‘बात खादी की’ नाम से एक पॉडकास्ट शुरू किया है। इसके माध्यम से खादी की विरासत, आधुनिक फैशन, नवाचार और युवा उद्यमिता जैसे विषयों के माध्यम से जेन-जी को खादी और स्वदेशी आंदोलन से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह पहल नई पीढ़ी के बीच खादी को लोकप्रिय बनाने और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को साकार करने में मदद करेगी।

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मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए श्री गोयल ने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और नीतियों का परिणाम है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जबकि इस क्षेत्र ने 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के टर्नओवर का लक्ष्य हासिल कर लेगा।

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31 अक्टूबर से शुरू हुए ‘खादी दिवाली उत्सव-2026’ में खादी उत्पादों पर 20 प्रतिशत और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। यह त्योहार इस संदेश को मजबूत करता है कि इस दिवाली हमें न केवल अपने घरों में दीये जलाने चाहिए, बल्कि खादी और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर देश भर के लाखों कारीगरों और ग्रामीण परिवारों के जीवन में खुशी की रोशनी फैलानी चाहिए।

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पीके/केसी/आरटी/आरकेजे


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