प्रविष्टि तिथि:
30 OCT 2026 7:07PM by PIB Delhi
तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल अवसंरचना को मजबूती प्रदान करने और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दूरसंचार विभाग (डीओटी) के अंतर्गत 'डिजिटल भारत निधि' (डीबीएन) ने आज नई दिल्ली के संचार भवन में एक 'उपयोग समझौता' पर हस्ताक्षर किया। इस समझौते के अंतर्गत, राज्य-संचालित मॉडल के माध्यम से 'संशोधित भारतनेट कार्यक्रम' (एबीपी) के तहत राज्य के ग्रामीण परिवारों को जोड़ा जाएगा।

एबीपी के तहत तमिलनाडु में भारतनेट नेटवर्क के उपयोग के लिए, डिजिटल भारत निधि (डीबीएन), दूरसंचार विभाग (डीओटी), तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन (टैनफिनेट) के बीच एक समझौता हुआ।
समझौता हस्ताक्षर समारोह का आयोजन दूरसंचार विभाग के अंतर्गत 'डिजिटल भारत निधि' (डीबीएन) के प्रशासक श्री श्यामला मिश्र की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। इस समारोह में तमिलनाडु सरकार के कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अतुल आनंद (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से); भारत संचार निगम लिमिटेड के निदेशक (एंटरप्राइज बिजनेस) श्री पापा सुधाकर राव; तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन की महाप्रबंधक (परियोजना) श्रीमती वी. वल्लीदेवी; और दूरसंचार विभाग के डीडीजी (एबीपी कार्यान्वयन-I) श्री दिनेश कुमार गर्ग के साथ-साथ दूरसंचार विभाग (डीओटी), डीबीएन और बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 04 अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी प्रदान की थी। इसका उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को अपग्रेड करना, मजबूत बनाना और उसका विस्तार करना है ताकि सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को मांग के आधार पर एक मजबूत एवं भविष्य के लिए तैयार ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिल सके।
भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के अंतर्गत भारतनेट नेटवर्क के उपयोग के लिए वित्तीय सब्सिडी सहायता को मंजूरी दी है। इस पहल से तमिलनाडु में भारत सरकार की वित्तीय सहायता से पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे राज्य के ग्रामीण एवं दूर-दराज इलाकों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच काफी बेहतर होगी जिसमें ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान एवं नागरिकों से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा, तमिलनाडु में अंतिम मील कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 4,767 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।
आज हस्ताक्षरित समझौते से तमिलनाडु में कार्यक्रम के कार्यान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है और इससे समाज को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण को और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल भारत निधि के बारे में
डिजिटल भारत निधि (पूर्व में यूएसओएफ) की स्थापना, भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत 01.04.2002 को प्रभावी रूप में की गई थी। ‘दूरसंचार अधिनियम, 2023’ के अनुसार, यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) अब डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) बन चुका है। डीबीएन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण, दूरदराज और शहरी क्षेत्रों में इन सेवाओं की पहुंच एवं उपलब्धता को बढ़ावा देकर सार्वभौमिक सेवा का समर्थन करना है, जहां दूरसंचार सेवाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। यह संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग का एक संबद्ध कार्यालय है।
डीबीएन के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए इसमें कई योजनाएं एवं परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें भारतनेट, 4जी सैचुरेशन परियोजना, आकांक्षी जिलों के उन इलाकों में मोबाइल सेवा उपलब्ध कराना जहां अभी तक यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं, हिमालयी एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं, द्वीपों पर मोबाइल सेवाएं और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं शामिल हैं।
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