प्रविष्टि तिथि:
30 OCT 2026 6:25PM by PIB Raipur
भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने, देश की युवा शक्ति की क्षमता का उपयोग करने तथा रोजगार आधारित आर्थिक विकास को गति प्रदान करने की दिशा में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) की एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 15 अगस्त 2025 को देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 1 जुलाई 2025 को स्वीकृत रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन (ELI) योजना के रूप में लागू किया गया। लगभग 99,446 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य दो वर्षों की अवधि में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों के सृजन को प्रोत्साहित करना है, जो युवाओं को पहली बार औपचारिक रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजित करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
योजना का क्रियान्वयन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के माध्यम से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा किया जा रहा है। इसे मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया गया है: भाग-A के अंतर्गत पहली बार औपचारिक रोजगार प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों को एक माह के पात्र ईपीएफ वेतन के बराबर, अधिकतम 15,000 रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन दो किस्तों में दिया जाता है, जिससे युवाओं को औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जुड़ने तथा वित्तीय साक्षरता एवं सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूक होने में मदद मिलती है। वहीं, भाग-B के अंतर्गत पात्र नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजित करने एवं निर्धारित अवधि तक रोजगार बनाए रखने के लिए पात्र अतिरिक्त कर्मचारी प्रति माह अधिकतम 3,000 रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है, जिससे प्रतिष्ठानों को नए कर्मचारियों की नियुक्ति में सहायता मिलती है। विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र के पात्र नियोक्ताओं हेतु प्रोत्साहन की अवधि चार वर्ष तक है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह अवधि दो वर्ष तक निर्धारित है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पात्र कर्मचारियों एवं प्रतिष्ठानों तक इसके लाभ पहुँचाने की दिशा में क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा अगस्त 2025 से जुलाई 2026 की अवधि में उल्लेखनीय वित्तीय प्रोत्साहन वितरित किया गया है। योजना के भाग-A के तहत पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कुल 22,212 कर्मचारियों को 10,56,01,401 रुपये (लगभग 10.56 करोड़ रुपये) की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। इसके साथ ही, अतिरिक्त रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योजना के भाग-B के अंतर्गत कुल 1,467 पात्र प्रतिष्ठानों को 31,95,10,747 रुपये (लगभग 31.95 करोड़ रुपये) की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। इस प्रकार, उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार योजना के दोनों घटकों के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 42,51,12,148 रुपये (लगभग 42.51 करोड़ रुपये) की कुल प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है, जो कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा औपचारिक रोजगार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री जयवदन इंगले द्वारा पात्र कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं से अपील की जाती है कि वे प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के प्रावधानों एवं पात्रता शर्तों के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजना का पूरा लाभ उठाएँ। पात्र नियोक्ता योजना के आधिकारिक पोर्टल (https://pmvbry.epfindia.gov.in) के माध्यम से पंजीकरण एवं आवश्यक अनुपालन संबंधी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, जबकि पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों को भी अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एवं आवश्यक प्रमाणीकरण सुनिश्चित करना चाहिए। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर रोजगार के औपचारिकीकरण, श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रतिबद्ध है।
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आरडीजे/पीजे