श्रम और रोजगार मंत्रालय
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श्रम संवाद: कानपुर में श्रम संहिताओं पर क्षेत्रीय स्‍तर का क्षमता-निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

प्रविष्टि तिथि: 29 OCT 2026 11:23AM by PIB Delhi

श्रम संहिताओं, श्रम कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा पर क्षेत्रीय स्तर का क्षमता-निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम ‘श्रम संवाद’ का आयोजन 28 अक्टूबर, 2026 को कानपुर के दादानगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित आईआईए भवन में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य नियोक्ताओं, मानव संसाधन, विधिक एवं वित्तीय क्षेत्र के पेशेवरों के बीच नई श्रम संहिताओं और उनके अंतर्गत बनाए गए नियमों के संबंध में जागरूकता बढ़ाना था। इसके अलावा श्रम सुधारों, श्रमिक कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा के संबंध में जागरूकता और संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना तथा केंद्र-राज्य समन्वय और विभिन्न हितधारकों की भागीदारी को बढ़ावा देने पर भी फोकस था। कार्यक्रम में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) और श्रम कल्याण महानिदेशालय (डीजीएलडब्ल्यू) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ नियोक्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों तथा विधिक, मानव संसाधन एवं वित्तीय क्षेत्र के पेशेवरों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की गई जिनका उद्देश्य प्रतिभागियों को श्रम संहिताओं, नियोक्ताओं के दायित्वों तथा भारत सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पहलों के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

कानपुर के अपर श्रम आयुक्त श्री शमीम अख्तर तथा इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री राजेश अग्रवाल ने प्रतिभागियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उद्घाटन सत्र को कानपुर नगर के मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव जे. जैन, आईएएस ने संबोधित किया। उन्होंने नई श्रम कानून व्यवस्था के अंतर्गत हितधारकों में जागरूकता, अनुपालन संबंधी तैयारी तथा प्रभावी क्रियान्वयन के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रथम तकनीकी सत्र को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सलाहकार डॉ. आर.जी. मीणा ने संबोधित किया। उन्होंने श्रम संहिताओं, उनके उद्देश्यों तथा नए विधायी ढांचे के माध्यम से लागू किए गए प्रमुख सुधारों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस सत्र से प्रतिभागियों को नियोक्ताओं और श्रमिकों, दोनों के लिए श्रम कानूनों में किए गए सुधारों की व्यापक परिकल्पना एवं उनके महत्व को समझने में सहायता मिली।

द्वितीय सत्र उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा संचालित किया गया। इसमें चारों श्रम संहिताओं के अंतर्गत नियोक्ताओं के लिए प्रमुख अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं तथा श्रम संहिताओं के अंतर्गत अधिसूचित केंद्र एवं राज्य के नियमों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस सत्र में वैधानिक दायित्वों एवं अनुपालन संबंधी जिम्मेदारियों के बारे में व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे प्रतिभागियों को नई श्रम संहिताओं के परिचालन संबंधी पहलुओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली।

तीसरे और चौथे तकनीकी सत्र में क्रमशः प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) योजना पर जानकारी दी गई।

श्रम संहिताओं एवं नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में नियोक्ताओं और अनुपालन संबंधी कार्यों से जुड़े पेशेवरों की सहायता के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा तैयार ‘हैंडबुक ऑफ कंप्‍लायंस फॉर एम्‍प्‍लॉयर्स’ तथा ‘कम्‍पाइलेशन ऑफ फ्रीक्‍वेंटली आस्‍क्‍ड क्‍वेश्‍चंस’ भी प्रतिभागियों के साथ साझा किए गए।

कार्यक्रम के दौरान एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को अपनी जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों के समाधान प्राप्त करने तथा श्रम संहिताओं, अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं और सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों के बारे में अधिक स्पष्टता हासिल करने का अवसर मिला।

केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने वाले इस कार्यक्रम से जागरूकता बढ़ाने, श्रम संहिताओं की बेहतर समझ विकसित करने तथा विभिन्न हितधारकों के बीच सहभागिता को मजबूत करने में मदद मिली। इससे नई श्रम संहिताओं को प्रभावी ढंग से अपनाने और लागू करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला।

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पीके/केसी/आरटी/एचएन/एमयू

 


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