प्रविष्टि तिथि:
27 OCT 2026 8:13PM by PIB Delhi
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की अरुणांक परियोजना ने 24 अक्टूबर, 2026 को अरुणाचल प्रदेश के नाहरलगुन में अपना 19वां स्थापना दिवस मनाया। यह अवसर अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में रणनीतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सड़क संपर्क बेहतर बनाने की दिशा में लगभग दो दशकों की समर्पित सेवा का प्रतीक है।
अरुणांक परियोजना वर्ष 2008 में शुरू की गई थी। यह ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी क्षेत्रों, घने जंगलों और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के बीच महत्वपूर्ण सीमा अवसंरचना के निर्माण एवं रखरखाव में अहम भूमिका निभाती रही है। इसके प्रयासों से सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों को बेहतर बनाने में मदद मिली है। साथ ही, दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन, संपर्क सुविधाओं और विकास के अवसरों में भी सुधार हुआ है।
यह परियोजना आधुनिक तकनीकों और निर्माण की नवीन विधियों को अपनाते हुए इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता तथा टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास पर लगातार जोर दे रही है। निर्माण में वैकल्पिक सामग्रियों, जियोसेल तकनीक, ढलानों की सुरक्षा के उपायों और अन्य इंजीनियरिंग समाधानों के इस्तेमाल से दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मजबूती, टिकाऊपन तथा दीर्घकालिक कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिली है।
इस परियोजना में दिहाड़ी मजदूरों (सीपीएल) के कल्याण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत उन्हें बेहतर आश्रय, सुरक्षा के लिए आवश्यक कपड़े, स्वच्छता संबंधी सुविधाएं और नियमित चिकित्सा शिविर उपलब्ध कराए गए हैं। परियोजना सामुदायिक कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस दिशा में साइकिलिंग और योग कार्यक्रमों, स्वच्छता अभियानों तथा साइबर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इसके अलावा, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 25,815 पौधे लगाए गए हैं।
अपने निरंतर प्रयासों के जरिए अरुणांक परियोजना रक्षा बलों की परिचालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। साथ ही, यह अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर बनाने और विकास को गति देने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
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