सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
प्रविष्टि तिथि:
22 OCT 2026 11:03PM by PIB Delhi
भारतीय सांख्यिकी सेवा (आईएसएस) की क्षमता निर्माण में सुधार के लिए गठित समिति के अध्यक्ष और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) में डेटा गवर्नेंस के महानिदेशक श्री पी. आर. मेश्राम ने समिति की रिपोर्ट एमओएसपीआई के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग को सौंपी। यह आईएसएस अधिकारियों के लिए क्षमता-निर्माण ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समिति में एमओएसपीआई के वरिष्ठ अधिकारी, नॉलेज पार्टनर और उद्योग जगत विशेषज्ञ शामिल थे।

समिति ने मौजूदा आईएसएस प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की, उभरती क्षमता निर्माण आवश्यकताओं की पहचान की और मिशन कर्मयोगी के योग्यता आधारित क्षमता निर्माण (सीबीसीबी) ढांचे ढांचे के अनुरूप भविष्य उन्मुख प्रशिक्षण की सिफारिश की। यह ढांचा 'विकसित भारत@2047' की परिकल्पना के अनुरूप डेटा गवर्नेंस, एडवांस्ड एनालिटिक्स, उभरती प्रौद्योगिकियों और साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण में आईएसएस अधिकारियों की बदलती भूमिका को दर्शाता है।
यह रिपोर्ट परामर्श और साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण अपनाकर तैयार की गई है। इसमें सांख्यिकीय प्रशिक्षण आवश्यकताओं के आकलन, मौजूदा आईएसएस प्रशिक्षण कार्यक्रम, 'मिशन कर्मयोगी' के ढांचे, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम कार्य पद्धतियों, समिति की चर्चाओं और हितधारकों के साथ परामर्शों को आधार बनाया गया है।
यह रिपोर्ट एक भविष्य उन्मुख क्षमता निर्माण रोडमैप प्रस्तुत करती है जिसमें तीन परस्पर जुड़े घटक शामिल हैं। सिस्टम ऑफ टुडे, जो राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (एनएसएसटीए) में मौजूदा आईएसएस प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र, क्षमता-क्षेत्र से जुड़ी कार्यप्रणालियों और संस्थागत व्यवस्थाओं की समीक्षा करता है। 'द सिस्टम ऑफ टुमॉरो' एक ऐसा ढांचा है जो भूमिका से जुड़ी और योग्यता-आधारित क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। इसमें सात प्रमुख क्षमता स्तंभ शामिल हैं। इसके साथ ही, इसमें रणनीतिक सिफारिशें भी दी गई हैं, जो वर्तमान प्रणाली से भविष्य की परिकल्पित प्रणाली की ओर बढ़ने के लिए व्यावहारिक उपाय सुझाती हैं। इनका उद्देश्य आईएसएस प्रशिक्षण को सुदृढ़ करना, भविष्य के लिए आवश्यक योग्यताएं विकसित करना और एनएसएसटीए की संस्थागत क्षमता को बढ़ाना है।

यह रिपोर्ट एक एकीकृत ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत करती है, जिसमें आईएसएस प्रशिक्षण इकोसिस्टम, क्षमता स्तंभ और संस्थागत संरचना शामिल हैं। यह भूमिका से जुड़ी अपेक्षाओं को परिभाषित करता है और कार्यात्मक, अधिकार-क्षेत्र तथा व्यवहार संबंधी क्षेत्रों में प्रत्येक भूमिका के लिए आवश्यक क्षमताओं का आकलन करता है। प्रशिक्षण सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने, प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था और गवर्नेंस पर जोर देने के साथ राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (एनएसएसटीए) में रूपरेखा तैयार की जानी है।
एमओएसपीआई के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग ने समिति और एनएसएसटीए टीम के प्रयासों तथा उनकी व्यापक और भविष्योन्मुखी सिफारिशों की सराहना की। उन्होंने भारतीय सांख्यिकीय प्रणालियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण आधार के रूप में एनएसएसटीए को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। इन सिफारिशों को लागू करने से भारत की क्षमता-निर्माण संरचना को सीधे तौर पर मजबूती मिलेगी, यह सुनिश्चित होगा कि आईएसएस अधिकारी अगली पीढ़ी की डेटा आवश्यकताओं को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार रहें और 'विकसित भारत @ 2047' के विजन में योगदान दें।
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