सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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सीमित आय से बेहतर आजीविका सुरक्षा तक


स्वच्छता उद्यमी योजना के माध्यम से वित्तीय स्थिरता की दिशा में श्री तडिकोंडा रामबाबू की यात्रा

प्रविष्टि तिथि: 13 OCT 2026 8:12PM by PIB Delhi

नमस्ते फ्रेमवर्क के तहत स्वच्छता उद्यमी योजना (एसयूवाई) का उद्देश्य लक्षित वित्तीय सहायता और स्वच्छता से संबंधित उपकरणों के लिए समर्थन के माध्यम से आय सृजन व आत्मनिर्भरता के अवसर पैदा करना है। इस प्रकार, स्थायी आजीविका के अवसर सफाई कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और गरिमा बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

40 वर्षीय श्री तडिकोंडा रामबाबू अनुसूचित जाति समुदाय के एक सफाई कर्मचारी हैं। वह 2016 से विजयवाड़ा नगर निगम में आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे हैं।

दसवीं की परीक्षा पास करने के बाद, आर्थिक तंगी के कारण वह आगे नहीं पढ़ सके। उनका परिवार मुख्य रूप से उनकी लगभग 19,000 रुपये की मासिक आय पर निर्भर था, और ऐसे में घर का खर्च चलाना तथा अपने दो बेटों की पढ़ाई का खर्च उठाना उनके लिए एक निरंतर चुनौती बनी हुई थी।

श्री रामबाबू की पत्नी एक गृहिणी हैं। उनका बड़ा बेटा दसवीं कक्षा में और छोटा बेटा इंटरमीडिएट के दूसरे वर्ष में पढ़ रहा है। सीमित आर्थिक संसाधनों व सामाजिक भेदभाव के अनुभवों के बावजूद, वह अपने परिवार के जीवन स्तर को सुधारने और अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर प्रदान करने की आकांक्षा रखते हैं।

21 अगस्त 2025 को, श्री रामबाबू और उनके चार अन्य साथियों को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की स्वच्छता उद्यमी योजना (एसयूवाई) के तहत नमस्ते फ्रेमवर्क के तहत सहायता मिली। इस समूह को गल्फर 8 के.एल. डीस्लजिंग वाहन की खरीद हेतु एक परियोजना के लिए अग्रिम पूंजी सब्सिडी दी गई, जिससे वे स्वच्छता संबंधी सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हुए और अपने वर्तमान कार्य के अतिरिक्त आय का एक नया स्रोत बना सके।

परियोजना की कुल लागत 50 लाख रुपये थी, जिसमें 31.25 लाख रुपये का ऋण और 18.75 लाख रुपये की कैपिटल सब्सिडी शामिल थी। इस परियोजना के माध्यम से, श्री रामबाबू अब प्रति माह लगभग 10,000 रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित करते हैं। उनकी कुल मासिक आय लगभग 19,000 रुपये से बढ़कर लगभग 29,000 रुपये हो गई है, जिससे उन्हें घर के खर्चों और अपने बच्चों की शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलती है।

अतिरिक्त आय ने परिवार की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत किया है और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के दबाव को कम किया है। इस परियोजना ने श्री रामबाबू और उनके समूह के सदस्यों को स्वच्छता से जुड़ी उद्यमिता गतिविधियों के माध्यम से अधिक स्थायी आजीविका बनाने का अवसर भी प्रदान किया है।

श्री तडिकोंडा रामबाबू की यात्रा सफाई कर्मचारियों के बीच आजीविका सृजन और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को समर्थन देने में नमस्ते फ्रेमवर्क के तहत स्वच्छता उद्यमी योजना की भूमिका पर प्रकाश डालती है। स्वच्छता उपकरणों हेतु पूंजी सब्सिडी तक पहुंच को सुगम बनाकर, इस योजना ने उनकी आय बढ़ाने, बच्चों की शिक्षा में मदद करने तथा परिवार के लिए बेहतर और गरिमामय भविष्य की दिशा में अग्रसर होने में सहायता की है।

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पीके/केसी/आरटी/एसके


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